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Bengal: सत्ता बदलते ही हवा हो गई TMC नेताओं की पावर, जनता के गुस्से से बचने के लिए लौटा रहे हैं 'कट मनी'

Bengal: पश्चिम बंगाल में जनता के गुस्से के डर से टीएमसी नेता कट मनी वापस करने लगे हैं। बंगाल में टीएमसी पर आरोप है कि उसके राज में बिना कमीशन कोई काम नहीं होता था।

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बंगाल में टीएमसी नेता लौटाने लगे हैं कट मनी

Bengal: पश्चिम बंगाल में जैसे ही टीएमसी सत्ता से बाहर हुई और सरकार उसके नेताओं के अवैध कामों पर कार्रवाई करने लगी, हालात बदलने लगे। कल तक जो टीएमसी के नेता अवैध बसूली करते थे, आज पाई-पाई लौट रहे हैं। जिस तरह से बंगाल में टीएमसी के खिलाफ लोगों का गुस्सा दिख रहा है, उससे उसके नेता खौफ में हैं। कानूनी कार्रवाई के डर और जनता के बढ़ते आक्रोश से घबराकर अब टीएमसी के कुछ स्थानीय नेताओं ने एक नया रास्ता अख्तियार किया है। वे सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से कथित तौर पर वसूली गई 'कट मनी' (कमीशन) को खुद ही जनता को वापस करने लगे हैं।

क्या है पूरा मामला?

ऐसा ही एक हैरान करने वाला और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा मामला दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना इलाके से सामने आया है।मिली जानकारी के मुताबिक, नामखाना के एक स्थानीय टीएमसी नेता पर आरोप था कि उसने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री आवास योजना' (PMAY) के तहत पक्का मकान दिलाने के नाम पर इलाके के 45 लोगों से प्रति व्यक्ति ₹5,000 की अवैध वसूली (कट मनी) की थी।

जैसे ही राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई तेज हुई और स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़का, नेताजी ने खुद को कानूनी शिकंजे और जनता के विरोध से बचाने के लिए आनन-फानन में कैश लौटाने का फैसला किया।

  • कुल पीड़ित: 45 ग्रामीण
  • प्रति व्यक्ति वसूली: ₹5,000
  • लौटाई गई रकम: नेताजी ने ग्रामीणों को बुलाकर उनका पैसा उनके हाथों में वापस सौंप दिया।

क्यों आई पैसा लौटाने की नौबत?

इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:

1. कानूनी कार्रवाई का खौफ- पिछले कुछ समय में टीएमसी के कई कद्दावर नेताओं और मंत्रियों को जेल की हवा खानी पड़ी है। ऐसे में छोटे और स्थानीय नेताओं को डर है कि अगर ग्रामीणों ने उनके खिलाफ पुलिस या केंद्रीय एजेंसियों में लिखित शिकायत दर्ज करा दी, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

2. सार्वजनिक बहिष्कार और सामाजिक गुस्सा: बंगाल के ग्रामीण इलाकों में अब लोग 'कट मनी' और भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने लगे हैं। टीएमसी के सत्ता में आउट होने के बाद से कई जगह उनके नेता पिट भी चुके हैं।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

नामखाना का यह वीडियो सामने आने के बाद राज्य में एक बार फिर 'कट मनी' का मुद्दा गरमा गया है। बीजेपी ने टीएमसी को घेरते हुए कहा है कि यह वीडियो इस बात का पुख्ता सबूत है कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में बिना रिश्वत और 'कट मनी' के गरीब जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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