इसरो ने मिशन मून पर दिया ये बड़ा अपडेट
चंद्रयान-3 मिशन को लेकर इसरो ने ट्वीट करके ये बताया कि 'दूसरे और अंतिम डीबूस्टिंग ऑपरेशन ने एलएम कक्षा को सफलतापूर्वक 25 किमी x 134 किमी तक कम कर दिया है। मॉड्यूल को आंतरिक जांच से गुजरना होगा और तय लैंडिंग स्थल पर सूर्योदय का इंतजार करना होगा। पावर्ड डिसेंट 23 अगस्त, 2023 को लगभग 1745 बजे IST पर शुरू होने की उम्मीद है।'
अब सभी को किस बात का है इंतजार?
18 अगस्त को लैंडर मॉड्यूल का पहला डिबूस्टिंग ऑपरेशन हुआ था। सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले 23 अगस्त को भारत चांद पर सफल लैंडिंग के साथ ही इतिहास रच सकता है। मिशन चंद्रयान-3 अब तक इसरो की प्लानिंग के मुताबिक आगे बढ़ रहा है। ऐसे में अब इंतजार है तो सिर्फ 23 अगस्त के शाम 5 बजकर 47 मिनट का.. जब चंद्रयान-3 को चांद पर उतारा जाएगा। अगर सफल लैंडिंग हुई तो रूस, अमेरिका और चीन के चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत चौथा देश बन जाएगा।
इसरो के लिए सबसे कठिन चरण तब शुरू होगा जब विक्रम लैंडर को 24 या 30 km की ऑर्बिट मिल जाएगी। चांद के एकदम करीब पहुंचने पर लैंडर की गति कम करनी होगी। अब विक्रम लैंडर को सही जगह ढूंढना होगा और सही स्पीड में लैंडिंग करने में सावधानी बरतनी होगी। देशभर में भारत के मिशन मून के सफल होने की कामना की जा रही है।
