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LAC पर चीन को मिलेगा जवाब, आर्मी और एयर फोर्स ने किया इंट्रा-थियेटर एयर मोबिलिटी ऑपरेशंस का पूर्वाभ्यास

  • Authored by: शिवानी शर्माEdited by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 23, 2023, 05:15 PM IST

भारतीय सेना और वायु सेना ने संयुक्त रूप से पूर्वी थिएटर में मल्टी डोमेन एयर-लैंड अभ्यास वायु प्रहार का आयोजन किया। मार्च 2023 के दूसरे सप्ताह में, एलएसी पर इंट्रा-थियेटर एयर मोबिलिटी ऑपरेशंस का पूर्वाभ्यास किया।

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सेना और वायु सेना ने किया पूर्वाभ्यास (तस्वीर सौजन्य- Indian Army)

मार्च 2023 के दूसरे सप्ताह में, एलएसी पर चीन को जवाब देने के लिए पूर्वी कमान में आर्मी और एयरफोर्स ने इंट्रा-थियेटर एयर मोबिलिटी ऑपरेशंस का पूर्वाभ्यास किया। भारतीय सेना और वायु सेना ने संयुक्त रूप से पूर्वी थिएटर में मल्टी डोमेन एयर-लैंड अभ्यास वायु प्रहार का आयोजन किया, ताकि सह-क्रियाशील मल्टीफंक्शन डोमेन संचालन के लिए संयुक्त योजनाओं को पूरा किया जा सके। मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस को सफल प्रभाव देने के लिए सभी डोमेन में सैन्य गतिविधियों को ऑर्केस्ट्रेट किया जा रहा है।

संयुक्त अभ्यास में अग्रिम लैंडिंग ग्राउंड में एयर मोबिलाइजेशन के संचालन के लिए भीतरी इलाकों से एक निर्धारित रैपिड रिएक्शन फोर्स का तेजी से जुटाना शामिल होता है। एक्सरसाइज वायु प्रहार में इस तरह की मोबिलाइजेशन की ड्रिल भी की गई ताकि अगर युद्ध की स्थिति बनती है तो किस तरह से भारतीय वायु सेना और सेना आपसी तालमेल के साथ जल्द से जल्द अपने डेप्लॉयमेंट को अंजाम दे सकते हैं। एयर लैंडेड फोर्स चुनौतीपूर्ण उच्च ऊंचाई वाले इलाके की परिस्थितियों में एक अभ्यास परिदृश्य के अनुसार आकस्मिक कार्यों को अंजाम देती है और इसीलिए ईस्टर्न कमांड में की गई इस एक्सरसाइज में इस बात का खास ख्याल रखा गया।

अभ्यास वायु प्रहार के आयोजन से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और पूर्वाभ्यास हुआ, जिससे एक थिएटर के भीतर बलों की त्वरित लामबंदी, परिवहन और तैनाती की जा सके, जिसे सभी थिएटरों में निष्पादित किया जा सकता है। इस अभ्यास ने सहक्रिय संयुक्त संचालन के लिए सर्वोत्कृष्ट प्रक्रियाओं को मान्य और परिष्कृत किया। ईस्टर्न थियेटर में 96 घंटे के इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना के साथ सेना के गठन, विशेष बलों ने भाग लिया।

शिवानी शर्मा
शिवानी शर्माauthor

19 सालों के पत्रकारिता के अपने अनुभव में मैंने राजनीति, सामाजिक सरोकार और रक्षा से जुड़े पहलुओं पर काम किया है। सीमाओं पर देश के वीरों का शौर्य, आत्मनिर्भर होती भारत की सेनाओं का साहस और रक्षा मंत्रालय की हर हलचल के साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध को नज़दीक से देखा, समझा और रिपोर्ट किया है। विषमताओं को पार कर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 19,300 फीट पर दुनिया के सबसे ऊँचे पास पर पहुँचने वाली पहली पत्रकार होने का गौरव प्राप्त किया। Times Now नवभारत पर रक्षा क्षेत्र से जुड़ी ऐसी महत्वपूर्ण खबरें लाना मेरी कोशिश है जो आपको सिर्फ सच बताएं।

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