Bengal panchayat violence : पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले बड़े पैमान पर हिंसा हुई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 जून को भी आगजनी एवं हिंसा की घटनाएं हुईं जिसमें चार लोगों की जान गई। हिंसा की घटनाएं सामने आने के बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। हिंसा की घटनाओं को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती की मंजूरी दी है। कोर्ट के इस फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है।
भाजपा ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को यह नहीं भूलना चाहिए कि बंगाल में पहले की सरकार ने इसी तरह की हिंसा का सहारा लिया था और फिर बाद में उसका हश्र क्या हुआ, यह सभी को पता है।
'भाजपा डरेगी नहीं'
भाजपा नेता ने कहा, 'बंगाल में हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं। इस हिंसा पर रोक लगाने के लिए ममता सरकार कदम नहीं उठा रही है। उसकी निष्क्रियता एवं संवेदनहीनता के चलते राज्यपाल को हिंसा वाली जगहों का दौरा करना पड़ा है। हिंसा से डराने के बावजूद भाजपा के 50,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने पंचायत चुनाव के लिए अपना नामांकन किया है।'
राज्यपाल ने भंगोर का दौरा किया
राज्यपाल बोस ने शुक्रवार को दक्षिण 24 परगना जिले में भंगोर का दौरा किया, जो राज्य पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने को लेकर विरोधी राजनीतिक संगठनों के समर्थकों के बीच जबरदस्त हिंसा का गवाह रहा है। राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि चुनाव में जीत मतों की गिनती पर आधारित होनी चाहिए न कि शवों की संख्या पर। बोस ने हिंसा के मुख्य केंद्र रहे भंगोर में बिजॉयगंज बाजार का भी दौरा किया और स्थानीय लोगों एवं जिला पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों से बात की।
