Ashoka Vs Akbar: अक्सर सवाल उठता रहता है कि सम्राट अशोक और बादशाह अकबर में से कौन महान था। हालांकि दोनों को ही महान राजा की उपाधि दी जाती है। दोनों राज ही भारत के महान शासक थे। इन दोनों ने ऐसे काम किए और प्रशासनिक नियम निर्धारित किए जो आज दौर में भी स्वीकार्य हैं। दोनों अपने दौर में खूब लोकप्रिय थे। इन्होंने आम परंपरा से हटकर काम किया और इसी वजह से इतिहास में भी दर्ज हुए। जानने की कोशिश करते हैं कि दोनों राजाओं ने क्या-क्या काम किए थे और इनमें से किसे अधिक महान माना जा सकता है।
अशोका द ग्रेट
- अशोका द ग्रेट ने 304 B.C से 232 B.C तक राज किया था। जबकि अकबर महान ने 1542 A.D से 1605 A.D तक राज किया था।
- दोनों के शासनकाल में 1700 साल का अंतर था, लेकिन दोनों के बीच कई समानताएं मिलती हैं।
- सम्राट अशोक को इसलिए महानतन विजेता माना जा सकता है क्योंकि उन्होंने पूरे दक्षिण एशियाई प्रायद्वीप पर शासन किया था।
- अशोका द ग्रेट की प्रसिद्धि काफी हद तक उसके स्तंभ और शिलालेखों के कारण भी है, जिसके जरिए उनके विचार और कार्य सदियों बाद भी लोगों तक पहुंच सके।
- चंद्रगुप्त मौर्य के पोते अशोक मौर्य को एक आदर्श शासक के रूप में याद किया जाता है, जो अपनी विचारधारा के केंद्र में धर्म के साथ शांति और सम्मान को रखते थे और उन्होंने विशाल मौर्य साम्राज्य स्थापित किया था।
- कलिंग युद्ध में भारी हिंसा के बाद मिली विजय से अशोका का मन द्रवित हो उठा था। उन्होंने युद्ध को त्याग दिया था और एक नई नीति अपनाई जिसमें अहिंसा और भाईचारे का संदेश था।
अकबर महान
- मुगल बादशाहों में सिर्फ हुमायूं के बेटे अकबर को ही महान कहा जाता है। वही एक ऐसा बादशाह था, जिसे हिन्दू मुस्लिम दोनों वर्गों का बराबर प्यार और सम्मान मिला।
- अकबर ने हिन्दू-मुस्लिम संप्रदायों के बीच की दूरियां कम करने के लिए दीन-ए-इलाही नामक धर्म की स्थापना की थी।
- कहते हैं उसका दरबार सबके लिए हर समय खुला रहता था। उसके दरबार में मुस्लिम सरदारों की अपेक्षा हिंदू सरदार अधिक थे।
- अकबर ने अपने प्रशासन को केंद्रीकृत करके और गैर-मुस्लिमों (विशेष रूप से हिंदू राजपूतों) को साम्राज्य के ताने-बाने में शामिल करके साम्राज्य को मजबूत किया।
- अकबर जब सिंहासन पर आया, तो उसे एक सिकुड़ा हुआ साम्राज्य विरासत में मिला था, जो पंजाब और दिल्ली के आसपास के क्षेत्र में था। लेकिन अकबर ने अपने पराक्रम से बहुत बड़े इलाके पर शासन किया।
दोनों ने खूब नाम कमाया
दोनों राजाओं ने भारत में खूब नाम कमाया। ऐसे काम किए जिन्हें दुनिया आज भी याद करती है। लेकिन दोनों के शासनकाल में 1700 साल का बड़ा अंतर रहा। दोनों दौर में अलग-अलग चुनौतियां रहीं। लेकिन जिस तरह से अशोक दुनिया के लिए शांतिदूत बनकर उभरे, उसकी मिसाल इतिहास में शायद ही कहीं मिलती है। ऐसे में आप तय कर सकते हैं कि दोनों में किसे अधिक महान कहा जा सकता है।
