Mahua Moitra News: 'कैश फॉर क्वेरी' मामले में संसद की आचार समिति ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश की। आचार समिति ने अपनी रिपोर्ट में टीएमसी सांसद को लोकसभा से निष्कासित करने एवं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। समिति ने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है और महुआ मोइत्रा के खिलाफ समयबद्ध तरीके से कानूनी कार्रवाई एवं जांच होनी चाहिए।
महुआ के खिलाफ समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की अनुशंसा
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'महुआ मोइत्रा की तरफ से जो गंभीर कदाचार दिखा गया है वह सख्त सजा की मांग करता है। इसे देखते हुए समिति सिफिरिश करती है कि महुआ मोइत्रा को 17वीं लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित किया जाए।' रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 'महुआ मोइत्रा के अत्यंत आपत्तिजनक, अनैतिक, घृणित एवं आपराधिक आचरण को देखते हुए कमेटी भारत सरकार से टीएमसी सांसद के खिलाफ समय बद्ध तरीके से एक त्वरित, कानूनी एवं संस्थागत जांच शुरू करने की सिफारिश करती है।'
टीएमसी सांसदों ने नारेबाजी की
लोकसभा में जैसी ही यह रिपोर्ट पेश हुई, टीएमसी और कांग्रेस के कुछ सांसद सदन के सौंध में आ गए और रिपोर्ट की प्रति की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने रिपोर्ट पर वोटिंग कराने से पहले इस पर चर्चा कराए जाने की मांग की। सदन में हंगामा बढ़ता देख लोकसभा के स्पीकर पद पर आसीन भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
रिपोर्ट पेश होने के बाद संसद से निकलीं महुआ
सदन के पटल पर रिपोर्ट रखे जान के बाद महुआ मोइत्रा संसद से चली गईं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस मामले में जो कुछ भी होगा, वह दो बजे के बाद होगा।
ओम बिरला से मिले सुदीप बंदोपाध्याय
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने शुक्रवार को कहा कि सदन की आचार समिति की वह अनुशंसा ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ है जिसमें उनकी पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने की बात की गई है। बंदोपाध्याय ने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ मुलाकात की। तृणमूल नेता के अनुसार, उन्होंने बिरला से कहा कि मोइत्रा को सदन में अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए, जिस पर बिरला ने जवाब दिया कि मामले पर चर्चा के लिए आधे घंटे का समय दिया जाएगा।
