देश

महाराष्ट्र में H3N2 संक्रमित दो की मौत, अब तक पांच की थमीं सांसें, असम में भी एक मामला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 15, 2023, 04:52 PM IST

अहमदनगर के रहने वाले एमबीबीएस छात्र की मौत हुई है। वह कोरोना और एच3एन2 संक्रमित था। मामला सामने आने के बाद अहमदनगर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।

Image

महाराष्ट्र में H3N2 वायरस से पहली संदिग्ध मौत

Photo : iStock

H3N2 influenza virus: महाराष्ट्र में H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। बुधवार को इस वायरस से संक्रमित दो लोगों की मौत के मामले सामने आए। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बतायाा, राज्य में दो मौतें हुई हैं। एक नागपुर में और दूसरी अहमदनगर में, दोनों मरीजों में एच3एन2 पाया गया था। हालांकि, दोनों को कई बीमारियां भी थीं, जिसमें अहमदनगर में वायरस से संक्रमित व्यक्ति में कोविड की भी पुष्टि की गई थी।

जानकारी के मुताबिक, अहमदनगर के रहने वाले एमबीबीएस छात्र की मौत हुई है। वह कोरोना और एच3एन2 संक्रमित था। मामला सामने आने के बाद अहमदनगर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।

वहीं, असम में भी इस वायरस का एक मामला सामने आया है। असम स्वास्थ्य विभाग ने एक पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है।

AssamH3N2.

असम में H3N2 वायरस का पहला मामला

देश में अब तक हो चुकी हैं पांच मौतेंदेश में H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस से संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस वायरस से देश में अब तक पांच मौतों की पुष्टि भी हो चुकी है। वायरस से पहली मौत गुजरात के वडोदरा से सामने आई थी। यहां एक 58 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। इसके अलावा कर्नाटक व हरियाणा से भी मौत का मामला सामने आ चुका है। बुधवार को महाराष्ट्र से दो मौतों के मामले सामने आए।

क्या हैं लक्षण?

H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस से संक्रमित होने पर रोगी में तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, थकान, खांसी जैसे लक्षण नजर आते हैं। यह लक्षण दो तीन तीन सप्ताह तक बने रह सकते हैं। महाराष्ट्र के पुणे में इस वायरस से संक्रमित होने वालों में पांच साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा हैं। अस्पताल ऐसे संक्रमित बच्चों से भरे पड़े हैं।

पुणे में कई मामले आए सामने

महाराष्ट्र के पुणे शहर में H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस जानलेवा होता जा रहा है। यहां के अस्पतालों में इस वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा खतरा पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती होने वालों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। इन बच्चों में ज्यादातर सांस फूलने की समस्या हो रही है। इसको लेकर डॉक्टरों ने चिंता जाहिर की है।
टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article