राम मंदिर भूमि पूजन : किस्मत की वजह से राम मंदिर आंदोलन का हिस्सा बना- एल के आडवाणी
अयोध्या में भव्य एवं दिव्य राम मंदिर के लिए शिलान्यास एवं भूमिपूजन पांच अगस्त को होगा। राम मंदिर भूमिपूजन एवं शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अयोध्या पहुंचेंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने इस धार्मिक कार्यक्रम के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इस कार्यक्रम के लिए ट्रस्ट ने 175 अतिथियों को न्यौता भेजा है जिनमें से ज्यादातर मंदिर अभियान से जुड़े संत समाज के लोग हैं
Ram Mandir news: अयोध्या में भूमिपूजन एवं शिलान्यास के साथ ही राम मंदिर निर्माण कार्य का शुभारंभ हो जाएगा। बताया जाता है कि मंदिर के निर्माण में कम के कम तीन वर्षों का समय लगेगा। मंदिर के नए मॉडल में विस्तार किया गया है। पुराने मॉडल से निर्मित होने वाले मंदिर की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई सभी में वृद्धि की गई है। मंदिर में तीन गुंबद की बजाय पांच गुंबद होंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के मौके पर अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया है। अयोध्या के घाट दिवाली की अनुभूति करा रहे हैं। राम नगर की इमारतों को पीले रंग से रंगा गया है और उन पर केसरिया पताका फहराया गया है। राम मंदिर की तरफ जाने वाले मुख्य मार्गों की दीवारों पर राम कथा से जुड़े घटनाक्रमों को तस्वीरों से उकेरा गया है।
एल के आडवाणी ने 1990 आंदोलन को किया याद
राम मंदिर भूमि पूजन से पहले बीजेपी के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि आंदोलन के दौरान किस्मत से उन्हें इस पवित्र कार्य का हिस्सा बनने का मौका मिला कि वो सोमनाथ से अयोध्या की यात्रा पर निकले। इसकी वजह से हजारों और लाखों की संख्या में वो लोग जुड़े जिनकी इच्छा और आकांक्षा मंदिर निर्माण में थी।
प्रियंका गांधी पर असदुद्दीन ओवैसी का निशाना
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट के जरिए राम मंदिर भूमि पूजन पर अपने विचार रखे। उन्होंने एक खास लाइन लिखी कि राम सबमें हैं और राम सबके साथ हैं। लेकिन एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने उसमें एक राजनीतिक रंग देखा और कहा कि अच्छा है कि वो कुछ छिपा नहीं रहे हैं। यह अच्छी बात है कि वो भी अतिवादी विचारधार को गले से लगा रही हैं। लेकिन भाईचारे के मुद्दे पर पर वो खोखली बातें क्यों करती हैं। आप इस बात पर गर्व महसूस करिए कि किस तरह से आपकी पार्टी ने उस आंदोलन को मदद की जिसकी वजह से बाबरी मस्जिद गिरा दी गई।
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मथुरा में भी उत्सव का माहौल
अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के शिलान्यास की खुशी श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में भी दिखाई दे रही है और पांच अगस्त को कृष्ण जन्मस्थान पर स्थित भगवान केशवदेव भगवान राम के रूप में ही दर्शन देंगे क्योंकि कान्हा के गांव में भी उस प्रकार के उल्लास का माहौल है जैसा कि अयोध्या में नजर आ रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने इसकी जानकारी दी है। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि यह तय किया गया है कि मथुरा में भी अयोध्या के समान ही राम मंदिर के शिलान्यास के समान अनेक प्रकार के आयोजन किए जाएंगे। श्रीकृष्ण की पुण्य जन्मभूमि ऐसे दिव्य अवसर की साक्षी-सहभागी बनेगी और जो भक्तजन अयोध्या धाम नहीं जा पाये हैं वे उस आनन्द को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर ही प्राप्त कर सकेंगे।
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कार्यक्रम के लिए 175 प्रतिष्ठित अतिथियों को निमंत्रण
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए 175 प्रतिष्ठित अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संवाददाताओं से कहा कि निमंत्रण सूची भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के अलावा वरिष्ठ वकील के परासरन एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ ''निजी तौर पर चर्चा'' करके तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्य समारोह के लिए आमंत्रित किए गए 175 प्रतिष्ठित अतिथियों में से 135 संत हैं जो विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं और वे सभी उपस्थित रहेंगे।
राम के धुन में डूबी अयोध्या नगरी
अयोध्या नगरी राम मंदिर निर्माण के उत्सव में डूब चुकी है। अयोध्या के मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर राम कथा सुनाई जा रही है। अयोध्या के घाट दीपों से सज गए हैं। सावन के आखिरी दिन सोमवार को रामदल सेवा ट्रस्ट के प्रमुख पंडित कल्कि राम ने राम की पौड़ी पर हवन एवं यज्ञशाला किया। समारोह से पहले अयोध्या के मंदिरों को रंग-बिरंगे प्रकाश से सजा दिया गया है। रंग महल के पुजारी शरण दास महाराज का कहना है कि पांच अगस्त को 'दीपोत्सव' होगा।

