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बिहार में हार के बाद कांग्रेस का फूटा बागियों पर गुस्सा, 43 नेताओं को जारी कर दिया कारण बताओ नोटिस; देखिए लिस्ट

कांग्रेस ने बिहार में अपने बागी नेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। बिहार चुनाव में जिन नेताओं ने पार्टी के खिलाफ काम किया है, उन्हें कांग्रेस ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा। कांग्रेस ने कुल 43 नेताओं को नोटिस जारी किया है।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो-PTI)

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हार के बाद अब कांग्रेस अपने बागियों पर सख्त एक्शन लेती हुई रही है। कांग्रेस ने बिहार के 43 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इन 43 नेताओं में पटना समेत कई जिलों के कांग्रेस नेता शामिल हैं, जिनपर चुनाव के दौरा पार्टी का साथ नहीं देने का आरोप है।

21 नवंबर 2025 तक देना है जवाब

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पार्टी-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कारण कांग्रेस पार्टी अनुशासन समिति ने कई नेताओं को कारण-पत्र (शोकॉज नोटिस) जारी किया है। चुनावी अवधि में इन व्यक्तियों द्वारा मीडिया सहित अन्य सार्वजनिक मंचों पर पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर बयान दिए गए थे, जिससे पार्टी की छवि, प्रतिष्ठा तथा चुनावी प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव के अनुसार संबंधित सभी व्यक्तियों को निर्देशित किया गया है कि वे दिनांक 21 नवंबर 2025 को दोपहर 12 बजे तक अपना लिखित स्पष्टीकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। शोकॉज नोटिस जिन्हें जारी किया है उनमें

  1. अफाक आलम, पूर्व मंत्री
  2. आनन्द माधव, पूर्व प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस
  3. छत्रपति यादव, पूर्व विधायक
  4. वीणा शाही, पूर्व मंत्री
  5. डा0 अजय कुमार सिंह, पूर्व विधान पार्षद
  6. गजानन्द शाही उर्फ मुन्ना शाही, पूर्व विधायक
  7. सुधीर कुमार उर्फ बंटी चैधरी, पूर्व विधायक
  8. कंचना कुमारी, अध्यक्ष, बांका जिला कांग्रेस कमिटी
  9. बच्चू कुमार बीरू, अध्यक्ष, सारण जिला कांग्रेस कमिटी
  10. राज कुमार राजन, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष
  11. नागेन्द्र पासवान विकल, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष
  12. मधुरेन्द्र कुमार सिंह, सदस्य, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी
  13. प्रदुमन यादव, अध्यक्ष, प्रदेश खेल प्रकोष्ठ
  14. सकीलुर रहमान, पूर्व उपाध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस
  15. अशोक गगन, पूर्व प्रवक्ता
  16. सूरज सिन्हा, प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस
  17. उर्मिला सिंह नीलू, महिला कांग्रेस
  18. सुधा मिश्रा, महिला कांग्रेस
  19. अब्दुल बाकी सज्जन
  20. वसी अख्तर
  21. रमेश सिंह
  22. कैशर खान, पूर्व महासचिव, प्रदेश कांग्रेस
  23. कुन्दन गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ
  24. राज कुमार शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, किसान कांग्रेस
  25. आशुतोष शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष, पटना ग्रामीण-1
  26. कुमार संजीत,
  27. नीरज कुमार
  28. राणा अजय कुमार सिंह, पूर्व प्रत्याशी
  29. रेखा पटेल, पूर्व सदस्य, अ0भा0कां0क0
  30. रीना देवी, नालन्दा जिला महिला अध्यक्ष
  31. अजय प्रताप सिंह
  32. शिवनीती सिंह, खगड़िया
  33. सुदय शर्मा, पटना महानगर
  34. सुनीता कुमारी
  35. आदित्य पासवान, पूर्व उपाध्यक्ष, सेवादल
  36. राहुल मिश्रा, सोशल मीडिया
  37. अरविन्द पासवान
  38. खुशबू कुमारी, सदस्य, प्रदेश चुनाव समिति
  39. रवि गोल्डेन, नालन्दा
  40. निधि पाण्डेय,
  41. राजीव मेहता
  42. धीरेन्द्र कुमार सिंह, औरंगाबाद
  43. रवि सिंह राजपूत, औरंगाबाद

'जवाब न देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी'

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में अनुशासन समिति विवश होकर कठोर कार्रवाई करेगी, जिसमें कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासन भी सम्मिलित है। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने कहा है कि पार्टी अनुशासन और एकता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा पार्टी को क्षति पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के कृत्य को गंभीरता से लिया जाएगा।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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