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CM केजरीवाल ले रहे कम कैलोरी, जानबूझकर खा रहे कम खाना; दिल्ली के उपराज्यपाल ने लगाया आरोप

Arvind Kejriwal: शराब घोटाले में जेल में बंद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की सेहत को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखा है। बता दें हाल ही में आम आदमी पार्टी के नेताओं सांसदों और मंत्रियों ने दिल्ली के सीएम की तबीयत को लेकर जेल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए थे।

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जानबूझकर कम खाना खा रहे सीएम केजरीवाल- उपराज्यपाल वीके सक्सेना

KEY HIGHLIGHTS
  • मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा जानबूझकर कम कैलोरी लिए जाने के कई उदाहरण हैं- वीके सक्सेना
  • केजरीवाल टाइप-2 मधुमेह से हैं पीड़ित
  • मुख्यमंत्री ने छह जुलाई को तीनों समय निर्धारित आहार नहीं लिया

Arvind Kejriwal Health Update: दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने आरोप लगाया है कि न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उन्हें दी जा रही भोजन की चिकित्सकीय खुराक और दवाएं संभवत: जानबूझकर नहीं ले रहे। उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव नरेश कुमार को लिखे पत्र में केजरीवाल के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जेल अधीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा जानबूझकर कम कैलोरी लिए जाने के कई उदाहरण हैं, जबकि उन्हें घर का बना खाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस मामले पर आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

केजरीवाल टाइप-2 मधुमेह से हैं पीड़ित

उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा कि सक्सेना ने जेल प्राधिकारियों को सुझाव दिया है कि वे मुख्यमंत्री को निर्धारित आहार के अलावा दवा और इंसुलिन की तय खुराक लेने की सलाह दे सकते हैं, क्योंकि केजरीवाल टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित हैं। आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर जेल में बंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को स्थायी नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि आप प्रमुख का वजन कम हो गया है तथा उनके रक्त शर्करा स्तर में गिरावट आई है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि केजरीवाल कोमा में भी जा सकते हैं और उनके मस्तिष्क को भी क्षति हो सकती है, क्योंकि उनका रक्त शर्करा स्तर एक रात में पांच बार 50 मिलीग्राम/डीएल तक गिर गया था।

उपराज्यपाल द्वारा मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र के अनुसार, आहार निगरानी चार्ट से पता चलता है कि छह जून से 13 जुलाई के बीच मुख्यमंत्री ने दिन में तीन बार आहार के लिए निर्धारित पूरी खुराक का सेवन नहीं किया। पत्र में कहा गया है कि रिपोर्ट में वजन में कमी (आत्मसमर्पण की तिथि दो जून, 2024 को वजन 63.5 किलोग्राम था लेकिन अब 61.5 किलोग्राम रह गया है) का भी संकेत मिलता है। प्रथम दृष्टया, इसका कारण कम कैलोरी सेवन प्रतीत होता है। इसमें कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि 18 जून को उन्हें इंसुलिन नहीं दिया गया था या जेल प्राधिकारियों ने रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं किया था।

उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा कि अधिकतर दिनों में ग्लूकोमीटर जांच की रीडिंग और लगातार ग्लूकोज निगरानी तंत्र (सीजीएमएस) की रीडिंग के बीच भी काफी अंतर हैं। उन्होंने कहा कि दोपहर के भोजन से पहले केजरीवाल की ग्लूकोमीटर रीडिंग 104 एमजीएल थी, जबकि 19 जून को दोपहर साढ़े 12 बजे दोपहर के भोजन से पहले सीजीएमएस रीडिंग 82 एमजीएल थी। उसने कहा कि ग्लूकोमीटर जांच रीडिंग और सीजीएमएस रीडिंग के बीच स्पष्ट अंतर को सक्षम चिकित्सा अधिकारियों द्वारा सत्यापित किए जाने की आवश्यकता है।

सीएम केजरीवाल नहीं ले रहे निर्धारित खुराक

उपराज्यपाल कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने छह जुलाई को तीनों समय निर्धारित आहार नहीं लिया और उन्हें नाश्ते से पहले पांच यूनिट इंसुलिन, दोपहर के भोजन से पहले चार यूनिट और रात के खाने से पहले दो यूनिट इंसुलिन दी गईं। जेल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि सात जुलाई को फिर से निर्धारित खुराक नहीं ली गई और उस दिन नाश्ते से पहले पांच यूनिट और दोपहर के भोजन से पहले चार यूनिट इंसुलिन दी गईं तथा मुख्यमंत्री ने रात के खाने से पहले इंसुलिन लेने ने इनकार कर दिया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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