असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा उन पर किए गए राजनीतिक हमले पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस नेताओं गौरव गोगोई, भूपेश बघेल, जितेंद्र सिंह अलवर, और देबब्रत सैकिया के खिलाफ दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्रवाई शुरू करेंगे।
सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कानूनी कार्रवाई 9 फरवरी को शुरू की जाएगी। इससे पहले उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके खिलाफ झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बयान देने का आरोप लगाया। राजनीतिक दबाव से न झुकने की घोषणा करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमला करके भागने की राजनीति का युग समाप्त हो गया है और उन्होंने अपने विरोधियों को अदालत में अपने आरोपों को साबित करने की चुनौती दी। अगर उनमें जरा भी साहस या सबूत हैं, तो उन्हें हर आरोप को अदालत के सामने साबित करने दें।
सरमा ने कहा कि वह दुष्प्रचार, सुनियोजित मानहानि या राजनीतिक नाटकबाजी से डरने वाले नहीं हैं।उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर गांधी परिवार के इशारे पर काम करने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई द्वारा उन पर बोले गए राजनीतिक हमले के बाद आई।
'इसका उद्देश्य सरमा की राजनीतिक यात्रा और शासन शैली पर सवाल उठाना'
गोगोई ने हॉल्स एचबीएस डॉट कॉम नाम का पोर्टल लॉन्च करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सरमा की राजनीतिक यात्रा और शासन शैली पर सवाल उठाना है, और दावा किया कि इसमें मुख्यमंत्री के सार्वजनिक जीवन से संबंधित दस्तावेज, वीडियो और अन्य सामग्री शामिल हैं।
पहल का उद्देश्य असम की जनता के सामने तथ्य रखना व जवाबदेही को बढ़ावा देना
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई ने जोर देकर कहा कि इस पहल का उद्देश्य असम की जनता के सामने तथ्य रखना और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसी तरह की सामग्री वाला एक पर्चा भी जारी किया है, जिसे एक व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत पूरे राज्य में वितरित किया जाएगा। बघेल ने भी इन्हीं विचारों का समर्थन करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही को लोकतांत्रिक व्यवस्था का अनिवार्य तत्व बताया।
