स्पोर्ट्स

72 साल बादः हरमीत-यशस्विनी की जोड़ी ने एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप में मेडल पक्का करके रचा इतिहास

Asian Table Tennis Championships: ताशकंद में चल रहे एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप में हरमीत देसाई और यशस्वी घोरपड़े की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स इवेंट में मेडल पक्का करते हुए इतिहास रच दिया है, दरअसल भारत ने आखिरी बार इस वर्ग में 72 साल पहले कोई पदक जीता था।

Image

हरमीत-यशस्विनी की जोड़ी ने एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप में रचा इतिहास (Instagram/harmeetdesai)

Asian Table Tennis Championship: हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े की भारतीय जोड़ी ने ताशकंद में जारी एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप में मिक्स्ड डबल्स में भारत के लिए एक पदक पक्का करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दोनों ने मिलकर भारत के लिए इस चैंपियनशिप में नया इतिहास रचा है।

इस भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर 72 साल में पहली बार एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भारत के लिए पदक पक्का किया। इससे पहले भारत ने इस इवेंट में आखिरी बार 1954 में मिक्स्ड डबल्स में पदक जीता था।

सेमीफाइनल में पहुंचकर हरमीत और यशस्विनी ने कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तो पक्का कर ही लिया है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया के पार्क गैंगह्योन और ली डेउन को 3-2 से हराकर पदक पक्का किया।

अब सेमीफाइनल में हरमीत और यशस्विनी का मुकाबला जापान के सोरा मात्सुशिमा और मिवा हारिमोटो से होगा, जिसमें जीतने वाली जोड़ी फाइनल में जगह बनाएगी।

भारत की एक और मिक्स्ड जोड़ी, पायस जैन और सिंड्रेला दास, पदक पक्का करने से चूक गई। उन्हें क्वार्टर फाइनल में चीन के यी चेन और हुआंग यूझेंग से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा।

हरमीत हाल ही में हुए एशियाई खेलों का हिस्सा थे, लेकिन जिन तीन इवेंट्स में उन्होंने हिस्सा लिया, उनमें से किसी में भी वे पदक नहीं जीत सके। उन्होंने पुरुष टीम इवेंट में हिस्सा लिया था, जहां भारत राउंड ऑफ 16 तक तो पहुंचा, लेकिन दक्षिण कोरिया से हार गया। मिक्स्ड डबल्स में उन्होंने यशस्वी के साथ जोड़ी बनाई थी, जहां वे क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, लेकिन चीन के लिन शिदोंग और कुआई मैन से हार गए।

उन्होंने सत्यन ज्ञानसेकरन के साथ पुरुष डबल्स इवेंट में भी हिस्सा लिया था; हालांकि, तीसरे राउंड में उन्हें जापान के सोरा मात्सुशिमा और शुनसुके तोगामी से हार का सामना करना पड़ा और वे बाहर हो गए।

यशस्वी भी एशियाई खेलों से खाली हाथ लौटी थीं। वह महिला सिंगल्स के तीसरे राउंड में जापान की मिवा हारिमोटो से हार गई थीं। यशस्विनी और दिया चितले महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें चीन की फैन शुहान और चेन यी से 0-3 से हार मिली।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article