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PM Modi के अमेरिका दौरे से चीन को लगी मिर्ची, US के खिलाफ खूब निकाली भड़ास

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 20, 2023, 12:08 PM IST

PM Modi US visit: पीएम मोदी के ऐतिहासिक अमेरिका दौरे पर चीन ने कहा है कि अमेरिका, भारत के साथ रिश्तों को इसलिए मजबूत कर रहा है, जिससे वह चीन के आर्थिक विकास को रोक सके और खुद को हमारे मुकाबले मजबूत बना सके।

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PM Modi- Joe Biden

Photo : BCCL

PM Modi US visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हो गए हैं। यह पीएम मोदी की पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा है। इस दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन से भी मुलाकात करेंगे।

पीएम मोदी यह दौरा दोनों देशों के बीच कूटनीतक संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान पीएम मोदी अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। अमेरिका यात्रा के दौरान जो बाइडन के साथ वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी बैठक कर सकते हैं। इस बीच पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से चीन को मिर्ची लगी है। चीन ने कहा है कि अमेरिका, भारत के साथ रिश्तों को इसलिए मजबूत कर रहा है, जिससे वह चीन के आर्थिक विकास को रोक सके और खुद को हमारे मुकाबले मजबूत बना सके।

चीन को रोकने के लिए भारत को आगे बढ़ा रहा अमेरिका

पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा को लेकर चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स में एक आलेख छपा है। इसमें कहा गया है कि चीन के आर्थिक विकास और उसका सामना करने के लिए अमेरिका भारत को समर्थन कर रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका भारत को चीन के खिलाफ एक ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहा है। रिपोर्ट में आगे कहा गया हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक व्यापार बढ़ा है। 2023 तक अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर बैठा है।

चीन की जगह नहीं ली जा सकती

चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के ये सभी प्रयास खुले तौर पर दुनिया के सामने हैं कि भारत के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग चीन के आर्थिक विकास की गति को रोकने के लिए हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि चीन के खिलाफ अमेरिका एक साजिश रच रहा है, लेकिन ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की स्थिति को भारत या अन्य कोई अर्थव्यवस्था रिप्लेस नहीं कर सकती है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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