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CBI का बड़ा एक्शन; ऑपरेशन साइस्ट्राइक में 35 ठिकानों पर छापेमारी, भारत से विदेश तक फैला साइबर जाल टूटा

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी और समन्वित कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऑपरेशन साइस्ट्राइक के तहत कई देशों की जांच एजेंसियों के सहयोग से ऑनलाइन ठगी करने वाले संगठित गिरोहों पर कड़ा प्रहार किया गया। इस अभियान में भारत सहित विदेशों में फैले साइबर-आधारित वित्तीय अपराध नेटवर्क को तोड़ने में अहम सफलता मिली।

CBI Operation CyStrike: Major International Crackdown on Cyber Financial Crime Networks

CBI की साइबर फाइनेंशियल क्राइम नेटवर्क पर बड़ी इंटरनेशनल कार्रवाई (फोटो: PTI)

Photo : PTI

CBI Operation CyStrike: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हाल ही में एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसे ऑपरेशन साइस्ट्राइक नाम दिया गया। इस अभियान में भारत के साथ-साथ अमेरिका की एफबीआई, यूनाइटेड किंगडम, कुवैत, आयरलैंड और सिंगापुर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलकर समन्वित रूप से काम किया। इस पहल का मकसद भारत और अन्य देशों से संचालित हो रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर-आधारित वित्तीय अपराध गिरोहों पर शिकंजा कसना था।

इस कार्रवाई के तहत सीबीआई ने नई दिल्ली समेत बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में कुल 35 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान कई ऐसे संगठित साइबर ठगी नेटवर्क सामने आए, जो अमेरिका, ब्रिटेन, कुवैत, आयरलैंड, सिंगापुर और भारत के नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बना रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी पहचान का सहारा लेकर लोगों को भ्रमित करते थे और उनसे भारी धनराशि ठग लेते थे।

क्या-क्या हुआ बरामद?

दिल्ली में सक्रिय एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का खुलासा हुआ, जो खास तौर पर अमेरिकी नागरिकों को अपना निशाना बना रहा था। इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, कंप्यूटर हार्ड डिस्क सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जिनमें अपराध से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिले। मौके से एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया।

फर्जी जॉब ऑफर का पर्दाफाश

इसी क्रम में एक अन्य संगठित गिरोह का भी पता चला, जो नई दिल्ली, गाजियाबाद और कर्नाटक से फर्जी डोमेन के जरिए संचालित हो रहा था। यह गिरोह भारतीय नागरिकों को कुवैत की बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने और ई-वीजा उपलब्ध कराने का झूठा दावा कर ठगी कर रहा था। छापेमारी के दौरान नकली कुवैती ई-वीजा और फर्जी जॉब ऑफर से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए, वहीं एक आरोपी के पास से करीब 60 लाख रुपये नकद भी जब्त हुए।

बैंक खातों को किया गया सील

इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड और सिंगापुर के लोगों को ठगने वाले अन्य साइबर नेटवर्क पर भी कार्रवाई कर उन्हें खत्म कर दिया गया। इन अपराधों से प्राप्त पैसे को भारत तक पहुंचाने वाले बैंक खातों की पहचान कर उन्हें सील कर दिया गया। सीबीआई की अगुवाई में इंटरपोल और विदेशी जांच एजेंसियों के सहयोग से चलाए गए इस अभियान ने संगठित साइबर अपराध को गहरी चोट पहुंचाई है। कई बड़े नेटवर्क बाधित या पूरी तरह खत्म हो चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर वित्तीय अपराध पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

(इनपुट - आईएनएस)

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 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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