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यूपी की सभी 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव लड़ेगी चंद्रशेखर आजाद की पार्टी, जानें क्या बोले रावण

UP Politics: नगीना लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ये ऐलान किया है कि उत्तर प्रदेश में सभी 10 विधानसभा सीटों पर उनकी आजाद समाज पार्टी उपचुनाव लड़ेगी। आपको बताते हैं, सांसद आजाद ने आगामी चुनाव को लेकर क्या कुछ कहा।

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चंद्रशेखर आजाद 'रावण', सांसद, नगीना

Photo : PTI

Chandrashekhar Azad Plan for UP By-Election: लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद अब आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद अपनी पार्टी का तेजी से विस्तार करने की कोशिशों में जुट गए हैं। आजाद ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनाव में सभी सीट पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।

सभी 10 विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ने का ऐलान

चंद्रशेखर आजाद 'रावण' ने यहां फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के सरायईनायत में एक जनसभा में कहा, 'नगीना की जिस जनता ने हमें आशीर्वाद दिया है, उन्हीं के बल पर हम 10 की 10 विधानसभा सीट पर उपचुनाव मजबूती से लड़ेंगे।' आजाद ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में एक तरह का गुंडाराज चल रहा है जिसमें कहीं ठेलों पर नाम लिखवाया जाता है तो कहीं अधिकार मांगने पर लोगों को लाठियों से पीटा जाता है। यहां नौजवान रोजगार की आस में त्रस्त हैं और कोई सुनने वाला नहीं है।'

आजाद का दावा- तब तक आपकी सुनवाई नहीं हो सकती

उन्होंने कहा, 'पुलिस भर्ती की परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। परीक्षा दोबारा कराने की मांग किसी ने नहीं उठाई थी और मैंने ही बार बार यह मांग उठाई और अब लगता है कि राज्य सरकार जाग गई है।' आजाद ने कहा कि संविधान की वजह से वंचित तबके के लोग सम्मान का जीवन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राजनीति में आपकी भागीदारी नहीं होगी, आपकी बात सदन में रखने वाला नहीं होगा, तब तक आपकी सुनवाई नहीं हो सकती।

बसपा का नाम लिए बिना मायावती की पार्टी पर कसा तंज

आजाद ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का नाम लिए बगैर कहा कि उत्तर प्रदेश में कई ऐसी पार्टियां हैं जिनके विधानसभा में सदस्य हैं, लेकिन लोकसभा में एक भी सदस्य नहीं है जबकि आजाद समाज पार्टी का एक कार्यकर्ता आपके संघर्ष से लोकसभा में पहुंचा है। फूलपुर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रवीण पटेल के फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित होने के बाद इस सीट पर उपचुनाव होंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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