जमींदोज हुए Twin Tower, नोएडा अथॉरिटी की CEO की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें कैसी है अगल-बगल की बिल्डिंग की हालत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 28, 2022, 04:26 PM IST

सुपरटेक के ट्विन टॉवर को गिराने के बाद नोएडा की सीईओ रितु माहेश्वरी की पहली प्रतिक्रिया आई। उन्होंने कहा कि आस-पास की हाउसिंग सोसाइटियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। शाम 6.30 बजे के बाद लोगों को पड़ोसी सोसायटी में प्रवेश की अनुमति होगी। 

जमींदोज हुए Twin Tower, नोएडा अथॉरिटी की CEO की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें कैसी है अगल-बगल की बिल्डिंग की हालत
Photo Credit: ANI

नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टॉवर को गिरा दिया गया है। विस्फोटों के जरिए अवैध रूप से बनाए गए 100 मीटर ऊंचे सुपरटेक के ट्विन टॉवर को चंद सेकंड में गिराया गया। इस पर नोएडा की सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि मोटे तौर पर, आस-पास की हाउसिंग सोसाइटियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मलबे की चपेट में आने से पास की एटीएस सोसायटी की 10 मीटर की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई है। कहीं और से नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। अभी कुछ मलबा ही सड़क की तरफ आया है। साथ ही उन्होंने कहा कि सफाई की जा रही है, इलाके में गैस और बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। Supertech Twin Tower Demolition Live Updates: मिट्टी में मिल गए भ्रष्टाचार के टावर, जोरदार धमाके के साथ Twin Towers बने इतिहास

रितु माहेश्वरी ने कहा कि सुपरटेक ट्विन टावर्स का नियोजित विध्वंस दोपहर 2:30 बजे सफलतापूर्वक किया गया। सफाई का काम शुरू हो गया है और जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) की निगरानी की जा रही है और हम थोड़ी देर में डेटा जारी करेंगे। विध्वंस से पहले और बाद में AQI डेटा करीब समान है। शाम 7 बजे के आसपास, आसपास के खाली सोसाइटियों के निवासियों को अपने घरों में वापस जाने की अनुमति दी जाएगी। यहां करीब 100 पानी के टैंकर और 300 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। 

नोएडा सीपी ने कहा कि मोटे तौर पर योजना के अनुसार ही अभ्यास किया गया, विशेषज्ञ दल मौके पर हैं। फिलहाल आकलन किया जा रहा है। केवल विशेषज्ञ ही विध्वंस के बाद की स्थिति का पता लगा सकते हैं। हम अवशेष और बचे हुए विस्फोटकों का आकलन करने के लिए साइट पर जा रहे हैं यदि वे वहां छोड़े गए हैं।

एडिफिस के अधिकारी ने कहा कि सुपरटेक के टॉवर को गिराए जाने के बाद उससे सटे एमराल्ड कोर्ट में स्थित किसी भी रिहायशी इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। सुपरटेक के ट्विन टॉवर को गिराए जाने के बाद एडिफिस, जेट डिमोलिशन, सीबीआरआई और नोएडा के अधिकारियों की टीम ने आसपास की इमारतों का ढांचागत विश्लेषण शुरू किया।
 

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