अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच कथित टकराव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार पर चीन के मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि चीन सीमा पर स्थानीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों को युद्ध या बड़े संघर्ष का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर सीमा पर होने वाली घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया।
'सीमा पर हर गतिविधि का मतलब युद्ध नहीं'
Times Now से बातचीत में नलिन कोहली ने कहा कि सीमा एक गतिशील क्षेत्र है, जहां दोनों देशों की अलग-अलग इकाइयां तैनात रहती हैं और स्थानीय स्तर पर उनका आमना-सामना हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों का अर्थ यह नहीं है कि युद्ध चल रहा है या पिछले साल जैसी कोई बड़ी सैन्य टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। कोहली ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भी सीमावर्ती इलाकों में नियमित रूप से गोलीबारी होती थी। उन्होंने बांग्लादेश सीमा पर मोर्टार दागे जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसी स्थानीय घटनाओं का मतलब युद्ध नहीं होता।
बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष भारत-चीन सीमा पर हालिया आमने-सामने की घटनाओं को लेकर जरूरत से ज्यादा निष्कर्ष निकाल रहा है।
ITBP प्रमुख के बयान के बाद बढ़ा विवाद
यह विवाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर के हालिया बयान के बाद शुरू हुआ। कपूर ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के साथ जारी आमने-सामने की स्थितियों के दौरान ITBP की नई गठित शौर्य कमांडो इकाई ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उनके बयान के बाद सीमा पर तनाव और भारत की सुरक्षा तैयारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई। कांग्रेस ने इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे।
आईटीबीपी के महानिदेशक (डीजी) शत्रुजीत सिंह कपूर ने राजस्थान के अलवर स्थित बल के एक केंद्र में बृहस्पतिवार को जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि चीन से पारंपरिक युद्ध तरीकों से मुकाबला करने का दौर बीत चुका है, इसलिए बल अपने जवानों, हथियारों, वाहनों और सीमा चौकियों के आधुनिकीकरण में निवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि चीन से लगी सीमा भारत की ’’सबसे कठिन’’ सीमा है और चीन एक ’’शक्तिशाली’’ पड़ोसी तथा भारत का ’’सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी’’ है। उससे मुकाबला करने के लिए बल की क्षमताओं को बढ़ाना जरूरी है। आईटीबीपी प्रमुख ने बताया कि ’शौर्य कमांडो’ नाम से एक नई लड़ाकू टीम भी गठित की गई है। इस टीम ने अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर चीनी पीएलए सैनिकों के साथ जारी गतिरोध के दौरान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है।
