बेनेट यूनिवर्सिटी और व्हाइटक्लिफ ग्लोबल के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। बेनेट यूनिवर्सिटी ने व्हाइटक्लिफ ग्लोबल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है, जो भारत, न्यूजीलैंड, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया में अकादमिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध और वैश्विक सहयोग के लिए मंच तैयार करेगा।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री भी समझौते के समय रहे मौजूद
इस समझौते के माध्यम से, बेनेट यूनिवर्सिटी ने न केवल अपनी अकादमिक गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ किया है, बल्कि छात्रों के लिए एक वैश्विक दृष्टिकोण और अनुभव प्राप्त करने के मार्ग भी खोले हैं। बेनेट विश्वविद्यालय के चांसलर और द टाइम्स ग्रुप के एमडी विनीत जैन और व्हाइटक्लिफ ग्लोबल के कार्यकारी अध्यक्ष फिरोज अली ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के समक्ष इस साझेदारी की औपचारिक घोषणा की।
समझौते से क्या-क्या होगा फायदा
यह सहयोग बेनेट विश्वविद्यालय के नव स्थापित स्कूल ऑफ डिजाइन के लिए लाभकारी होगा, क्योंकि यह छात्रों को बेजोड़ अंतर्राष्ट्रीय अनुभव, अंतर-सांस्कृतिक शिक्षा और उद्योग-संचालित नवाचार तक पहुंच प्रदान करेगा।
छात्रों को मिलेगा वैश्विक अनुभव
2016 में स्थापित बेनेट यूनिवर्सिटी में 11,500 से ज्यादा छात्र हैं, जो 15 से ज्यादा यूजी कोर्स, 10+ पीजी कोर्स और कुछ डॉक्टरेट प्रोग्राम में नामांकित हैं। यूनिवर्सिटी 50 से ज्यादा स्टार्टअप्स की जन्मभूमि रही है, जिन्होंने 120 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए हैं। भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में यह साझेदारी अब यूनिवर्सिटी को अपने शोध को आगे बढ़ाने और छात्रों को वैश्विक अनुभव प्रदान करने में मदद करेगी।
