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दिल्ली में BRICS 2026 से ठीक पहले बढ़ा राजनीतिक तापमान, चिदंबरम ने पूछा- 'देश को क्या मिल रहा?', BJP ने बताया 'नाराज फूफा'

BJP Pradeep Bhandari Naraz Fufa Remark: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के इस रुख की तुलना 'नाराज फूफा' से करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश की वैश्विक उपलब्धियों पर केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है।

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दिल्ली में BRICS 2026 से ठीक पहले बढ़ा राजनीतिक तापमान, चिदंबरम ने पूछा- 'देश को क्या मिल रहा?', BJP ने बताया 'नाराज फूफा'

BRICS Summit 2026 Delhi Chidambaram Statement: भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 की भव्य तैयारियों के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम द्वारा ब्रिक्स, G20, एससीओ (SCO) और क्वाड (QUAD) जैसे बहुपक्षीय मंचों से भारत को मिलने वाले 'ठोस नतीजों' पर सवाल उठाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के इस रुख की तुलना 'नाराज फूफा' से करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश की वैश्विक उपलब्धियों पर केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है।

पी. चिदंबरम ने क्या कहा था?

न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने पिछले कुछ ब्रिक्स सम्मेलनों की उपयोगिता पर सवाल खड़े किए थे:

ठोस नतीजों पर सवाल: चिदंबरम ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि पिछले दो या तीन ब्रिक्स सम्मेलनों से कोई ठोस नतीजा या प्रत्यक्ष लाभ निकला है। हम ब्रिक्स, एससीओ, जी20 और क्वाड के हिस्से हैं, लेकिन इससे भारत को क्या लाभ मिल रहा है? मुझे कोई लाभ नजर नहीं आ रहा।'

कूटनीतिक सार्थकता: उन्होंने तर्क दिया कि पहले ब्रिक्स सम्मेलनों से कुछ रणनीतिक और आर्थिक लाभ मिलते दिखे थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया केवल आयोजनों तक सीमित रह गई है।

भाजपा का तीखा पलटवार: 'नाराज फूफा' और 'FOMO' का शिकार

पी. चिदंबरम की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'अगर आप आज कांग्रेस को देखें, तो भारत द्वारा ब्रिक्स समिट की मेजबानी करने पर वे बिल्कुल उसी 'नाराज फूफा' की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जो हर खुशी के मौके पर रुठ जाता है। जब भी देश तरक्की करता है और भारत का वैश्विक मान-सम्मान बढ़ता है, कांग्रेस हमेशा उसका विरोध करती है।'

भंडारी ने आगे कहा कि कांग्रेस FOMO (Fear Of Missing Out) से पीड़ित है। कांग्रेस नेताओं को अब यह अहसास हो गया है कि वे न तो राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनते देख पाएंगे और न ही उनकी पार्टी को इतने बड़े वैश्विक आयोजन की मेजबानी का अवसर मिलेगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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