Ashwin Shukla Chaturdashi 2026 Date in Hindi: अक्टूबर का महीना व्रत और त्योहारों के लिहाज से बेहद खास है। शारदीय नवरात्रि, दशहरा और पापांकुशा एकादशी के बाद अब आश्विन शुक्ल चतुर्दशी और शरद पूर्णिमा आने वाली है। हालांकि, इनकी तारीखों को लेकर थोड़ा भ्रम है। खासकर आश्विन शुक्ल चतुर्दशी को लेकर सवाल है कि यह 24 अक्टूबर को है या 25 अक्टूबर को। दरअसल, चतुर्दशी तिथि 24 अक्टूबर की दोपहर से शुरू हो रही है और अगले दिन दोपहर से पहले समाप्त होगी। ऐसे में पूजा-पाठ के लिए कौन-सी तारीख सही मानी जाएगी? आइए पंचांग के अनुसार समझते हैं।
आश्विन शुक्ल चतुर्दशी 2026 में कब है (Ashwin Shukla Chaturdashi 2026 Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल चतुर्दशी रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को है। हालांकि, चतुर्दशी तिथि की शुरुआत शनिवार, 24 अक्टूबर को ही हो जाएगी। हिंदू धर्म में सामान्य तौर पर किसी तिथि की तारीख तय करते समय सूर्योदय का विशेष महत्व होता है।
25 अक्टूबर को सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसलिए इस दिन को आश्विन शुक्ल चतुर्दशी माना जाएगा। वहीं, 24 अक्टूबर को सूर्योदय के समय त्रयोदशी तिथि होगी।
आश्विन शुक्ल चतुर्दशी 2026 तिथि कब से कब तक है (Chaturdashi Tithi October 2026)
पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि का समय इस प्रकार है।
- आश्विन शुक्ल चतुर्दशी तिथि प्रारंभ - 24 अक्टूबर 2026, दोपहर 1:37 बजे
- आश्विन शुक्ल चतुर्दशी तिथि समाप्त - 25 अक्टूबर 2026, सुबह 11:57 बजे
- उदयातिथि के अनुसार आश्विन शुक्ल चतुर्दशी - 25 अक्टूबर, रविवार
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ - 25 अक्टूबर, सुबह 11:57 बजे
समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार है। अलग-अलग पंचांगों में गणना के कारण एक-दो मिनट का अंतर संभव है।
24 अक्टूबर को चतुर्दशी शुरू हो रही है, फिर 25 अक्टूबर सही क्यों
यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि अंग्रेजी कैलेंडर और हिंदू पंचांग में दिन की गणना अलग तरीके से होती है। अंग्रेजी कैलेंडर में नया दिन रात 12 बजे शुरू होता है। लेकिन हिंदू पंचांग में व्रत और पर्व की तारीख तय करने के लिए सूर्योदय और संबंधित पूजा के समय की तिथि देखी जाती है।
24 अक्टूबर को दोपहर 1:37 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी शुरू होगी। अगले दिन यानी 25 अक्टूबर को सूर्योदय के समय भी चतुर्दशी रहेगी। इसलिए सामान्य पंचांग में 25 अक्टूबर को चतुर्दशी की तारीख दी जाएगी।
हालांकि, यहां एक बात समझना जरूरी है। हर व्रत या पूजा केवल उदयातिथि के आधार पर नहीं होती। कुछ अनुष्ठानों में प्रदोष काल, रात्रि या विशेष मुहूर्त की तिथि देखी जाती है। इसलिए किसी खास पूजा के लिए तारीख तय करते समय उस पूजा का नियम भी देखना चाहिए।
आश्विन शुक्ल चतुर्दशी का धार्मिक महत्व क्या है (Ashwin Shukla Chaturdashi Significance)
आश्विन शुक्ल चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष की चौदहवीं तिथि होती है। यह पूर्णिमा से ठीक पहले आती है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा की रोशनी धीरे-धीरे बढ़ती है और चतुर्दशी तक चंद्रमा लगभग पूर्ण दिखाई देने लगता है।
हिंदू परंपरा में चतुर्दशी तिथि का भगवान शिव से विशेष संबंध माना जाता है। वहीं, शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की आराधना भी की जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों में इस दिन की पूजा परंपराएं अलग हो सकती हैं। मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान का स्मरण, दीप जलाना, मंत्र जाप और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्यदायी माना जाता है।
