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संसदीय समिति ने कहा, वापस लाया जाए कोहिनूर हीरा...अभी ब्रिटिश सम्राट के ताज में है जड़ा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 19, 2023, 11:25 AM IST

समिति ने संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा की शुरुआत की, जिन्होंने कहा कि चोरी की कलाकृतियों को लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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वापस लाया जाए कोहिनूर हीरा

Photo : PTI

Kohinoor: संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में ब्रिटेन के कोहिनूर हीरा वापस भारत लाने बात कही है। इसमें कहा गया है कि भारत को कोहिनूर हीरे की वापसी की मांग करनी चाहिए जो 1850 के दशक की शुरुआत में भारत से बाहर चला गया था और अभी ब्रिटिश सम्राट के ताज में जड़ा हुआ है। विरासत की चोरी पर विचार-विमर्श करने वाली एक संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया है। वाईएसआर कांग्रेस के सांसद विजय साई रेड्डी की अध्यक्षता वाली परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर स्थायी समिति ने पिछले सोमवार को 'विरासत की चोरी - भारतीय पुरावशेषों में अवैध व्यापार और हमारी मूर्त सांस्कृतिक विरासत को दोबारा प्राप्त करने और सुरक्षित रखने की चुनौतियां' नाम से अपनी रिपोर्ट दी थी।

अधिकारियों के साथ चर्चा

समिति ने संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा की शुरुआत की, जिन्होंने कहा कि चोरी की कलाकृतियों को लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोहिनूर का मामला विवादास्पद है क्योंकि इसे महाराजा दलीप सिंह ने 1849 की शांति संधि के हिस्से के रूप में ब्रिटेन को सौंप दिया था। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि भारत के पास हीरे की वापसी की मांग करने की कानूनी क्षमता नहीं है। पुरावशेष और कला खजाना अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण केवल ऐसी पुरावशेषों की वापसी के मुद्दे को उठाता है जिन्हें अवैध रूप से देश से बाहर निर्यात किया गया हो।

संस्कृति मंत्रालय का रुख 2016 में सुप्रीम कोर्ट में दायर उसके हलफनामे के अनुरूप है, जहां उसने कहा था कि हीरे को वापस नहीं लाया जा सकता क्योंकि यह उपहार के रूप में दिया गया था। हालांकि, सार्वजनिक नाराजगी के बाद मंत्रालय अपने रुख से पीछे हट गया और एक अस्पष्ट बयान जारी किया कि कोहिनूर हीरे के संबंध में भारत सरकार एक सौहार्दपूर्ण नतीजे की उम्मीद कर रही है जिसका भारत की जड़ों के गहरा नाता है।

कोहिनूर वापस पाने का एकमात्र रास्ता ब्रिटेन के साथ राजनयिक वार्ता ही है। संस्कृति मंत्रालय ने यह भी कहा कि 1976 के बाद से विदेशों में संग्रहालयों में बंद 242 पुरावशेषों और निजी संग्रह को भारत लाया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोहिनूर हीरे को वापस लाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि समिति को कोई विवरण नहीं दिया गया कि इसे लेकर किस तरह के कदम उठाए गए।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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