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जम्मू-कश्मीर को कैसे चलाएंगे उमर अब्दुल्ला? केजरीवाल बोले- वो मुझसे ले सकते हैं सलाह

Delhi: दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने इशारों-इशारों में केंद्र सरकार पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर जैसे ‘आधे राज्य' को चलाने में उमर अब्दुल्ला से अपना अनुभव साझा करने को तैयार हैं। AAP संयोजक ने उपराज्यपाल के शक्तियों के बारे में क्या कुछ कहा, आपको बताते हैं।

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अरविंद केजरीवाल ने उमर अब्दुल्ला को दिया ऑफर।

Arvind Kejriwal advice to Omar Abdullah: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को विधानसभा चुनाव जीतने पर बधाई दी और कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर जैसे ‘आधे राज्य’ को चलाने में कोई समस्या आती है तो वह (उमर) उनसे सलाह ले सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर के CM का पद संभालेंगे उमर अब्दुल्ला

केजरीवाल ने कहा, 'उमर अब्दुल्ला अगले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री का पदभार संभालेंगे। मैं उन्हें ‘इंडिया’ गठबंधन का मुख्यमंत्री बनने के लिए बधाई देता हूं। हम सफल सरकार चलाने में उनका पूरा समर्थन करेंगे और उम्मीद करते हैं कि जम्मू-कश्मीर उनके नेतृत्व में विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।' दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'दिल्ली को आधा राज्य इसलिए कहा जाता है कि मुख्यमंत्री के पास सीमित शक्तियां होती हैं। अब उन्होंने (भाजपा) जम्मू-कश्मीर को भी आधा राज्य बना दिया है, जिसका मतलब है कि निर्वाचित सरकार के पास न्यूनतम शक्तियां हैं, जबकि उपराज्यपाल के पास अधिक शक्तियां हैं।'

केजरीवाल ने कहा, 'मैं उमर से कहना चाहता हूं कि अगर उन्हें अपने काम में कोई कठिनाई आती है, तो मुझसे सलाह ले सकते हैं, क्योंकि मैंने दिल्ली में 10 साल तक सरकार चलाई है।' केजरीवाल आम आदमी पार्टी के मेहराज मलिक को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आप का पहला सदस्य चुने जाने पर लोगों को धन्यवाद देने के लिए डोडा में थे। केजरीवाल की मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भाजपा नीत केंद्र सरकार से कई बार तकरार हुई।

जम्मू-कश्मीर में जीत दर्ज करने वाले पहले AAP नेता

मलिक ने डोडा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गंजेय सिंह राणा को 4,538 मतों से हराया। मलिक ने इस सीट पर पूर्व मंत्रियों नेशनल कॉन्फ्रेंस के खालिद नजीब सुहरावर्दी और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अब्दुल मजीद वानी को भी शिकस्त दी। मलिक जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए जीत दर्ज करने वाले आप के पहले सदस्य बन गए।

केजरीवाल ने कहा, 'आप औपचारिक रूप से उमर के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन कर रही है और मुझे उम्मीद है कि उनकी सरकार मेहराज मलिक को जिम्मेदारी देगी ताकि वह न केवल डोडा के लिए काम कर सकें बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी सेवाएं भी दे सकें।'

मेहराज मलिक के बारे में क्या बोले अरविंद केजरीवाल?

आप नेता ने कहा कि मलिक ने धर्म के नाम पर जीत हासिल नहीं की है, बल्कि उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों को उठाया है। उन्होंने कहा, 'आम आदमी पार्टी डोडा और जम्मू-कश्मीर का विकास चाहती है...हम सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में नहीं हैं, बल्कि हम व्यवस्था के खिलाफ लंबे संघर्ष में हैं और लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए देश में एक अलग तरह की राजनीति शुरू करना चाहते हैं।'

मलिक को वोट देने के लिए लोगों को धन्यवाद देते हुए केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी की ऐतिहासिक जीत अगले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर की स्थिति और इतिहास को बदल देगी। उन्होंने कहा, 'आपने न केवल आप का बीज बोया है, बल्कि एक अलग तरह की राजनीति का बीज बोया है। आप एक पार्टी नहीं है, बल्कि एक नयी विचारधारा, नयी तरह की राजनीति का नाम है। आप गरीबों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्कूल स्थापित करती है, सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प करती है और लोगों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराती है।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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