West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे सामने आने के बाद राज्य के दो सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती की गई है। टीएमसी सुप्रीमो ममता और अभिषेक बनर्जी दोनों को जेड+ सुरक्षा मिली हुई है, उस सुरक्षा में अभी तक कोई फेर बदल नहीं किया गया। लेकिन कोलकाता पुलिस की तरफ से अधिकतर फोर्स उनकी सुरक्षा में लगायी गई थी उसे बुधवार सुबह साढ़े छह बजे हटा लिया गया है।
गली से भी सुरक्षाकर्मियों को हटाया
ममता बनर्जी के आवास और अभिषेक बनर्जी के दफ्तर के बीच जो पुलिस का कियोस्क बनाया गया था वह आज खाली है, एक भी कोलकाता पुलिस का अधिकारी मौजूद नहीं हैं। ममता बनर्जी के आवास की गली में दाखिल होते ही दोनों तरफ सुरक्षा घेरा हटा दिया गया है। गली के मोड़ पर CM सिक्योरिटी के अधिकारी आने वाले लोगों का आईडी कार्ड चेक करते थे फिर उन्हें अंदर जाने देते थे। आज ना कोई पहचान पत्र चेक कर रहा है और न ही कोई बैरिकेड है। सुरक्षा अधिकारी भी अपनी जगह से चले गए हैं। अब ममता के पास सिर्फ जेड+ केटेगरी सुरक्षा है।
कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं
मंगलवार को पुलिसकर्मियों को नीले और सफेद रंग के बैरिकेड को हटाते हुए देखा गया, जिनके जरिये 30बी स्थित उनके आवास के पास की सड़क पर आम जनता की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालांकि, कोलकाता पुलिस की ओर से इस सिलसिले में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई थी, लेकिन मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें मंगलवार सुबह ममता के आवास के बाहर लगाए गए स्मार्ट बैरिकेड हटाने के निर्देश दिए गए। अधिकारी के मुताबिक, आदेश में बैरिकेड हटाने की कोई वजह नहीं बताई गई है। उन्होंने कहा, 'हमने उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन किया है।'
नेताओं की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा
हालांकि, वहां पुलिस चौकी अभी मौजूद है, लेकिन इलाके में उच्च स्तरीय सुरक्षा तैनाती में स्पष्ट रूप से कमी आई है। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कालीघाट इलाके में स्थित हरीश चटर्जी स्ट्रीट एक उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र रही है, जहां प्रवेश करने वाले वाहनों की अक्सर जांच की जाती थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी हटा लिया गया है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि निवर्तमान सरकार के नेताओं की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा चल रही है।
उन्होंने कहा, 'हम वर्तमान आवश्यकताओं के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।’ उन्होंने तृणमूल के कुछ नेताओं का नाम लिया, जिनकी सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाता है और मौजूदा स्थिति के अनुसार इसमें बदलाव किया जाता है।
