UPS : यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। केंद्र सरकार की यूपीएस घोषणा को कांग्रेस ने यू-टर्न बताया है। इस पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस से पूछा है कि यह पार्टी जिस राज्य में सत्ता में है क्या उसने वहां पर ओल्ड पेंशन योजना लागू की है। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से पूछा कि हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में इस पार्टी ने ओपीएस लागू करने का चुनावी वादा किया था लेकिन उसका क्या हुआ?
कांग्रेस केवल घोषणाएं करती है-प्रसाद
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रसाद ने कहा कि 'बीते दो सालों में कांग्रेस ने ओपीएस को भारतीय चुनाव का एक बड़ा मुद्दा बना दिया। यहां तक कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे लागू करने की घोषणा तक कर डाली। कांग्रेस ने कहा कि सत्ता में आने पर वह पुरानी पेंशन योजना को लागू करेगी।' प्रसाद ने पूछा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी क्या केवल घोषणाएं करती है, उसे लागू क्यों नहीं करती? भाजपा नेता ने कहा, 'कांग्रेस और राहुल गांधी देश को यह बताएं कि क्या उन्होंने हिमाचल प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की है क्या?'
यूपीएस योजना को मंजूरी
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में सुधारों की लंबे समय से चल रही मांग के बीच शनिवार देर शाम केंद्र सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस योजना को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना अगले साल एक अप्रैल से लागू होगी और इसका फ़ायदा केंद्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। बीते कुछ सालों से सरकारी कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली की मांग करते रहे हैं और कुछ राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा भी बनाया था।
क्या है यूपीएस ?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली एनडीए सरकार की नई पहल है। यह काफी हद तक ओल्ड पेंशन स्कीम की तरह है। इसमें सरकारी कर्मचारियों को निश्चित और न्यूनतम पेंशन की गारंटी मिलेगी। अगर अगर किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी ने 25 साल की न्यूनतम सर्विस दी है, तो उसे रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों के औसत बेसिक सैलरी का 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिलेगी।
