Abhay Singh : समाजवादी पार्टी के बागी विधायक अभय सिंह 14 तारीख को गौरीगंज में भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण करेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले सपा अध्यक्ष के लिए यह एक बड़ा झटका होगा। कुछ महीने पहले सपा ने गोसाईगंज (अयोध्या) से विधायक अभय सिंह और गौरीगंज (अमेठी) से विधायक राकेश प्रताप सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
विनोद चतुर्वेदी भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं
2025 के राज्यसभा चुनाव के दौरान अभय और राकेश दोनों ने भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद से दोनों नेता भाजपा के करीब आए हैं। बताया जाता है कि कालपी से सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। भाजपा में शामिल होने के बारे में सिंह ने कहा, 'भाजपा में शामिल होने की इच्छा बहुत पहले से थी। हम जनता के लिए काम करते रहेंगे।'
मनोज पांडेय भी सपा से हुए निष्कासित
उनकी इस टिप्पणी को इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि दल-बदल का मकसद केवल सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होना ही नहीं, बल्कि 2027 में भी राजनीतिक निरंतरता सुनिश्चित करना है। राकेश और अभय, दोनों के भाजपा के टिकट पर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने का दावा पेश करने की उम्मीद है। राकेश और अभय के अलावा, समाजवादी पार्टी (सपा) ने ऊंचाहार से अपने विधायक मनोज पांडेय को भी भाजपा का साथ देने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया था। बाद में इन तीनों को उत्तर प्रदेश विधानसभा में ‘असंबद्ध सदस्य’ की श्रेणी में रखा गया।
सपा के कई विधायकों ने भाजपा के पक्ष में किया था मतदान
बता दें कि राज्यसभा चुनाव में अभय सिंह के अलावा विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह, महाराजी देवी, पूजा पाल और आशुतोष मौर्य समेत कई सपा विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद इन विधायकों का सपा से राजनीतिक अलगाव बढ़ता गया।
