Budget 2026: हिमालयी राज्यों के लिए टूरिज्म का नया रोडमैप और किसानों के लिए 'हाई-वैल्यू' फसलों का तोहफा
- Edited by: Nishant Tiwari
- Updated Feb 1, 2026, 02:05 PM IST
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 में किसानों की समृद्धि और पर्यटन के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। विशेष रूप से हिमालयी राज्यों और तटीय क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है। आइए जानते हैं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को विशेष सौगात के रूप में क्या मिला।
बजट पेश करतीं वित्त मंत्री
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में देश के विकास को 'संतुलित और टिकाऊ' बनाने के लिए कृषि और पर्यटन क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलावों का प्रस्ताव रखा है। इस बजट में एक ओर जहां किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पारंपरिक खेती से हटकर उच्च मूल्य वाली फसलों (High-Value Crops) पर ध्यान केंद्रित किया गया है, वहीं दूसरी ओर भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र बनाने के लिए डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई बड़ी योजनाएं पेश की गई हैं।
अखरोट और पाइन नट्स की खेती को बढ़ावा
सरकार ने किसानों को अधिक लाभकारी खेती की ओर ले जाने के लिए तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं। बजट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में अखरोट और पाइन नट्स जैसी मेवों की खेती को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही तटीय क्षेत्रों में नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
पर्यटन क्षेत्र में बड़ा बदलाव
पर्यटन के अनुभव को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार ने एक अनूठी पायलट योजना शुरू की है। इसके तहत देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कार्यरत 10,000 टूर गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह 12 सप्ताह का उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण हाइब्रिड मोड में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के सहयोग से दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर संवाद, सुरक्षा और सूचनात्मक अनुभव प्रदान करना है।
हॉस्पिटैलिटी का बनेगा नेशनल इंस्टीट्यूट
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में मानकों को ऊंचा उठाने के लिए सरकार 'नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी' को अपग्रेड कर 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी' के रूप में स्थापित करेगी। यह संस्थान उद्योग की जरूरतों और अकादमिक शिक्षा के बीच सेतु का काम करेगा, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
डिजिटल नॉलेज ग्रिड और सस्टेनेबल ट्रेल्स
डिजिटल इंडिया की तर्ज पर अब देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संजोने के लिए 'राष्ट्रीय डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड' बनाया जाएगा। इसमें सभी ऐतिहासिक और विरासत स्थलों का डिजिटल डेटा दर्ज होगा। साथ ही, साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) के शौकीनों के लिए हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इसी तरह का विकास पूर्वी और पश्चिमी घाटों में भी किया जाएगा, जिससे स्थानीय ईकोलॉजी को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन को बढ़ाया जा सके।
बजट के बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट
इंटेलीस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के एमडी और सीईओ, अनिल रावल कहते हैं कि “केंद्रीय बजट 2026 भारत के बेहतर भविष्य को स्पष्ट दिखाने वाला है। यह विकसित भारत के विजन के प्रति सरकार की लगातार प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। इस बजट से सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूती मिलने वाली है। खासकर पावर सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसर, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और आरईसी लिमिटेड के प्रस्तावित पुनर्गठन से विकास के लिए तैयार वित्तीय इकोसिस्टम बनाने की लंबी अवधि की एक मजबूत रणनीति को स्पष्ट दर्शा रहा है। ये संस्थाएं न केवल पावर सेक्टर के लिए प्रमुख ऋणदाता हैं, बल्कि व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए भी तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। पावर सेक्टर विकसित भारत 2047 के लिए डिजिटल रूप से आधुनिक और आर्थिक रूप से व्यवहारिक होना बहुत जरूरी है। यह बजट इस वास्तविकता को स्पष्ट रूप से पहचानता है, जो आने वाले दशकों तक भारत की आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं का आधार बनेगा।”
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