जाके राखों साइयां मार सके ना कोई, बुलेटप्रूफ जैकेट को भेदकर निकली गोली पर्स में फंसी, बच गई सिपाही की जान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 22, 2019, 11:57 AM IST

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी को अचानक से गोली लग गई लेकिन इसके बावजूद भी उसकी जान बच गई।

जाके राखों साइयां मार सके ना कोई, बुलेटप्रूफ जैकेट को भेदकर निकली गोली पर्स में फंसी, बच गई सिपाही की जान
Photo Credit: ANI

फिरोजबाद: एक कहावत है कि 'जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई।' यह कहावत यूपी के एक पुलिसवाले पर बिल्कुल सटीक बैठती है। दरअसल शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में जब जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन हुए तो भीड़ उग्र हो गई और हिंसा भड़क उठी। इसी दौरान भीड़ से एक गोली चली और और चमत्कार ऐसा हुआ कि पुलिस कॉन्सटेबल विजेंदर कुमार को एक नया जीवन मिल गया। 

विजेंदर कुमार अपने एसएसपी के साथ ड्यूटी पर थे कि इसी दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने आ गए। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया और किसी ने पुलिस की तरफ गोली चला दी जो सीधे सिपाही विजेंदर कुमार को लगी। विजेंदर ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी लेकिन गोली जैकेट को चीरकर निकल गई और विजेंदर की शर्ट की जेब में रखे पर्स में जाकर फंस गईं।

उस समय तो विजेंदर को पता भी नहीं चला लेकिन शनिवार को जब सिपाही ने वर्दी उतारी तो उसके पर्स में गोली फंसी हुई थी जिसे देखर विजेंदर हैरान रह गया। तुरंत ही विजेंदर ने इसकी जानकारी अपने सीनियर अधिकारियों को दी। इस बारे में विजेंदर का कहना है कि यह उसका दूसरा जन्म हुआ है।  विजेंद्र का कहना है कि उसके पर्स में एटीएम के अलावा कुछ देवी देवताओं की तस्वीर भी थी।

आपको बता दें कि नागरिकता कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए जिसमें अब तक 16 लोगों की मौत भी हो गई है इनमें से मेरठ में चार, फिरोजाबाद में तीन, कानपुर और बिजनौर में दो-दो, वाराणसी, संभल, रामपुर और लखनऊ में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। हिंसक वारदात के मामले में अब तक पुलिस ने कुल 705 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि 4500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक टकराव स्‍थलों से पुलिस को गोलियों के 405 खाली खोखे मिले हैं। 

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