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लेह में हिंसक हुआ आंदोलन, सोनम वांगचुक के अनशन में समर्थक भड़के; पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं

Sonam Wangchuk Hunger Strike: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। सोनम वांगचुक और स्थानीय लोग 35 दिन की भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जो अब 15वें दिन में पहुंच चुकी है। इस बीच प्रदर्शनकारियों का संयम जवाब दे गया और आज बुधवार 24 सितंबर को उनकी पुलिस से झड़प हो गई।

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लेह में वांगचुक समर्थकों और पुलिस में झड़प

Sonam Wangchuk Hunger Strike: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का आज 15वां दिन है। लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों को लेकर आंदोलन पिछले कुछ दिनों से काफी तेज हो गया है। आज यानी बुधवार 24 सितंबर को पुलिस और वांगचुक के समर्थकों के बीच झड़प देखने को मिली। इस दौरान पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं भी हुईं।

इससे पहले सोमवार, 22 सितंबर 2025 को नागरिक समाज के नेताओं ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 6 अक्टूबर को वार्ता के लिए बुलाए जाने के फैसले को 'एकतरफा' करार दिया। उनका कहना था कि मंत्रालय को यह बैठक पहले करनी चाहिए थी।

लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और स्थानीय निवासी 35 दिन तक चलने वाली इस भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगें लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की हैं, ताकि क्षेत्र को जनजातीय दर्जा मिल सके।

प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय में की तोड़फोड़

सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से लेह में भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन आज उनके समर्थक भड़क गए। उन्होंने लद्दाख को राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर भाजपा दफ्तर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा दफ्तर में तोड़फोड़ की भी खबरें हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया।

अनशन पर बैठे दो लोग बीमार पड़े

आज सोनम वांगचुक के समर्थकों का संयम उस समय टूट गया, जब अनसन पर बैठे दो कार्यकर्ता शेरिंग आंगचुक (72) और ताशी डोलमा (60) बीमार पड़ गए। दोनों को लद्दाख के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लेह एपेक्स बॉडी ने युवाओं से प्रदर्शन में शामिल होने को कहा।

लेह एपेक्स बॉडी ने आज युवाओं से प्रदर्शन में शामिल होने को कहा और बंद का ऐलान किया। इस प्रदर्शन के दौरान ही युवाओं की पुलिस से झड़प हुई। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। भीड़ लेह में भाजपा कार्यालय में घुस गई और वहां तोड़फोड़ की। हालात को काबू करने के लिए तुरंत CRPF को तैनात किया गया।

आंदोलन अब तक शांतिपूर्ण ही रहा था

लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के सह-संयोजक और लद्दाख बौद्ध संघ (LBA) के अध्यक्ष चेरीन दोरजे लाकरुक ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'लोग अब अधीर हो रहे हैं और हालात हाथ से निकल सकते हैं। अब तक हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन अनुभव कहता है कि जब तक दबाव न बने, सरकार गंभीरता से नहीं लेती। गृह मंत्रालय ने बहुत देर से वार्ता का ऐलान किया है, इसे तुरंत होना चाहिए।'

भाजपा ने 2020 में किया था वादा

वांगचुक का कहना है उनकी मांगों के समाधान में देरी से भाजपा की आगामी हिल काउंसिल चुनावों में संभावनाएं भी प्रभावित होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार चुनावों को टालने या भंग करने तक जा सकती है, लेकन यह अनुचित खेल होगा। भाजपा को वह वादा निभाना चाहिए, जो 2020 के हिल काउंसिल चुनावों के दौरान उन्होंने किया था। उस समय भाजपा ने वादा किया था कि लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा दिया जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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