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'माहौल ठीक नहीं...' विरोध के बाद BJP नेता ने टाली मुसलमान लड़के से बेटी की शादी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 21, 2023, 02:32 PM IST

BJP Leader Cancel Daughter Marriage to Muslim Man: भाजपा नेता यशपाल बेनाम का कहना है कि विरोध के बाद दोनों परिवारों ने फैसला किया है कि फिलहाल विवाह के कार्यक्रमों को टाल दिया जाए। उन्होंने कहा, जनप्रतिनिधि होने के नाते पुलिस की सुरक्षा में शादी करवाना ठीक नहीं है।

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विरोध के बाद भाजपा नेता ने टाली बेटी की शादी

Photo : BCCL

BJP Leader Cancel Daughter Marriage to Muslim Man: उत्तराखंड के एक भाजपा नेता ने हिंदूवादी संगठनों के विरोध के चलते मुस्लिम लड़के से अपनी बेटी की शादी को टाल दिया है। उनकी बेटी की शादी 28 मई को थी, लेकिन मुस्लिम समुदाय का लड़का होने के चलते उन्हें सोशल मीडिया पर काफी विरोध झेलना पड़ रहा था। भाजपा नेता और पौड़ी नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने कहा है कि अभी माहौल ठीक नहीं है, इसलिए शादी को टाल दिया है।

बात दें, यशपाल बेनाम मुस्लिम लड़के से अपनी बेटी की शादी कराने के लिए राजी हो गए थे। दोनों परिवार की रजामंदी के बाद शादी की तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली गई थीं। शादी का कार्ड भी छप गया था, लेकिन जब लोगों ने कार्ड पर लड़के का नाम देखा तो उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद कई हिंदूवादी संगठन विरोध में उतर आए और आलोचना शुरू हो गई।

बोले- परिवार की रजामंदी से टाली शादी

भाजपा नेता यशपाल बेनाम का कहना है कि विरोध के बाद दोनों परिवारों ने फैसला किया है कि फिलहाल विवाह के कार्यक्रमों को टाल दिया जाए। उन्होंने कहा, जनप्रतिनिधि होने के नाते पुलिस की सुरक्षा में शादी करवाना ठीक नहीं है। ऐसे में जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इसे टाला जा रहा है। बता दें, पौडी में 25, 26 और 27 मई को शादी के कार्यक्रम रखे गए थे।

अमेठी के लड़के से हो रही थी शादी

यशपाल बेनाम की बेटी मोनिका की शादी अमेठी के रहने वाले मोनिस खान से तय हुई थी। यशपाल की ओर से बेटी की शादी के रिसेप्शन को लेकर सभी को निमंत्रण दिया गया था, जिसके लिए कार्ड छपवाया गया था, लेकिन तीन दिन पहले यह कार्ड सोशल मीडिया पर अपलोड हो गया, जिसके बाद यूजर्स उन्हें ट्रोल करने लगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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