Russia Ukraine war: इंडियन स्टूडेंट्स की सुरक्षित निकासी और अहम मुद्दों पर PM मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 3, 2022, 12:13 AM IST

Ukraine-Russia War Update:यूक्रेन के युद्धग्रस्त हालातों के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहम मुद्दों पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है।

Russia Ukraine war: इंडियन स्टूडेंट्स की सुरक्षित निकासी और अहम मुद्दों पर PM मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात

PM Modi Talk with Vladimir Putin: यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार की रात एक बार फिर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से बात की, बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने पर चर्चा हुई है।

पीएम मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत के दौरान  यूक्रेन की स्थिति की समीक्षा की, विशेष रूप से खार्किव में जहां कई भारतीय छात्र फंसे हुए हैं उन्होंने संघर्ष क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी पर चर्चा हुई।

गौर हो कि यूक्रेन में रूस के हमले के बाद पीएम मोदी और पुतिन की यह दूसरी बातचीत है इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी को पुतिन से बातचीत की थी।

उधर रूस की तरफ से यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाये जाने के बीच भारत ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द खारकीव छोड़ने की एडवाइजरी जारी की और सभी भारतीयों को तुरंत खारकीव छोड़ने के लिए कहा गया है। दूतावास ने ट्वीट कर कहा है कि खारकीव में सभी भारतीय नागरिकों को तत्काल सलाह।

उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें तुरंत खारकीव छोड़ना होगा। उन्‍हें जल्‍द से जल्‍द पेसोकिन, बबाये और बेजल्‍युडोवाकिया की तरफ बढ़ने केा कहा गया है। सभी परिस्थितियों में उन्हें आज शाम 6 बजे (यूक्रेनी समय) तक इन बस्तियों में पहुंचना होगा।

UNGA में रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत ने खुद को दूर रखा

वहीं इस मामले पर ताजा घटनाक्रम के मुताबिक UNGA में रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत ने खुद को दूर रखा।193 सदस्यीय महासभा ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए मतदान किया और यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की कड़ी निंदा की। प्रस्ताव के पक्ष में 141 मत पड़े, पांच ने खिलाफ में मतदान किया और 35 ने भाग नहीं लिया। प्रस्ताव पारित होने पर महासभा में तालियां बजाई गईं। प्रस्ताव को महासभा में पारित होने के लिए 2/3 बहुमत की आवश्यकता थी। 

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