China renames places in Arunachal pradesh: अरुणाचल प्रदेश में भारत की ओर से जी-20 की बैठक आयोजित किए जाने के बाद चीन की बौखला गया है। इस प्रदेश पर अपना दावा जताने के लिए उसने एक बार फिर अपनी चालबाजी दिखाई है। अब उसने अपनी भाषा के अनुरूप अरुणाचल के 11 स्थानों के नाम बदले हैं। चीन इन इलाकों को तिब्बत के दक्षिणी भाग होने का दावा करता है और इसे 'जांगनान' नाम से बुलाता है। बता दें कि भारत ने बीते सप्ताह अरुणाचल प्रदेश में जी-20 की बैठक बुलाई थी लेकिन चीन ने इस कार्यक्रम से दूरी बना ली।
11 जगहों के नाम बदले
अरुणाचल प्रदेश के इन 11 जगहों के नाम बदले जाने को लेकर चीन के गृह मंत्रालय की ओर से रविवार को एक बयान जारी किया गया। यह बयान चीनी, तिब्बती एवं पिनयिन भाषा में जारी हुआ है। चीन की कम्युनिस्ट सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेट काउंसिल के निर्देश पर भूस्थानिक तथ्यों को ध्यान में रखते ये नामकरण हुए हैं।
अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग-सरकारी सूत्र
टीओआई की रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की कवायद पहली बार नहीं हुई है। स्थानों को गढ़ा हुआ नाम देने से धरातल पर स्थितियां नहीं बदलेंगी। सूत्र ने कहा, 'अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न रहा है और वह आगे भी बना रहेगा।'
चीन के रक्षा मंत्री भारत आने वाले हैं
नाम बदलने की यह प्रक्रिया ऐसे समय हुई है जब चीन के रक्षा मंत्री एससीओ बैठक के लिए दिल्ली आने वाले हैं। रक्षा मंत्री का यह दौरा अगले सप्ताह हो सकता है। इस बार एससीओ बैठक की अध्यक्षता भारत के पास है। एससीओ समिट जुलाई में होनी है और इस बैठक में शामिल होने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली आ सकते हैं।
पहले भी नाम बदल चुका है
चीन ने जिन 11 जगहों के नाम बदले हैं उनमें दो धरातल वाली जगहें, दो आवासीय इलाके, पांच पर्वतीय चोटियां और दो नदियां शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलने की कार्रवाई चीन 2017 और 2021 में भी कर चुका है।
