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38 फीसदी वोट 303 सीट,हिंदुत्व की सफल रणनीति, फिर भाजपा को मुसलमानों की क्यों पड़ी जरूरत

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jan 18, 2023, 07:12 PM IST

BJP Strategy For Lok Sabha And Assembly Elections: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से बोहरा, पसमांदा और सिखों जैसे अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर वर्ग तक पहुंचने और बगैर किसी चुनावी लाभ की लालसा के उनके लिए काम करने की बात कही है।

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भाजपा को मुस्लिम वोट की क्यों याद आई

Photo : BCCL

BJP Strategy For Lok Sabha And Assembly Elections: पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में राज्य विधान सभा चुनाव के ऐलान के बाद से सत्ता के सेमीफाइनल और फाइनल की रणभेरी बज चुकी है। 2024 तक 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव और देश के लोक सभा चुनाव होंगे। इसमें सबसे बड़ा दांव भाजपा का लगा है। और इसके लिए पार्टी ने हाल ही में संपन्न हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अपना एजेंडा भी सेट कर लिया है। लगातार तीसरी बार सत्ता पाने के लिए भाजपा की नई रणनीति में मुस्लिम समुदाय भी है। रिपोर्ट के अनुसार कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह बोहरा, पसमांदा और सिखों जैसे अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश करें।

पीएम मोदी ने क्या कहा

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से बोहरा, पसमांदा और सिखों जैसे अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर वर्ग तक पहुंचने और बगैर किसी चुनावी लाभ की लालसा के उनके लिए काम करने की बात कही है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 400 दिन बचे हैं और इसलिए पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूरे समर्पण के साथ समाज के हर वर्ग की सेवा करने में जुट जाना है।बैठक में शामिल पार्टी के कई नेताओं के अनुसार प्रधानमंत्री ने सूफीवाद के बारे में बहुत कुछ कहा और पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों से मिलें और उनसे जुड़ने के लिए विश्वविद्यालयों और चर्च जैसी जगहों का दौरा करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के जीवन का सर्वोत्तम समयआने वाला है, इसलिए ऐसे समय में देश के विकास में योगदान देने के लिए सभी को कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

भाजपा को क्यों मुसलमानों की जरूरत

सवाल यह उठता है कि भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व की राजनीति और समाज के पिछड़े वर्ग को जोड़कर, जब अपनी राजनीति इतिहास में सबसे ऊंचाई पर है। तो उसे मुस्लिम समुदाय की क्यों जरूरत है। खास तौर पर जब वह अकेले 38 फीसदी और एनडीए के रूप में 45 फीसदी तक वोट हासिल कर चुकी है। और अपने दम पर लोक सभा में 300 से ज्यादा का आंकड़ा पार कर चुकी है। इस पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि देखिए भाजपा को अगर 2024 में फिर से मजबूती के साथ सत्ता में वापसी करनी है तो उसे दूसरे वर्ग को जोड़ना ही होगा। और उसके 50 लिए फीसदी वोट हासिल करना होगा, जो कि बिना समाज के हर वर्ग का वोट हासिल किए नहीं पाया जा सकता है।

कमजोर सीटों पर जरूरत

इसके लिए भाजपा को सबसे मुफीद पसमांदी मुस्लिम लग रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि18 राज्यों में जहां भी मुस्लिम आबादी है, हर जगह पसमांदा हैं। इसके अलावा यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल और असम में इनकी संख्या ज्यादा है। और सभी प्रमुख राज्यों को शामिल कर लिया जाय तो करीब 190 लोक सभा सीटें हैं। भाजपा इसी रणनीति के तहत 160 सीटों पर खास तौर से फोकस कर रही है। इसके अलावा उसने 1.30 लाख बूथों पर फोकस करने का प्लान बनाया है। कोशिश यही है कि जिन जगहों पर भाजपा कमजोर हैं, वहां से जीत हासिल कर तीसरी बार सत्ता में वापसी की राह आसान की जाय।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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