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बद्रीनाथ हाईवे पर बड़ा हादसा: अलकनंदा नदी में गिरा ट्रैवलर, कई लोगों की मौत की सूचना

Badrinath Highway Accident: उत्तराखंड के बद्रीनाथ हाईवे पर बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक यात्री वाहन (ट्रेवलर) अलकनंदा नदी में गिर गया। इस हादसे में कई लोगों की मौत की सूचना है। बताया जा रहा है कि वाहन में 16 से 17 लोग सवार थे।

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Badrinath highway Accident

Photo : PTI

Badrinath Highway Accident: उत्तराखंड के बद्रीनाथ हाईवे पर बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक यात्री वाहन ( टेंपो ट्रेवलर) अलकनंदा नदी में गिर गया। इस हादसे में कई लोगों की मौत की सूचना है। बताया जा रहा है कि वाहन में 16 से 17 लोग सवार थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि हादसे में करीब 12 लोगों की मौत हो गई। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

उधर, एसडीआरएफ ने कहा है कि रुद्रप्रयाग में बद्रीनाथ हाईवे के पास एक टेम्पो ट्रैवलर गहरी खाई में गिर गया, जिसमें करीब 17 यात्री सवार थे। अब तक दो घायलों को टीम ने एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया है। SDRF और पुलिस की टीम बचाव कार्य कर रही है।

दिल्ली से तुंगनाथ जा रहा था वाहन

अलकनंदा नदी में हादसे का शिकार हुआ वाहन दिल्ली के यात्रियों को लेकर जा रहा था, ये लोग दिल्ली से चोपता तुंगनाथ जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, हादसा रुद्रप्रयाग से कुछ पहले हुआ, जहां यहां वाहन सीधे गहरी खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में जाकर समा गया। वाहन जैसे ही नीचे गिरा तो यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। र्घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन बताया जा रहा है कि वाहन नियंत्रण खो देने के कारण यह हादसा हुआ। टैम्पो ट्रेवलर में सवार सभी यात्री बद्रीनाथ यात्रा के लिए निकले थे।

हादसे पर सीएम धामी ने जताया शोक

द्रप्रयाग में हुए हादसे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर लिखा, जनपद रुद्रप्रयाग में टेम्पो ट्रैवलर के दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत पीड़ादायक समाचार प्राप्त हुआ। स्थानीय प्रशासन व SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई है। घायलों को नज़दीकी चिकित्सा केंद्र पर उपचार हेतु भेज दिया गया है। ज़िलाधिकारी को घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें। बाबा केदार से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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