वैसे, इससे पहले इसरो ने कहा था कि वह 23 अगस्त को चंद्रयान-3 की चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने की कोशिश करेगा। दरअसल, चंद्रयान-3 को प्रक्षेपित किए जाने के बाद से उसे कक्षा में ऊपर उठाने की प्रक्रिया को पांच बार सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। एक अगस्त को अंतिरक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा से ऊपर उठाकर चंद्रमा की ओर बढ़ाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया और यान को ‘ट्रांसलूनर कक्षा’ में डाल दिया गया।
वैसे, इससे पहले एक अगस्त, 2023 को इसरो की ओर से जानकारी दी गई थी कि चंद्रयान-3 को पृथ्वी की कक्षा से घूमने की प्रक्रिया के बाद चंद्रमा की ओर रवाना करने के घंटों बाद भी यान सामान्य तरीके से काम कर रहा है। अंतरिक्ष केंद्र से वैज्ञानिकों की ओर से किए गए यान को अगली कक्षा में धकेलने को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। यह प्रक्रिया तब पूरी गई जब अंतरिक्ष यान पृथ्वी (पेरिजी) के सबसे करीब था।
इस प्रक्रिया के तहत अंतरिक्ष यान को एक ‘ट्रांसलूनर कक्षा’ में डाल दिया जिसमें यह चंद्रमा के प्रभाव क्षेत्र में प्रवेश करेगा है। अब से लगभग चार दिनों में एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया के तहत अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। आगामी 23 अगस्त को चंद्रयान-3 की चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने की कोशिश करेगा। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
