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वक्फ बिल पर जेपीसी की बैठक में विवाद, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और ओवैसी के खिलाफ मामला दर्ज

Waqf Bill JPC Meeting: गुलशन फाउंडेशन के इरफान की शिकायत पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता 196 के तहत धार्मिक विवाद पैदा करने, धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है।

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वक्फ विधेयक पर बनाई गई जेपीसी की मीटिंग में हंगामा

Photo : PTI

Waqf Bill JPC Meeting: वक्फ बिल को लेकर संसदीय संयुक्त समिति (जेपीसी) की बैठक में विवाद को लेकर मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि मुंबई में बैठक के दौरान टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से न केवल बहस की और उन्हें धमकी भी दी। इसके बाद पुलिस ने कल्याण बनर्जी और ओवैसी के खिलाफ मुंबई एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक, वक्फ बिल पर जेपीसी की बैठक के दौरान शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के और कल्याण बनर्जी के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद मामला गर्माया गया और इसमें ओवैसी भी कूद पड़े। अधिकारियों ने बताया कि गुलशन फाउंडेशन के इरफान की शिकायत पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता 196 के तहत धार्मिक विवाद पैदा करने, धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है।

वक्फ बिल का समर्थन करने पर भड़के टीएमसी सांसद

मिली जानकारी के मुताबिक, वक्फ बिल पर संसदीय संयुक्त समिति की मुंबई बैठक के दौरान गुलशन फाउंडेशन के इरफान अली ने वक्फ बिल का समर्थन किया, जिसके बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी विरोध में उतर आए और इरफान अली के प्रति नाराजगी जाहिर की। इसका शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने विरोध किया, जिसके बाद और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बीच जोरदार बहसबाजी देखी गई।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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