Assam News: हिमंत बिस्व सरमा के इस बयान से विवाद खड़ा हो सकता है, जिसमें उन्होंने ये दावा किया है कि अगले 10 सालों तक भाजपा को 'चार' (नदी के रेतीले) क्षेत्रों के मियां (मुसलमान) वोटों की आवश्यकता नहीं है, जब तक वो खुद को सुधार नहीं लेते और बाल विवाह जैसी प्रथाओं छोड़ नहीं देते। हालांकि सीएम सरमा ने आगे ये बोला कि उनके, पीएम मोदी और भाजपा के समर्थन में मियां लोग वोट दिए बिना ही पक्ष में नारेबाजी कर सकते हैं।
सीएम हिमंत का अजब-गजब बयान
बता दें, बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए मियां शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 'भाजपा लोक कल्याण करेगी और वे हमारा समर्थन करेंगे, लेकिन उन्हें हमें वोट देने की जरूरत नहीं है। हमारा समर्थन करने में कोई बुराई नहीं है। जब चुनाव आएगा, तो मैं खुद उनसे अनुरोध करूंगा कि वे हमें वोट न दें।'
आखिर सरमा ने क्यों रखी ये मांग?
आपको समझाते हैं कि आखिर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने मुसलमानों से भाजपा को वोट न देने की ये सलाह क्यों दी? उन्होंने अपने बयान में कहा कि 'जब आप (मुसलमान) बाल विवाह रोकेंगे, परिवार नियोजन का पालन करेंगे और कट्टरवाद से दूरी बनाएंगे, तब हमें वोट देंगे। ऐसा करने में इन्हें 10 साल लगेंगे और हम भी इसने अभी नहीं, 10 साल बाद ही वोट मांगेगे। इन्हें दो या तीन से अधिक बच्चे पैदा नहीं करने चाहिए, बाल विवाह रोकना चाहिए और अपने बेटियों को स्कूल भेजना चाहिए।' उन्होंने ये पत्रकारों के सवालों के जवाब में ये बात कही और 'चार' में रहने वाले मुसलमानों को ये सलाह दी कि उन्हें कट्टरवाद छोड़ सूफीवाद अपनाना चाहिए। अगर वो ऐसा करते हैं तभी मैं वहां वोट मांगने जाऊंगा।
हिमंत ने गांधी जी की प्रतिमा के चरण धोए
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान के तहत एक घंटे के श्रमदान के दौरान रविवार को झाड़ू उठाकर सड़क साफ की और महात्मा गांधी की प्रतिमा के चरण धोये। गांधी जयंती से एक दिन पहले 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के लिए 'श्रमदान' करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के तहत मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में उलुबरी छरियाली के पास गांधी मंडप की ओर जाने वाली सड़क के एक हिस्से को साफ किया और बाद में गांधी प्रतिमा के पैर धोये। शर्मा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'बापू के आदर्श और सिद्धांत हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर, हमारे पास इतिहास में एक नया अध्याय लिखने का अवसर है!' उन्होंने कहा, 'आइए ! एक साथ मिलकर कूड़ा रहित भारत की कल्पना को आगे बढ़ाएं और उस पर काम करें।'
