Kisan March Live: किसानों से चर्चा को तैयार सरकार, दिल्ली पहुंच रहे किसानों की मदद को आगे आई AAP सरकार
केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब से दिल्ली की तरफ कूच कर रहे किसानों को फाइनली दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत मिल गई है। देर रात किसान पानीपत तक पहुंच चुके थे। वहीं दिल्ली पुलिस किसानों के इस प्रदर्शन को लेकर चौकस हो गई है। पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी की सभी सीमाओं पर सुरक्षा बहुत ज्यादा बढ़ा दी है।
नई दिल्ली: सरकार ने अंतत: कृषि कानूनों के विरोध दिल्ली कूच कर रहे किसानों को राजधानी में प्रवेश करने की इजाजत दे दी है। किसान अब बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन कर सकेंगे। इससे पहले किसानों पर आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल करने के बावजूद भी किसान दिल्ली आने पर अड़े हुए थे। देर रात तक किसान पानीपत पहुंच चुके थे। तमाम प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए किसान लगातार कूच कर रहे हैं। आज भी किसानों के इस प्रदर्शन की वजह से मेट्रो सेवाएं प्रभावित रहेंगी। यहां हम आपको दे रहे हैं किसानों के मार्च से जुड़ी हर ताजा अपडेट
बीकेयू नेता राकेश टिकैत बोले- शनिवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना होंगे
भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार मुद्दों पर चर्चा करे, हमारी चिंताओं का समाधान करे और आवश्यक कानून का मसौदा तैयार करे। हम आज रात मेरठ टोल प्लाजा पर रुके हैं और कल सुबह दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
किसानों से बातचीत को तैयार सरकार
भारत सरकार किसानों से चर्चा के लिए तैयार थी, तैयार है और तैयार रहेगी। मैं सभी किसानों से आग्रह करता हूं कि सर्दी के मौसम में और कोविड के संकट में आंदोलन स्थगित करें और चर्चा का रास्ता अपनाएं। भारत सरकार उनसे चर्चा करने के लिए तैयार है: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
समागम ग्राउंड पहुंचे दिल्ली सरकार के अधिकारी
बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए हम आए हैं। दिल्ली जल बोर्ड के तमाम अधिकारी यहां पहुंचे हैं। हरियाणा और पंजाब से जितने भी किसान अपना विरोध दर्ज़ कराने दिल्ली आ रहे हैं उनको कोई असुविधा न हो, इसलिए यहां निरीक्षण किया जा रहा है : राघव चड्ढा, AAP
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर लगा जाम
किसानों के 'दिल्ली चलो मार्च विरोध' के मद्देनजर पुलिस द्वारा वाहनों की जांच के कारण दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर जाम लग गया है
Delhi: Traffic congestion at Delhi-Gurugram border due to checking of vehicles by police, in view of farmers' #DelhiChalo march protest. pic.twitter.com/RDhojUumWQ
— ANI (@ANI) November 27, 2020
निरंकारी ग्राउंड की तरफ बढ़ रहे हैं किसान
दिल्ली पुलिस ने दी किसानों को राजधानी में प्रवेश की इजाजत
दिल्ली पुलिस ने किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन करने की इजाजत दे दी है। टिकरी बॉर्डर पर एक किसान ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा, 'हमने अपने रास्ते में लगभग 10 बैरियर्स को पार कर लिया था। हम विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए प्रशासन के आभारी हैं। हम खुश हैं और केवल मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।'
दिल्ली में जेल बनाना चाहती है केंद्र सरकार
दिल्ली पुलिस की मांग खारिज करने पर आप विधायक राघव चड्ढा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आभार जताते हुए कहा, 'मैं अरविंद केजरीवाल जी का और AAP की सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने केंद्र सरकार की मांग को खारिज किया। केंद्र की सरकार दिल्ली में जेल बनाना चाहती थी ताकि देशभर से जो किसान दिल्ली में आ रहे हैं उन्हें जेल में बंद कर सकें।'
पश्चिमी उप्र में भी किसानों ने किया यातायात बाधित
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के समर्थकों और किसानों द्वारा शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हरियाणा और पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में राजमार्ग अवरुद्ध कर दिए गए। बीकेयू के कार्यकतार्ओं और किसानों ने सड़कों पर भीड़ लगाकर यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाम लगा दिया। एक शादी की बारात कई घंटों तक इस जाम में फंसी रही।
भाजपा ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा व्यवहार कर रही है- कांग्रेस
कांग्रेस ने किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा। इसने कहा कि भाजपा ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह व्यवहार कर रही है। पार्टी के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि भाजपा देश के किसानों के साथ ईस्ट इंडिया कंपनी और जनरल डायर की तरह व्यवहार कर रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि किसानों पर बल प्रयोग और अत्याचार किया जा रहा है।
मेट्रो सेवा प्रभावित
किसानों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए डीएमआरसी द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों के मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। डीएमआरसी ने ट्वीट के माध्यम से कहा, "ग्रीन लाइन पर ब्रिगेडियर होशियार सिंह, बहादुरगढ़ सिटी, पंडित श्री राम शर्मा, टिकरी बॉर्डर, टिकरी कलां और घेवर स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अब बंद हैं।"
कृषि कानूनों और किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में धरने पर बैठे भाकियू के कार्यकर्ता
कृषि कानूनों के विरोध में और आंदोलनरत पंजाब व हरियाणा के किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह 11 बजे मेरठ में दिल्ली दून बाइपास पर जटौली कट के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ट्रैक्टर ट्रालियां सड़क पर खड़ी करके धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिल्ली और हरिद्वार, देहरादून से आवाजाही को बंद कर दिया गया जिससे राजमार्ग पर वाहनों की कतार लग गई है।
केजरीवाल सरकार ने ठुकराई दिल्ली पुलिस की मांग
किसानों के प्रदर्शन के चलते दिल्ली में जगह जगह जाम
किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी को जोड़ने वाले मार्गों को दिल्ली पुलिस द्वारा बंद कर दिये जाने से शुक्रवार को शहर में अहम रास्तों पर वाहनों का जाम लग गया। दिल्ली यातायात पुलिस ने बताया कि इस प्रदर्शन के चलते ढांसा और झाड़ौदा कलां सीमाएं यातायात के लिए बंद कर दी गयीं और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग लेने को कहा गया है।
अमरिंदर सिंह ने किया आग्रह
किसानों मांगों को लेकर अड़े हुए हैं
सिंधु बॉर्डर पर एक बार फिर हालात तनावपूर्ण नजर आ रहे हैं। पुलिस की ओर से किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। कुछ किसान पीछे जरूर हटे हैं लेकिन कोई वापस नहीं गया है। बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने आ रहे किसानों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बल सिंघु बॉर्डर पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली आने के लिए टिकरी बॉर्डर पर इकट्ठा हुए किसान। किसानों को दिल्ली में आने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
राघव चड्ढा ने की दिल्ली पुलिस की मांग खारिज करने की अपील
अस्थायी जेलों की तैयारियांं
प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली की ओर जाने से रोकने के लिए हरियाणा और पंजाब के बीच शंभू बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाए गए। एसपी अंबाला ने कहा कि कि हम कानून व्यवस्था बनाए रखेंगे। वहीं दिल्ली पुलिस ने नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेलों में तब्दील करने के लिए दिल्ली सरकार से अनुमति मांगी है।
सामान लेकर दिल्ली की तरफ रवाना हुए पंजाब के किसान
पंजाब: किसान मजदूर संघर्ष समिति के सदस्य ट्रॉलियों में जरूरी सामान को स्टॉक करके दिल्ली के लिए अपनी ट्रैक्टर में सवार होकर निकल रहे हैं। एक किसान ने कहा, "हमने अपनी ट्रॉलियों में एक महीने के लिए खाद्य सामग्री और खाना पकाने के बर्तन लोड किए हैं। हम सभी अब दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं।"
लगा लंबा जाम
किसानों के दिल्ली चलो आंदोलन को देखते हुए दिल्ली जाने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है जिससे दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया है। हर वाहन की सघन चैकिंग की जा रही है। किसानों के आंदोलन को देखते हुए हरियाणा से मिलने वाली दिल्ली की कई सीमाएं सील की गई हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इसे लेकर एक एडवाईजरी भी जारी की है।
किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
वाहनों की सघन चैकिंग
गुरुग्राम में सुरक्षा व्यवस्था के चलते एहतियात के तौर पर और कोविड-19 संक्रमण पर रोक लगाने के प्रयासों के साथ ही किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए हर वाहन की जांच की जा रही है। दिल्ली-गुरुग्राम सीमा से राष्ट्रीय राजमार्ग पर शंकर चौक तक सैकड़ों वाहनों को कतारबद्ध देखा गया। एहतियात के तौर पर हरियाणा पुलिस भी प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए हर वाहन की जांच कर रही है।
रोहतक से दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं किसान
शुक्रवार सुबह होते ही किसानों का दिल्ली कूच एक बार फिर शुरू हो गया है। किसान रोहतक- झज्जर बॉर्डर पर एकत्र होकर दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं। गुरुवार शाम बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर यातायात का आगमन भी बंद कर दिया गया है।पुलिस ने कहा, प्रदर्शनकारियों के साथ आ रहे ट्रैक्टरों को रोकने के लिए सिंघू सीमा पर बालू से लदे पांच ट्रक और तीन वाटर कैनन (पानी की बौछार करने वाली गाड़ी) तैनात किए गए हैं।
पुलिस आयुक्त ने लिया जायजा
पंजाब और हरियाणा से आने वाले किसानों के सिंघू सीमा से दिल्ली में प्रवेश करने की संभावना है, जिसे देखते हुए वहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। हालात का जायजा लेने के लिए दिल्ली के पुलिस आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव गुरुवार को सीमावर्ती क्षेत्रों में गए और कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बॉर्डर पर भारी सुरक्षाबल तैनात
रात को पानीपत टॉल में बनाया आशियाना
दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर सभी सीमाओं पर सुरक्षा बहुत ज्यादा बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि केन्द्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान अगर दिल्ली की सीमाओं पर पहुंच भी जाते हैं जो भी उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रदर्शन में शामिल पंजाब और हरियाणा के किसानों में से काफी लोग राष्ट्रीय राजधानी के पास पहुंच गए। पंजाब के किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर शहर पुलिस ने सिंघू सीमा पर यातायात बंद कर दिया है।
लगातार कूच कर रहे हैं किसान
हरियाणा सराकर ने किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को देखते हुए पहले ही पंजाब से लगती सीमाएं सील कर दी थीं लेकिन इसका खास फायदा होता नहीं दिखा। किसान देर रात तक पानीपत तक पहुंच गए। पानीपत में किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने बॉर्डर पर सड़क तक खुदवा दी लेकिन दिल्ली पहुंचने का किसानों का फौलादी इरादा अभी भी डिगा नहीं है।

