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'विरोध-प्रदर्शन की जगह को हिमालय पर भेज दो', जंतर-मंतर पर पाबंदी को लेकर पुलिस पर बरसी CJP

Jantar Mantar Protest Ban: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने और इस स्थान को विरोध-प्रदर्शन के लिए डी-नोटिफाई करने पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

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जंतर-मंतर विवाद पर सीजेपी कार्यकर्ता का केंद्र पर तीखा प्रहार

Photo : ANI

Jantar Mantar Protest Ban: देश की राजधानी दिल्ली में विरोध और प्रदर्शन का सबसे बड़ा केंद्र माना जाने वाला जंतर-मंतर एक बार फिर राजनीति के गर्माए माहौल का गवाह बन गया है। इस जगह को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाने और शांतिपूर्ण जमावड़े पर रोक लगाने के फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) की कार्यकर्ता मेहर पारसीचा ने इस कदम को लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश करार देते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने जंतर-मंतर से पार्टी कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रंका समेत करीब 12 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें जाफरपुर कलां थाने ले गई। इस घटना के तुरंत बाद हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेहर पारसीचा ने कहा कि देश के सार्वजनिक स्थल किसी एक व्यक्ति या सरकार की बपौती नहीं हैं। ये जगहें जनता की हैं और अपनी बात रखने के अधिकार को इस तरह जबरन दबाया नहीं जा सकता।

हमसे नहीं मिला गया-पारसीचा

उन्होंने मध्य दिल्ली में तैनात भारी सुरक्षा बलों को लेकर भी प्रशासन को घेरा। उनका कहना था कि एक छोटे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए हजारों की संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए हैं। इतनी बड़ी तादाद में जवानों को सीमाओं से हटाकर विरोध दबाने में लगाना पूरी तरह समझ से परे है।

बातचीत का ब्यौरा देते हुए उन्होंने दावा किया कि वे नियमानुसार 10 दिन पहले पुलिस को सूचना देने की प्रक्रिया का पालन करने गए थे। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा था कि प्रशासन जिस तारीख की इजाजत देगा, उसी दिन प्रदर्शन किया जाएगा। लेकिन किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे मिलने की जहमत नहीं उठाई और कुछ ही देर बाद जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई करने की खबर सामने आ गई।

गृह मंत्रालय के इशारे पर काम कर रही दिल्ली पुलिस-CJP का आरोप

सीजेपी कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के सीधे इशारे पर काम कर रही है। देश की शीर्ष लीडरशिप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बिना किसी चर्चा या पूर्व सूचना के रातों-रात नागरिकों के अधिकारों को छीनना पूरी तरह गलत है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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