नई दिल्ली: लंदन के लिए रवाना हुआ बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई171) विमान गुरुवार दोपहर सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद मेघाणी नगर क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें यात्री और चालक दल समेत 242 लोग सवार थे जिनमें से 241 की मौत हो गई।
कुल मिलाकर इस हादसे में 265 लोगों की मौत हुई जिसमें 241 यात्री प्लेन में सवार थे और एक पैसेंजर विश्वास कुमार रमेश की जान आश्चर्यजनक रुप से बच गई। एयर इंडिया के विमान की कमान कैप्टन सुमित सबरवाल के पास थी और उनके साथ विमान उड़ा चुके कैप्टन एन के बेरी को 20 हजार घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस है ।
एयर इंडिया के पूर्व पायलट कैप्टन एन के बेरी ने कहा कि सबरवाल मेरे को पायलट रह चुके हैं और वह काफी अच्छे पायलट थे। गौर हो कि विमान की कमान कैप्टन सुमित सभरवाल के पास थी, उनके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर भी थे। कैप्टन सुमित सभरवाल एलटीसी हैं और उन्हें 8200 घंटों का अनुभव है। सह-पायलट को 1100 घंटों के उड़ान का अनुभव है।
जांच के बाद साफ होगा हादसे की वजह क्या थी
बेरी ने बताया कि हादसे की की वजह यह भी हो सकती है की फ्यूल प्रॉपर तरीके से इंजन तक पहुंच नहीं पाया जिसकी वजह से थ्रस्ट हुआ और इंजन का जोर लगाना बंद हो गया। क्योंकि फ्लाइट की नोज भी बिल्कुल ऊपर थी। स्पीड ठीक से मेंटेन नहीं हो पाया। ये सारी वजहें हो सकती है। लेकिन जांच के बाद ही सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा।
मे-डे का प्रयोग सिर्फ इमरजेंसी में होता है
मे-डे को हम पायलट लोग कभी इस्तेमाल हम तभी करते हैं जब हमें यह महसूस हो जाता है कि अब जिंदगी हमारी पूरी तरीके से खतरे में है
कैप्टन सबरवाल दोनों विंग को मेंटेन रखा इसलिए वह जहाज धीरे-धीरे फायरबॉल की तरह गिरा। विमान की उम्र 25 से 30 साल तक होती है। ये तो सिर्फ 11 साल पुरानी ही थीं। ड्रीम लाइनर काफी सुरक्षित विमान है।
सबसे सुरक्षित एयरक्राफ्ट
दूसरी तरफ एविएशन एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने बताया कि यह विश्व का सबसे सुरक्षित एयरक्राफ्ट है। अगर इसे पानी में भी सरवाइव करना पड़े तो 1 मिनट तक पानी में भी ऑपरेट कर सकता है। इसमें 6 पावर बैटरी बैकअप है। ट्रिपल रेडेंसी सिस्टम है।
हादसे को लेकर कई कारण मुमकिन
यह किसी को भी समझ नहीं आ रहा की क्या कारण हो सकता है। विमान के अमूमन हादसे में तीन-चार कारण होते हैं। जिसमें पायलट एरर होता है। बर्ड हिट की वजह से भी ऐसे हादसे होते हैं। लेकिन एक चिड़िया से नहीं कम से कम 3 से 4 बड़े पक्षी अगर टकराते हैं तब भी एक इंजन फेल होगा। तो दूसरे इंजन पर फ्लाइट ऑपरेट हो सकती है। कई बार टेक ऑफ या लैंडिंग के टाइम पहिया ऊपर या नीचे नहीं हो पाता। ऐसे भी हादसे होते हैं। लेकिन इनमें से ऐसी कोई वजह इस हादसे को लेकर फिलहाल नहीं दिख रही है।
