IEC 2023: इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव (India Economic Conclave) में भारतीय नौसेना के चीफ एडमिरल आर हरि कुमार ने अग्निपथ योजना से लेकर नौसेना की चुनौतियों पर खुलकर बात की। चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल आर हरि कुमार ने बताया कि अग्निपथ स्कीम से युवाओं को ज्यादा मौके मिल रहे हैं। पहले ही तुलना में ज्यादा भर्तियां होंगी।
नौसेना कितनी तैयार
टाइम्स नाउ के एडिटर इन चीफ और BCCL - BTDT के एडिटोरियल डायरेक्टर राहुल शिवशंकर से इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में बात करते हुए नौसेना चीफ ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने में नौसेना पूरी तरह से तैयार और सक्षम है। हमारी नौसेना सभी तरह के मिशनों के लिए तैयार है।
अग्निपथ का मतलब
चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल आर हरि कुमार ने अग्निपथ योजना पर बात करते हुए कहा कि हम इस योजना के साथ शुरू से ही जुड़े हुए हैं। इस पर बहुत काम हुआ उसके बाद इसे लागू किया गया। अग्निपथ योजना का मतलब बताते हुए नौसेना चीफ ने कहा कि इसके नाम में पूरी कहानी है। पहला लेटर A- आजादी का अमृतकाल स्कीम को रिप्रजेंट करता है। G का मतलब- ग्रोथ ओरिएंटेड स्कीम है......। हम इसके जरिए युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। हमारी योजना है कि अग्निवीर देश के कोने-कोने से हों। हर ब्लॉक, हर गांव से अग्निवीर हों।
नौसेना में होगा बड़ा बदलाव
एडमिरल आर हरि कुमार ने आगे कहा कि इस योजना से सेना का चेहरा ही बदल जाएगा। आज हमारे नौसैनिकों की औसत उम्र 32 साल है जो इसके कारण घटकर 25 से 26 साल तक आ जाएगी। अग्निपथ योजना की आलोचनाओं पर जवाब देते हुए आर हरि कुमार ने कहा कि इसमें अफवाह ज्यादा है। सच्चाई नहीं है।
नौसेना की आत्मनिर्भता
नौसेना में आत्मनिर्भता पर बात करते हुए एडमिरल ने कहा कि नौसना ने इस मामले में अपना टारगेट सेट कर रखा है। हम 1961 से मेड इन इंडिया पर काम कर रहे हैं। जहाज बना रहे हैं। धीरे-धीरे हम एयरक्राफ्ट बनाने तक पहुंच गए हैं। एयरक्राफ्ट बना चुके हैं। कई चीजों पर काम चल रहा है। हम अपने लिए स्टील खुद बनाने लगे हैं। कई मशीनें भारत में ही बन रही है। जल्द ही हमारे पास अपना खुद का इंजन होगा।
चीन पर क्या बोले
हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी उपस्थिति पर बोलते हुए, नौसेना प्रमुख ने कहा कि नौसेना चीनी मूवमेंट पर निगरानी रख रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का लक्ष्य अब इस क्षेत्र में पसंदीदा भागीदार बनना है। नौसेना श्रीलंका, म्यांमार और फिलीपींस सहित क्षेत्र के अन्य देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
