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बिहार बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने केसी त्यागी से की मुलाकात, तो क्या नीतीश कुमार फिर मारेंगे पलटी?

Bihar Politics: बिहार की सियासत में बार फिर भूचाल आने के संकेत नजर आ रहे हैं। बिहार बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी दिल्ली के पहुंच रहे हैं। उन्होंने एयरपोर्ट पर JDU नेता और पार्टी के राजनीतिक सलाहकार केसी त्यागी से मुलाकात की। सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या एक बार फिर लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश पलटी मारने वाले हैं?

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बिहार की सियासत में होंने वाला है बड़ा खेला?

Photo : Times Now Digital

Will Nitish Kumar Break Alliance With INDIA: क्या नीतीश कुमार फिर से पलटी मारने वाले हैं? ये सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं कि बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी राजनीतिक हलचलों के बीच दिल्ली रवाना हो चुके हैं। उन्होंने एयरपोर्ट पर JDU नेता और पार्टी के राजनीतिक सलाहकार केसी त्यागी से मुलाकात की। इसके बाद पटना में बैठकों का दौर तेज हो गया है।

फिर लालू से पीछा छुड़ाएंगे नीतीश कुमार?

लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की सियासत में मची हलचल कई संकेत दे रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पाला बदलने में माहिर हैं। पिछले कई दिनों से सियासी गलियारों में ये चर्चा तेज हो गई है कि नीतीश एक बार फिर विपक्षी गठबंधन INDIA का साथ छोड़कर NDA में वापसी कर सकते हैं। इसी बीच सम्राट चौधरी का दिल्ली रवाना होना संयोग नहीं हो सकता। वो भी हर कोई ये जानना चाहता है कि एयरपोर्ट पर केसी त्यागी और सम्राट चौधरी के बीच क्या चर्चा हुई।

सीएम नीतीश कुमार के आवास मंथन शुरू

बिहार भाजपा के अध्यक्ष सम्राट चौधरी के दिल्ली रवाना होते ही राजधानी पटना में बैठकों का दौर तेज हो गया है। सीएम नीतीश कुमार के आवास पर मंथन शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि नीतीश के घर संजय झा, विजय चौधरी और पूर्व जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह भी मौजूद हैं।

अमित शाह से मिलेंगे पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी

इसी कड़ी में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को अमित शाह से शाम साढ़े 7 बजे मुलाकात के लिए बुलाया है। कहीं न कहीं ये भी एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। हालांकि केंद्रीय मंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार के लिए एनडीए के दरवाजे बंद हैं। रोहिणी आचार्य के ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने कहा है कि 'नीतीश-लालू में शह-मात का खेल जारी है।'

दरअसल, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने नीतीश पर तंज वाला ट्वीट डिलीट कर दिया है। उन्होंने नीतीश कुमार पर ट्वीट कर तंज कसा था। नीतीश ने बुधवार को परिवारवाद की राजनीति पर निशाना साधा था, जिसके बाद आरजेडी खेमे में हलचल तेज हो गई है।

बिहार का सियासी समीकरण एक बार फिर बदल चुका है। अगर नीतीश कुमार ने फिर से पलटी मार ली और वापस भाजपा के साथ एनडीए में शामिल हो जाते हैं, तो इसमें ज्यादा हैरानी की बात नहीं होगी। हर कोई निगाहें गड़ाए बैठा है कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश भी ममता की तरह विपक्षी गठबंधन INDIA से दामन छुड़ा लेते हैं या फिर इन सारी चर्चाओं को अफवाह साबित करते हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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