भारत बना दुनिया में सबसे तेज टीकाकरण करने वाला देश, दिल्ली में रिकॉर्ड 357 मौत, 24 हजार से अधिक केस
इस समय देश विकट हालात से गुजर रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के सामने हर कोई बेबश है। सरकारें कह रही हैं कि उनकी तरफ से पूरी कोशिश जारी है। लेकिन जमीन पर जो हालात बने हुए हैं वो कुछ और ही बयां कर रहे हैं। देश के ज्यादातर शहरों में ऑक्सीजन की सप्लाई पर असर पड़ा है तो अस्पतालों में बेड्स की कमी है। इन सबके बीच सरकार भरोसा दे रही है कि बहुत जल्द ही हालात पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।
कोरोना के आंकड़े डराने वाले हैं। ठीक एक साल पहले पश्चिमी देशों के आंकड़ों जिस तरह से डराते थे। आज वैसी ही स्थिति भारत में बनी हुई है। एक तरफ अस्पताल ऑक्सीजन की कमी को रोना रो रहे हैं तो दूसरी तरफ अस्पतालों में बेड्स की कमी और दवाइयों के मुद्दे पर राजनीति भी गरम गई है। केंद्र सरकार की तरफ से ऑक्सीजन सिलेंडर को अलग अलग माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि सरकार आज तक कुंभकर्णी निद्रा में सोई हुई थी।
कोवैक्सीन ने तय किए टीकों के दाम
कोविशील्ड के बाद अब कोवैक्सीन टीकों के दाम भी तय कर दिए हैं। भारत बायोटेक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, दाम तय किए गए हैं। राज्य के सरकारी अस्पतालों को जहां वैक्सीन की एक डोज 600 रुपये में मिलेगी, वहीं निजी अस्पतालों को एक डोज 1,200 रुपये में मिलेगी।
भारत बना दुनिया में सबसे तेज टीकाकरण करने वाला देश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारत केवल 99 दिन में कोविड रोधी टीके की 14 करोड़ खुराक दे चुका है और यह गति दुनिया में सबसे तेज है। मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को रात आठ बजे तक टीके की 24 लाख से अधिक खुराक दी गईं। शनिवार रात 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड रोधी टीके की अब तक कुल 14 करोड़ 8 लाख 2 हजार 94 खुराक दी गई है। मंत्रालय ने कहा, 'भारत केवल 99 दिन में कोविड-19 रोधी टीके की 14 करोड़ खुराक देकर दुनिया में सबसे तेज गति से ऐसा करने वाला देश बन गया है।'
दिल्ली में फिर दर्ज किए गए 24 हजार से अधिक केस, 357 मौत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को एक बार फिर कोरोना वायरस संक्रमण के 24 हजार से अधिक केस दर्ज किए गए हैं, जबकि रिकॉर्ड 357 लोगों की जान इस अवधि में गई है। यहां पॉजिटिविटी दर बढ़कर 32 फीसदी से अधिक हो गई है। ये आंकड़े तब हैं, जबकि यहां रोजाना के टेस्ट में लगभग 25 फीसदी की कमी आई है। दिल्ली सरकार की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में यहां 24,103 नए केस दर्ज किए गए हैं, जबकि 357 लोगों की जान इस अवधि में गई है। यहां पॉजिटिविटी रेट 32.27 प्रतिशत पर पहुंच गई है। बीते एक दिन में यहां कोविड-19 के 75,000. नमूनों की जांच की गई है। यहां जांच में तकरीबन 25 फीसदी की गिरावट है।
मध्य प्रदेश में 12,918 नए कोरोना केस
मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरसर संक्रमण के 12,918 नए केस दर्ज किए गए, जबकि इस घातक संक्रमण से 104 लोगों की जान गई। इसी अवधि में 11,091 लोग संक्रमण से उबरे। राज्य में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 4,85,703 हो गए हैं, जबकि इस बीमारी से 5,041 लोगों की जान गई है। राज्य में कोविड-19 के कुल एक्टिव केस 89,363 हैं, जबकि अब तक 3,91,299 लोग इस बीमारी से उबरे हैं।
बंगाल में कोविड केस में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
पश्चिम बंगाल में शनिवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 14,281 मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 7,28,061 हो गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार , संक्रमण के चलते 59 और रोगियों की मौत के बाद मृतकों की कुल तादाद 10,884 हो गई। राज्य में बीते 24 घंटे में 7,584 लोग संक्रमण से उबरे हैं। उपचाराधीन रोगियों की संख्या 81,375 है। पश्चिम बंगाल में शुक्रवार के बाद से से 55,060 नमूनों की जांच की जा चुकी है।
बिहार में 12,359 नए कोविड केस
बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान 12,359 नए कोविड केस सामने आए हैं। यहां कोविड-91 के कुल एक्टिव केस 81,960 हैं। सबसे अधिक 2479 केस राजधानी पटना से सामने आए हैं।
महाराष्ट्र में एक बार फिर 67 हजार से अधिक कोविड केस
महाराष्ट्र में एक बार फिर 24 घंटों के दौरान 67 हजार से अधिक कोविड केस सामने आए हैं। अकेले मुंबई में लगभग 6 हजार मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के 67,160 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 63,818 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिली है। वहीं इसी अवधि के दौरान राज्य में कोविड-19 से जान गंवाने वालों की संख्या 676 रही। राज्य में एक्टिव केस इस वक्त 6,94,480 हैं, जबकि संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 42,28,836 हो गए हैं। राज्य में 63928 लोगों ने अब तक कोविड-19 संक्रमण से जान गंवाई है, जबकि अब तक 34,68,610 लोग इस संक्रमण से उबरने में सफल रहे। राज्य में मुंबई की बात करें तो यहां बीते 24 घंटों के दौरान कोविड-19 के 5,888 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 71 लोगों की जान इस घातक संक्रमण से गई है।
दिल्ली में आईसीयू बेड की किल्लत
दिल्ली में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अस्पतालों में बेड कम पड़ते जा रहे हैं। शाम 7:15 बजे तक सिर्फ 12 ICU बेड उपलब्ध थे। इनमें से एक ट्रॉमा सेंटर में, जबकि 11 अन्य बच्चों से संबंधित अस्पतालों में हैं।
सिंगापुर से भारत पहुंचे 4 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर
सिंगापुर से पश्चिम बंगाल के पनागर एयरबेस में चार क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर भारत में आ चुके हैं। आज सुबह सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे से वायुसेसना के C-17 विमान ने कंटेनर्स को एयरलिफ्ट किया था।
सीएम केजरीवाल ने राज्यों से मांगी मदद
दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन का संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में सीएम अरविंद केजरीवाल ने अन्य राज्यों से भी इसकी मदद मांगी है। उन्होंने शनिवार को कहा कि हालांकि केंद्र सरकार भी दिल्ली को मदद मुहैया करा रही है, लेकिन यहां कोरोना के गंभीर होते हालात के बीच दिल्ली को मिल रहे सभी संसाधन अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखने जा रहे हैं कि अगर उनके पास अतिरिक्त ऑक्सीजन है तो वे इसे दिल्ली को मुहैया कराएं।
उत्तराखंड में नर्सिंग कॉलेज के 93 स्टूडेंट्स संक्रमित
उत्तराखंड में गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज, सुरंगिधार के 93 छात्र-छात्राएं कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। कॉलेज के छात्रावास को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री कोरोना वायरस से संक्रमित
गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपने ट्वीट में उन्होंने बीते कुछ दिनों में अपने संपर्क में आए लोगों से अपनी सेहत का ध्यान रखने की अपील की।
वैक्सीन की कीमत को सीरम इंस्टीट्यूट ने ठहराया वाजिब
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा कि अग्रिम वित्त पोषण के चलते दुनिया भर में कोविड वैक्सीन की शुरुआती कीमत कम थी, अब उत्पादन बढ़ाने के लिए निवेश करना होगा। वैक्सीन के थोड़े से हिस्से को निजी अस्पतालों को 600 रुपये प्रति खुराक की दर पर बेचा जाएगा, यह कीमत अभी भी कई दूसरे चिकित्सकीय उपचारों की तुलना में कम है।
यूपी में कोविड-19 के 38 हजार से अधिक नए केस
उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 38,055 नए मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक, 23,231 लोग डिस्चार्ज हुए। राज्य में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 2,88,144 है। अब तक कुल 7,52,211 लोग ठीक हो चुके हैं। कुल 10959 लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को प्रदेश में 2,25,960 सैंपल्स की जांच की गई। अब तक प्रदेश में 3,95,40,989 सैंपल्स की जांच की गई है। प्रदेश में कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली डोज अब तक 96,79,557 लोगों को दी जा चुकी है। वैक्सीन की दूसरी डोज अब तक 19,43,675 लोगों को लगाई जा चुकी है।
पंजाब में ऑक्सीजन की कमी से 6 मरीजों की मौत
पंजाब के अमृसर स्थित एक अस्पताल में शनिवार को ऑक्सीजन की कमी से छह मरीजों की मौत हो गई, जिनमें से पांच कोरोना वायरस से संक्रमित थे। नीलकांत अस्पताल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुनील देवगन ने कहा, 'जिला प्रशासन से बार-बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद किसी ने मदद नहीं की।' उन्होंने कहा, 'दो महिलाओं सहित छह मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई है।' देवगन ने बताया कि मरीजों की मौत होने के बाद ऑक्सीजन के पांच सिलेंडर पहुंचाए गए। अस्पताल के अध्यक्ष ने दावा किया कि उसके तीन प्रमुख ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं ने कहा कि आपूर्ति के मामले में सरकारी अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही है। देवगन ने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकने के लिए ऑक्सीजन संयंत्रों के बाहर पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि जिन छह मरीजों की मौत शनिवार को हुई, उनमें से दो मरीज गुरदासपुर जिले के और एक मरीज तरन-तारण का था जबकि बाकी तीन मरीज अमृतसर के ही थे।
दिल्ली के इस अस्पताल में 70 मरीजों की जान पर संकट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई अस्पताल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं, जिसके कारण मरीजों की जान पर बन आई है। सरोज अस्पताल के कोविड इंचार्ज के मुताबिक, 'हमें अभी तक बैकअप ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई है। हमारे पास 70 मरीज हैं, जो गंभीर स्थिति में हैं और उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। अगर हमें ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होती है तो बड़ी आपदा हो सकती है। हमने मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देना शुरू कर दिया है।'
Delhi | We haven't received backup oxygen supply yet. We have 70 patients who are in critical condition and need oxygen. If we don't get oxygen supply there could be a big disaster. We have started discharging patients: COVID in-charge, Saroj Hospital pic.twitter.com/Sv2bY7vEOQ
— ANI (@ANI) April 24, 2021
कोविड वैक्सीन, ऑक्सीजन के आयात पर कस्टम ड्यूटी से 3 माह के लिए छूट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑक्सीजन और ऑक्सीजन संबंधी उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाने के उपायों पर चर्चा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ऑक्सीजन और ऑक्सीजन संबंधी उपकरणों पर से मूल उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर हटाया जाएगा। केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकों के आयात पर लगने वाले मूल उत्पाद शुल्क को तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला किया, यह निर्णय अगले तीन महीने तक प्रभावी रहेगा।
PM directed Revenue Dept to ensure seamless & quick custom clearance of such equipment. It was also decided that Basic Customs Duty on import of Covid vaccines be also exempted with immediate effect for 3 months: Govt of India
— ANI (@ANI) April 24, 2021
रिक्त बेड के बारे में दो बार जानकारी दी जाए- योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-11 को निर्देश दिया कि आमजन को बिस्तर की उपलब्धता की समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए और प्रदेश में ऐसे सभी अस्पताल जहां कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज हो रहा है, वहां रिक्त बेड का विवरण हर दिन दो बार सार्वजनिक किया जाए।
कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में राज्य के अस्पतालों में बेड को लेकर संकट गहरा गया है और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कई नेताओं ने बेड के संकट को लेकर सरकार की लगातार आलोचना की है।
शनिवार को जारी सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 प्रबंधन टीम को हिदायत दी कि कोविड-19 अस्पतालों में बेड का विवरण जिले के एकीकृत नियंत्रण और कमान केंद्र के पोर्टल पर भी अपलोड कराया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बेड का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए, सभी जिलों के प्रशासन इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करें और स्वास्थ्य मंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री प्रदेश के सभी जिलों में इस स्थिति की आज विस्तृत समीक्षा करें।ऐसे दौर में जबकि पूरा देश कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहा है, ऐसे आपदाकाल में भी कुछ अराजक तत्व दवाओं की कालाबाजारी, अफवाह फैलाने अथवा माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर भी दुष्प्रचार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर कानून एवं राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई करने और इनकी संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिये हैं।
सिंगापुर से मंगाए जा रहे हैं चार क्रायोजेनिक टैंकर
सिंगापुर से चार क्रायोजेनिक (कम तापमान बनाए रखने में सक्षम) टैंकर विमानों से मंगाए जा रहे हैं जिनका उपयोग ऑक्सीजन को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाने के लिए किया जाएगा। गृह मंत्रालय का कहना है कि ऑक्सीजन की डिमांड और सप्लाई पर पूरी नजर है। जहां कहीं भी किल्लत हो रही है प्राथमिकता के आधार पर जरूरतें पूरी की जा रही है।
ऑक्सीजन की आस में दिल्ली- एनसीआर के अस्पताल
कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच राष्ट्रीय राजधानी के कई अस्पताल शनिवार को भी ऑक्सीजन की कमी से जूझते नजर आए। लगातार मामले बढ़ने के साथ ही शहर की स्वास्थ्य अवसंरचना पर दबाव अत्यधिक बढ़ गया है।अधिकारियों ने बताया कि ऑक्सीजन के संकट के बीच दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 अत्यंत बीमार मरीजों की रात भर में मौत हो गई।अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ डी के बलूजा ने भंडार कम होने की वजह से ऑक्सीजन का दबाब घट गया है।”उन्होंने कहा कि अस्पताल में करीब 200 मरीज भर्ती हैं और उनके पास 10 बजकर 45 मिनट पर केवल आधे घंटे की ऑक्सीजन शेष थी।
अधिकारियों ने बताया कि तुगलकाबाद इलाके में स्थित बत्रा अस्पताल को भंडार समाप्त होने के तुरंत बाद दिल्ली सरकार से आपातकालीन ऑक्सीजन आपूर्ति मिली।अस्पताल के कार्यकारी निदेशक सुधांशु बनकाटा ने कहा कि सुबह नौ बजे अस्पताल में ऑक्सीजन समाप्त हो गई थी।उन्होंने कहा, “हमें अभी-अभी दिल्ली सरकार से आपात आपूर्ति प्राप्त हुई है। यह अगले डेढ़ घंटे तक चलेगी। हमारा आपूर्तिकर्ता फोन नहीं उठा रहा है।”
अस्पताल में करीब 350 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 265 कोरोना संक्रमित हैं और 30 आईसीयू में हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राजधानी के मध्य में स्थित, सर गंगाराम अस्पताल को हर दिन 11,000 घन मीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है जिसमें से महज 200 घन मीटर ऑक्सीजन बची थी जब 1.5 टन ऑक्सीजन लेकर एक टैंकर पहुंचा।एक अधिकारी ने कहा, “ हम सामान्य दबाव से आधे पर ऑक्सीजन चला रहे हैं। यह 1.5 टन ऑक्सीजन दो घंटे तक चलेगी। यह स्थिति बहुत खौफनाक है।”इस प्रतिष्ठित अस्पताल में शुक्रवार को 24 घंटे के अंदर 25 कोविड मरीजों की मौत हो गई थी और कई मरीजों की जान दांव पर लगी हुई है जब ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर अस्पतालों में हाहाकार मचा हुआ है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के चिकित्सा निदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन का भंडार आठ घंटे तक चलेगा।दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-19 के 24,331 नये मामले सामने आए और 348 लोगों की मौत हुई जबकि संक्रमण की दर 32.43 प्रतिशत हो गई है।शहर में 11 दिन के भीतर 2,100 लोगों की घातक वायरस के चलते मौत हुई है।
महाराष्ट्र को जब्त रेमडेसिविर के इस्तेमाल के लिए अदालती इंतजार
कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर दवा की आपूर्ति को लेकर महाराष्ट्र सरकार की केंद्र के साथ ठनी हुई है जबकि राज्य की एजेंसियों द्वारा जब्त की गई इस दवा की 5,000 शीशियों का अदालत की अनुमति के अभाव में उपयोग नहीं हो पा रहा है।एक अधिकारी ने कहा कि ये शीशियां खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और पुलिस विभाग द्वारा मार्च और अप्रैल में महाराष्ट्र के विभिन्न भागों में छापे मारने के दौरान जब्त की गई थीं।
एफडीए के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “रेमडेसिविर की 5,000 शीशियां छापेमारी के दौरान जब्त की गईं। हालांकि हम इसे इस्तेमाल के लिए नहीं दे सकते क्योंकि केवल अदालत ही इसकी अनुमति दे सकती है।”
उन्होंने कहा, “जब्ती के बाद, हमें साक्ष्य जुटाने होते हैं, आरोप तय करने होते हैं और जब्त किए गए भंडार को अदालत के समक्ष पेश करना होता है। इस मामले में जीत के लिए राज्य की दलील बहुत मजबूत होनी चाहिए केवल तभी, इन शीशियों को कोविड-19 मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।’’इस बारे में पूछने पर, एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि रेमडेसिविर को संक्रमण की खास अवधि के दौरान प्रयोग करना होता है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने कहा कि इस बात की संभावना कम है कि केंद्र राज्य के आवंटन को बढ़ाएगा क्योंकि देश के अन्य हिस्सों में भी कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं।
ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकने वालों को लटका देंगे- दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शनिवार को कहा कि अगर केंद्र, राज्य या स्थानीय प्रशासन का कोई अधिकारी ऑक्सीजन की आपूर्ति में अड़चन पैदा कर रहा है तो ‘हम उस व्यक्ति को लटका देंगे।”
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ की ओर से उक्त टिप्पणी महाराजा अग्रसेन अस्पताल की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आई है। अस्पताल ने गंभीर रूप से बीमार कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी को लेकर उच्च न्यायालय का रुख किया है।
अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह बताए कि कौन ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित कर रहा है और कहा, “ हम उस व्यक्ति को लटका देंगे।”
पीठ ने कहा, “ हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे।”अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के ऐसे अधिकारियों के बारे में केंद्र को भी बताए ताकि वह उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके।
मैक्स अस्पताल में 2 घंटे से कम की आक्सीजन बची, इमरजेंसी अपील
दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 अत्यंत बीमार मरीजों की मौत
ऑक्सीजन के गंभीर संकट के बीच दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 अत्यंत बीमार मरीजों की रात भर में मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ डी के बलूजा बताया, “भंडार कम होने की वजह से ऑक्सीजन का दबाब घट गया है।”उन्होंने कहा कि अस्पताल में करीब 200 मरीज भर्ती हैं और उनके पास 10 बजकर 45 मिनट पर केवल आधे घंटे की ऑक्सीजन शेष थी।कई घंटों की देरी के बाद अस्पताल को ऑक्सीजन की अंतिम रिफिल मध्यरात्रि में प्राप्त हुई थी।सरकार से किसी तरह की मदद मिली है, यह पूछे जाने पर चिकित्सा निदेशक ने कहा, “किसी ने भी कोई वादा नहीं किया है। हर कोई कह रहा है कि हम भरसक कोशिश कर रहे हैं।”डॉ बलूजा ने कहा कि अस्पताल में भर्ती करीब 200 मरीजों में से 80 प्रतिशत मरीज ऑक्सीजन पर हैं। करीब 35 मरीज आईसीयू में हैं।
'अगर दिल्ली को समय पर ऑक्सीजन नहीं तो चरमरा जाएगी व्यवस्था'
दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान सीनियर वकील राहुल मेहरा ने बताया कि दिल्ली की उसके कोटे 480 मीट्रिक टन की तुलना में महज 296 मीट्रिक टन आक्सीजन मिली है। अगर दिल्ली को पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिली तो 24 घंटे के अंदर दिल्ली में व्यवस्था चरमरा जाएगी।
एलएनजेपी में आक्सीजन की नितांत कमी
एलएनजेपी अस्पताल के एमडी डॉ सुरेश कुमार ने कहा कि हमारे अस्पताल में सभी आईसीयू बेड पिछले 4-5 दिनों से भरे हुए हैं। कुछ गंभीर रोगियों को ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर को बनाए रखने के लिए प्रति मिनट 40-50 लीटर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन आपूर्ति सही मात्रा में नहीं हो पा रही है।
मांग 8 हजार लीटर की उपलब्धता 500 लीटर
बत्रा अस्पताल के एमडी डॉ एससीएल गुप्ता ने कहा कि सरकार हमने 12 घंटे की विनती के बाद केवल 500 लीटर ऑक्सीजन प्राप्त की है। हमारी दैनिक आवश्यकता 8000 लीटर है। हम अस्पताल में 350 रोगियों का इलाज कर रहे हैं।" COVID में विकल्प ऑक्सीजन है लेकिन जब हम इसे प्राप्त नहीं करेंगे तो क्या होगा? "
3 लाख 46 हजार से ज्यादा केस, 2684 की मौत
भारत में लगातार तीसरे दिन 3 लाख से अधिक कोरोनोवायरस के मामले सामने आए हैं। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में COVID-19 मामलों में 3,46,786 नए संक्रमण हुए हैं। आज सुबह 8 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कुल 2,624 मौतें हुई हैं।
अमृतसर के नीलकंठ अस्पताल में पांच की मौत
अमृतसर के नीलकंठ अस्पताल में पांच मरीजों की मौत हो गई है। हम पिछले 48 घंटों से ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहे हैं। प्रशासन कह रहा है कि सरकारी अस्पतालों से पहले निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं दी जाएगी।
राहुल गांधी के निशाने पर केंद्र सरकार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का कहना है कि सद्भाव से केंद्र सरकार से अपील है कि PR व अनावश्यक प्रॉजेक्ट पर खर्च करने की बजाए वैक्सीन, ऑक्सीजन व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान दें। आने वाले दिनों में ये संकट और भी गहरायेगा। इससे निबटने के लिए देश को तैयार करना होगा। वर्तमान दुर्दशा असहनीय है!
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत की करेंगे मदद
यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा, "हम समझते हैं कि भारत में COVID की स्थिति एक वैश्विक चिंता बनी हुई है। और जैसा कि हम अपने भारतीय दोस्तों को इस महामारी से जूझते हुए देखते हैं, हम यह भी स्वीकार करेंगे कि यह केवल भारत के लोगों पर ही नहीं बल्कि अच्छी तरह से हो रहा है। पूरे दक्षिण एशिया में और पूरी दुनिया में कोरोना के तांडव से अमेरिका वाकिफ है। मुश्किल की इस घड़ी में हम भारत सरकार के साथ है।
महाराष्ट्र और दिल्ली में एक दिन में सर्वाधिक मौत
कोविड -19 महामारी से महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उन्होंने पिछले 24 घंटों में 773 और 348 लोगों की मौत की सूचना दी थी। इस बीच, भारत ने कल 3.32 लाख से अधिक नए मामले दर्ज किए, जो एक ही दिन में सबसे अधिक मामलों का विश्व रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
इन देशों ने भारत यात्रा पर लगाई पाबंदी
भारत पर यात्रा प्रतिबंध लगाने वाले देशों की सूची
जिन देशों ने भारत से कोविद के मामलों में वृद्धि पर प्रतिबंध / प्रतिबंध लगाए हैं, वे निम्नलिखित हैं:
अमेरिका
कनाडा
यूके
फ्रांस
न्यूज़ीलैंड
ऑस्ट्रेलिया
हांगकांग
सिंगापुर
इंडोनेशिया
ओमान
संयुक्त अरब अमीरात
सामना में बीजेपी पर तंज
शिवसेना ने सामना में मौजूदा हालात के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने देश में कोविड की स्थिति का संज्ञान लिया है। यदि SC ने कई राजनीतिक नेताओं, प्रधान मंत्री, गृह मंत्री और हरिद्वार कुंभ द्वारा किए गए रोड शो को सही समय पर ध्यान में रखा होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
अमेरिका ने जताई चिंता
अमेरिका का कहना है कि हम समझते हैं कि भारत में COVID की स्थिति एक वैश्विक चिंता बनी हुई है। और जैसा कि हम अपने भारतीय मित्रों को इस महामारी से जूझते हुए देखते हैं, हम यह भी स्वीकार करेंगे कि यह केवल भारत के लोगों पर ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में और सभी पर है।
बोरिस जॉनसन का बड़ा बयान
ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि वह देख रहे थे कि वह भारत की मदद करने के लिए क्या कर सकते हैं, जहां कोरोनोवायरस महामारी एक घातक नए चरण में प्रवेश कर रही है, जिसके साथ उनकी स्वास्थ्य सेवाएं सामना करने के लिए संघर्ष कर रही हैं:
सिलेंडरों के जमाखोरों पर बड़ी कार्रवाई
दिल्ली में अस्पताल एक तरफ ऑक्सीजन के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं तो दूसरी तरफ जमाखोर अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। दिल्ली के दशरथपुरी इलाके में पुलिस की कार्रवाई में बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडर मिले हैं।

