K Sivan on
वैसे, रोचक बात है कि यह वही सिवन जिनके इसरो चेयरमैन रहते चंद्रयान-2 लॉन्च हुआ था। हालांकि, चार साल पहले वह मिशन फेल हो गया था। सिवन तब टूट से गए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने जज्बाती होकर रोने लगे थे। आज इंडिया के वैज्ञानिकों के कौशल और मेधा ने साबित कर दिया कि वह सिवन के आंसू नहीं बल्कि एक किस्म का तप था।
देखिए, सिवन ने और क्या कहा?:
इस बीच, पीएम मोदी ने देशवासियों, इसरो और वैज्ञानिक समुदाय को बधाई दी। साथ ही कहा कि यह पल ‘अविस्मरणीय, अभूतपूर्व’ और ‘‘विकसित भारत के शंखनाद’’ का है। उन्होंने द.अफ्रीका से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए कहा, ‘‘जब हम अपनी आंखों के सामने ऐसा इतिहास बनते हुए देखते हैं तो जीवन धन्य हो जाता है। ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं राष्ट्रीय जीवन की चिरंजीव चेतना बन जाती है।’’
जब जज्बाती हो गए थे सिवन, तब पीएम ने संभाला था
दरअसल, इसरो ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस एलएम की साफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ। हिंदुस्तान इसके साथ ही चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर साफ्ट लैंडिंग कराने वाला दुनिया का पहला देश और चांद की सतह पर साफ्ट लैंडिंग करने वाले चार देशों में शामिल हो गया है।
