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Kal Ka Mausam : आने वाला है चक्रवाती तूफान, कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के आसार; बर्फबारी से गिरेगा तापमान

Kal Ka Mausam (23 October 2026) कल का मौसम कैसा रहेगा मानसून की बारिश पर आईएमडी का अलर्ट : बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया चक्रवाती तूफान में बदलने वाला है, जिससे 28 अक्टूबर से पश्चिम बंगाल के तटीय और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। इसका असर पूर्वी भारत और दक्षिणी हिस्सों पर भी रहेगा। इधर, उत्तर भारत में भी बादलों की आवाजाही रहेगी।

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कल का मौसम

कल का मौसम कैसा रहेगा : मौसम विभाग ने उत्तर भारत में आंशिक तौर पर पश्चिमी विक्षोभ के असर की बात कही है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में हल्की बदली छाई नजर आ सकती है। कमोबेश मौसम का यही हाल उत्तर प्रदेश, बिहार में रहने वाला है, लेकिन राजस्थान में हल्की बारिश के आसार जताए जा रहे हैं। कुछ संभावनाएं हरियाणा और पंजाब में भी दिखाई दे रही हैं। उधर, पहाड़ों पर अगले कुछ घंटे में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने वाला है, जिसके असर से हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ बर्फबारी और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिस्सों पर हल्की बर्फबारी के साथ बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट रिकॉर्ड की जा सकती है। उधर, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, जिससे 28 अक्टूबर से पश्चिम बंगाल के तटीय और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, दक्षिण भारतीय राज्यों में उत्तर पूर्वी मानसून के सक्रिय होने से मूस,लाधार बारिश का अलर्ट घोषित है।

राजस्थान में कैसा है मौसम

पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में अनेक जगह शुक्रवार व शनिवार को हल्की बारिश हो सकती है। इसके अनुसार एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 23-24 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग व आसपास के क्षेत्रों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और इस दौरान कई जगह हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यतः सूखा रहने की संभावना है। इसके अनुसार शुक्रवार सुबह तक के 24 घंटों में बीकानेर जिले में एक दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई। सर्वाधिक 4.4 मिलीमीटर बारिश बीकानेर में दर्ज की गई। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस जैसलमेर में रहा।

बंगाल में चक्रवाती तूफान के आसार

दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ सकता है। आईएमडी ने कहा कि 28 अक्टूबर से दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में गरज के साथ बारिश होने और हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। विभाग के अनुसार, दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर के तटीय जिलों के साथ-साथ पश्चिमी जिलों पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा में भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों को 26 अक्टूबर से समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, राज्य की राजधानी कोलकाता में भी 28 अक्टूबर से गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है। यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, तूफान की सटीक दिशा, तीव्रता और तट से टकराने की जगह को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

तमिलनाडु का मौसम कैसा है

आईएमडी ने चेतावनी दी कि गुरुवार को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्व-मध्य हिस्से के ऊपर बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना। इसके इसी क्षेत्र में बने रहने और 24 अक्टूबर को गहरे दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की प्रबल संभावना है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 25 अक्टूबर को और तीव्र होकर गहरे दबाव वाले क्षेत्र तथा 26 अक्टूबर की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से के ऊपर चक्रवाती तूफान में बदलने की बहुत अधिक संभावना है।

बुलेटिन में कहा गया कि इसके बाद अगले दो दिनों के दौरान इसके और तीव्र होने तथा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने की संभावना है। एक अधिकारी ने बताया कि इस दबाव क्षेत्र से तमिलनाडु को सीधे तौर पर कोई खतरा नहीं है। हालांकि, मौजूदा वायुमंडलीय परिसंचरण के कारण राज्य के उत्तरी जिलों में 26 अक्टूबर तक बारिश जारी रह सकती है। उधर, पुडुचेरी और उसके उपनगरीय इलाकों में रातभर भारी बारिश हुई ।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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