बकौल डॉ.राजीव, “मिशन में बाकी बचा हुआ समय बहुत ही अहम है क्योंकि अब हम पावर डिसेंट और फिर नेविगेशन के लिए जाएंगे। आगे सतह पर धीमी गति से उतरेंगे। ऐसे में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण चरण है। यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है लेकिन असली फल लैंडिंग के बाद आएगा। सुरक्षित लैंडिंग के बाद उसका हम भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।"
आगे यह पूछे जाने पर कि भारत के अंतरिक्ष मिशन के लिए अगला कदम क्या है? उन्होंने डिटेल्स दिए बिना कहा कि वैज्ञानिक रूप से मिशन और अवलोकन जारी रहेंगे। वह बोले- मैं आपको तुरंत यह नहीं बता पाऊंगा कि अनुवर्ती मिशन क्या होंगे। लेकिन जाहिर है, आप उम्मीद कर सकते हैं कि विज्ञान कभी नहीं रुकेगा। इस तरह वैज्ञानिक अध्ययन के संदर्भ में और अवलोकन के संदर्भ में निरंतरता बनी रहेगी।
उधर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि उसने चंद्रयान-3 मिशन के ‘लैंडर मॉड्यूल’ (एलएम) को कक्षा में थोड़ा और नीचे सफलतापूर्वक पहुंचा दिया है। अब 23 अगस्त, 2023 को शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा की सतह पर उतरने की उम्मीद है। लैंडर माड्यूल प्रस्तावित ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से पहले अंदरूनी जांच की प्रक्रिया से गुजरेगा।
