MP High Court on RSS: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बैंच ने आरएसएस को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने पिछले पांच दशक से आरएसएस के कार्यक्रमों में केंद्रीय कर्मरचारियों के जाने पर लगी रोक को हटा दिया है। वहीं, सरकार को 15 दिवस के भीतर आदेश के पालन हेतु दिए दिशा निर्देश दिए हैं।
हाल ही में सरकार ने भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने पर लगी रोक हटा ली थी। संघ ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया था। आरएसएस ने कहा था कि फैसले से देश की लोकतांत्रिक प्रणाली मजबूत होगी। उसने पूर्ववर्ती सरकारों पर अपने राजनीतिक हितों के कारण सरकारी कर्मचारियों को संघ की गतिविधियों में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित करने का आरोप भी लगाया।
RSS ने कहा, लोकतांत्रिक प्रणाली होगी मजबूत
प्रतिबंध हटाने संबंधी सरकारी आदेश के बाद आरएसएस प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने एक बयान में कहा था कि सरकार का ताजा फैसला उचित है और यह भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत करेगा। विपक्ष के कई नेताओं ने सरकारी कर्मचारियों पर संघ की गतिविधियों में हिस्सा लेने पर लगा प्रतिबंध हटाने के केंद्र के फैसले की आलोचना की है। आंबेकर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 99 वर्षों से लगातार राष्ट्र के पुनर्निर्माण एवं समाज की सेवा में सक्रिय है।
उन्होंने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता-अखंडता और प्राकृतिक आपदा के समय में समाज को साथ लेकर चलने में संघ के योगदान के कारण देश के विभिन्न स्तर के नेतृत्व ने समय-समय पर संघ की भूमिका को सराहा है। आंबेकर ने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों के कारण तत्कालीन सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के संघ जैसे रचनात्मक संगठन की गतिविधियों में हिस्सा लेने पर बेबुनियाद प्रतिबंध लगा दिया था।
