Supertech Twin Tower Demolition Updates: एक धमाका और 300 करोड़ के Twin Towers बन गए इतिहास, धूल से ढका पूरा इलाका
Noida Supertech Twin Tower Demolition Updates (सुपरटेक ट्विन टावर विध्वंस): नोएडा में आज दोपहर 2.30 बजे सुपरटेक के ट्विन टावर्स को ढहा दिया गया। विस्फोट के बाद चंद सेकेंड में विशाल इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गिर गई। ढहाने के बाद भारी धुएं का गुबार उठा और दिन में अंधेरा छा गया है। दिल्ली के कुतुब मीनार से भी ऊंची 100 मीटर की इन इमारतों को गिराने के लिए 3700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया।
Noida Supertech Twin Tower Demolition Updates: नोएडा में आज दोपहर 2.30 बजे सुपरटेक के ट्विन टावर्स को गिरा दिया गया। विस्फोट के बाद उठा भारी धुएं का गुबार और दिन में अंधेरा छा गया है। दिल्ली के कुतुब मीनार से भी ऊंची 100 मीटर की इन इमारतों को गिराने के लिए 3700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। विस्फोट के बाद किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतेजाम किए थे। नोएडा की सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि मोटे तौर पर आस-पास की हाउसिंग सोसाइटियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। अभी कुछ मलबा ही सड़क की तरफ आया है। हमें एक घंटे में स्थिति का बेहतर अंदाजा हो जाएगा।
मौके पर करीब 650 पुलिसकर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 जवान, एनडीआरएफ की टीमें को लगाया गया था। एंबुलेंस, दमकल की गाड़ियां और पानी के टैंकर को भी एहतियातन वहां बुलाया गया था। उच्चतम न्यायालय ने एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी परिसर के बीच इस निर्माण को नियमों का उल्लंघन बताया था, जिसके बाद इन्हें ढहाने का काम किया गया। दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 93ए में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के भीतर 2009 से ‘एपेक्स’ (32 मंजिल) और ‘सियान’ (29 मंजिल) टावर निर्माणाधीन थे।
हवा की गुणवत्ता पर असर नहीं
नोएडा प्राधिकरण की सीओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि विध्वंस से पहले और बाद में AQI डेटा लगभग समान है। शाम 7 बजे के आसपास, खाली कराए गए सोसाइटियों के निवासियों को अपने घरों में वापस जाने की अनुमति दी जाएगी। यहां लगभग 100 पानी के टैंकर और 300 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
500 करोड़ का नुकसान: सुपरटेक
सुपरटेक लिमिटेड ने रविवार को कहा कि उसके टावरों को गिराने से 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कंपनी ने पीटीआई से कहा- "हमारा कुल नुकसान लगभग 500 करोड़ रुपये है, जिसमें जमीन खरीद, निर्माण लागत पर खर्च, विभिन्न अनुमोदनों के लिए अधिकारियों को भुगतान किए गए शुल्क, वर्षों से बैंकों को भुगतान किए गए ब्याज और खरीदारों को वापस भुगतान किए गए 12 प्रतिशत ब्याज शामिल है।"
सुरक्षा मंजूरी के बाद वापस लौटेंगे हटाए गए लोग
टावर गिराने के दौरान आसपास के घरों से हटाए गए लोगों को निरीक्षण दल से सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद वापस अपने-अपने घरों में जाने की अनुमति दी जाएगी।
काफी दिनों तक हवा में रहेगी धूल
एंटी स्मोक गन का इस्तेमाल
विस्फोट के बाद पैदा हुए धूलों को खत्म करने के लिए एंटी स्मोक गन का प्रयोग किया जा रहा था। साथ ही ट्रैक्टरों से भी पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि इलाके में फैली धूल को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके।
धूल के बादल
हटाई जा रही गंदगी
नोएडा सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि ब्लास्ट के बाद उत्पन्न गंदगी को हटाया जा रहा है। इलाके में गैस और बिजली की आपूर्ति कुछ देर में बहाल कर दी जाएगी। जबकि शाम 6.30 बजे के बाद लोगों को पड़ोसी सोसायटी में प्रवेश की अनुमति होगी।
पूरे प्लान के साथ काम कर टावर को गिराया गया- नोएडा पुलिस आयुक्त
नोएडा पुलिस आयुक्त ने कहा कि पूरे प्लान के साथ काम किया गया और टावर को गिराया गया। सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम थे जिस कारण से सब कुछ सही से हुआ। हम अवशेष और बचे हुए विस्फोटकों का आकलन करने के लिए साइट पर जा रहे हैं यदि वे वहां छोड़े गए हैं।
पूरे प्लान के साथ काम किया गया और टावर को गिराया गया। सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम थे जिस कारण से सब कुछ सही से हुआ। हम अवशेष और बचे हुए विस्फोटकों का आकलन करने के लिए साइट पर जा रहे हैं यदि वे वहां छोड़े गए हैं: नोएडा पुलिस आयुक्त pic.twitter.com/66Ks3wRUJF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 28, 2022
आस-पास की हाउसिंग सोसाइटियों को कोई नुकसान नहीं हुआ- रितु माहेश्वरी
नोएडा की सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि मोटे तौर पर आस-पास की हाउसिंग सोसाइटियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। अभी कुछ मलबा ही सड़क की तरफ आया है। हमें एक घंटे में स्थिति का बेहतर अंदाजा हो जाएगा।
Broadly, no damage to nearby housing societies. Only some bit of debris has come towards the road. We will get a better idea of the situation in an hour: Noida CEO Ritu Maheshwari #SupertechTwinTowers pic.twitter.com/7pfZHu2qGs
— ANI (@ANI) August 28, 2022
धूल को नीचे लाने के लिए एंटी-स्मॉग गन का हो रहा है इस्तेमाल
विध्वंस स्थल के बाद धूल को नीचे लाने के लिए हवा में पानी की बूंदों को स्प्रे करने के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया गया।
Noida, UP | Anti-smog gun to spray water droplets in the air to bring down dust installed in an area nearby the #SupertechTwinTowers demolition site pic.twitter.com/VcWyqJiawE
— ANI (@ANI) August 28, 2022
ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गिरी इमारत
नोएडा स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर को रविवार दोपहर 2.30 बजे गिरा दिया गया। विस्फोट के बाद चंद सेकेंड में विशाल इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गिर गई। अवैध रूप से निर्मित इन ट्विन टावर को धराशायी करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के एक साल बाद यह कार्रवाई की गई है।
#WATCH | Once taller than Qutub Minar, Noida Supertech twin towers, reduced to rubble pic.twitter.com/vlTgt4D4a3
— ANI (@ANI) August 28, 2022
ट्विन टावर को ढहाए जाने से पहले उत्सुकता का माहौल
नोएडा में सुपरटेक के करीब 100 मीटर ऊंचे अवैध ट्विन टावर को रविवार को ढहाया जाना है, ऐसे में इमारतों के आसपास उत्सुकता का माहौल है। अधिकारी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि इसमें किसी भी तरह की कोताही न हो। अदालत के निर्देश पर दोपहर ढाई बजे इन इमारतों को विस्फोट के जरिए ढहाया जाना है। इससे पहले क्षेत्र में व्यापक पुलिस तैनाती देखी गई। अधिकारियों ने पानी के टैंकर और धूल-रोधी गन भी तैनात कर रखी हैं।
विध्वंस के बाद धूल के बादल छाए
सुपरटेक के ट्विन टावर्स को ढहा दिया गया। ढहाने के बाद भारी धुएं का गुबार उठा और दिन में अंधेरा छा गया है।
#WATCH | Cloud of dust engulfs the area after the demolition of #SupertechTwinTowers in Noida, UP pic.twitter.com/U9Q0mtwe3r
— ANI (@ANI) August 28, 2022
दोनों इमारतों को गिराने के लिए 3700 किलोग्राम बारूद से किया गया ढेर
ट्विन टावर के धाराशायी होने का वीडियो सामने आया है। ट्विन टावर की दोनों इमारतों को गिराने के लिए 3700 किलोग्राम बारूद का विस्फोट हुआ। धवस्तीकरण की इस कार्रवाई में किसी तरह की सुरक्षा चूक न हो, प्रशासन की तरफ से इसकी पुख्ता तैयारी की गई।
#WATCH | 3,700kgs of explosives bring down Noida Supertech twin towers after years long legal battle over violation of construction laws pic.twitter.com/pPNKB7WVD4
— ANI (@ANI) August 28, 2022
जोरदार धमाके के साथ Twin Towers बने इतिहास
नोएडा में आज दोपहर 2.30 बजे सुपरटेक के ट्विन टावर्स को गिरा दिया गया। विस्फोट के बाद उठा भारी धुएं का गुबार और दिन में अंधेरा छा गया है।
#WATCH | Once taller than Qutub Minar, Noida Supertech twin towers, reduced to rubble pic.twitter.com/vlTgt4D4a3
— ANI (@ANI) August 28, 2022
राज्य में अवैध काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- अवनीश कुमार अवस्थी
सुपरटेक ट्विन टावर्स विध्वंस पर अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि इन अवैध ट्विन टावरों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्त कार्रवाई में ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था। ये एक संदेश देगा कि राज्य में अवैध काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महज 12 सेकेंड में ध्वस्त हो जाएगा ट्विन टावर
आईआईडीसी ने बताया कि ट्विन टावर को ध्वस्त किए जाने के लिए सीएसआईआर- सीबीआरआई के सहयोग से मुम्बई की मे. एडिफाइस इंजीनियरिंग एजेंसी का चयन किया गया है। एजेंसी ने पूर्व में कोचीन में ऐसी ही एक गगनचुंबी इमारत के सफलतापूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की है। ध्वस्तीकरण के लिए वॉटर फॉल इम्प्लोजन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो कि डिजाइन के अनुसार मनचाही दिशा में भवन को गिराने के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है। बीते 10 अप्रैल को एक टेस्ट ब्लास्ट भी किया गया था, जिसके नतीजों के आधार पर सीबीआरआई ने संशोधित ब्लास्ट डिजाइन तैयार की है। टॉवर को ध्वस्त करने के लिए करीब 3700 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री को स्टोर किया गया है। दोनों टावर में 9600 होल किए गए हैं, जहां विस्फोटक को रखा जा चुका है और अब इन्हें चार्ज किया जा रहा है। 28 अगस्त को दोपहर में ठीक 02:30 बजे एक बटन दबाने के महज 12 सेकेंड के भीतर 30 मंजिला टावर संख्या 16 और 31 मंजिला टावर संख्या 17 जमींदोज हो जाएगी।
मामले में आर्किटेक्ट समेत 26 नपे
नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई इस गगनचुम्बी इमारत के निर्माण में नोएडा विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों और बिल्डर की मिलीभगत की बात साबित हुई है। मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेढ़ दशक पुराने इस मामले की गहन जांच कराई। सितम्बर 2021 में सीएम योगी के आदेश पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में 04 सदस्यों की समिति गठित की गई। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में संलिप्त 26 अधिकारियों/कर्मचारियों , सुपरटैक लिमिटेड के निदेशक एवं उनके वास्तुविदों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ में दिनांक इसी मामले में अक्टूबर 2021 में प्राधिकरण के संलिप्त अधिकारी, सुपरटैक लिमिटेड के निदेशक तथा आर्किटेक्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। साथ ही, प्राधिकरण द्वारा जिला न्यायालय गौतमबुद्धनगर में प्राधिकरण कर्मियों तथा मेसर्स सुपरटैक लिमिटेड के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही के लिए मुकदमा भी दाखिल किया गया। मामले में संलिप्त ऐसे 04 अधिकारी, जो वर्तमान में अलग-अलग प्राधिकरणों में कार्यरत थे, को निलम्बित करते हुए शासन द्वारा उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
3 महीने में होगा 80,000 टन मलबे का निस्तारण
ध्वस्तीकरण के बाद उत्पन्न हुए मलबे के निस्तारण के लिए ध्वस्तीकरण एजेंसी ने सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। कुल पैदा होने वाले अनुमानित 80,000 टन मलबे का सेग्रीगेशन स्थल पर ही किया जाएगा और इस मलबे से स्टील व कंक्रीट को अलग किया जाएगा। करीब 50,000 टन मलबा ट्विन टॉवर के 02 बेसमेंट में समायोजित करने की तैयारी है, जबकि शेष 30,000 टन मलबे को नोएडा में निर्मित सीएंडडी प्लांट में वैज्ञानिक तरीक़े से प्रोसेस कर उसे टाइल्स आदि में परिवर्तित किया जाएगा। तय योजना के मुताबिक मलबे के निस्तारण की यह पूरी कार्यवाही अगले 03 माह में पूरी कर ली जाएगी। बहुमंजिली इमारत के गिराए जाने की कार्यवाही के बीच मुख्यमंत्री योगी ने पर्यावरणीय चुनौतियों का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में ध्वस्तीकरण के बाद वायु गुणवत्ता की जांच के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 06 जगहों पर उपकरण लगाए जाएंगे। ध्वस्तीकरण के फलस्वरूप जमा हुए मलबे के सेग्रीगेशन के समय पैदा होने वाली धूल से एमरॉल्ड टॉवर और एटीएस विलेज को बचाने के लिए 12 मीटर ऊंची जियो फाइबर क्लॉथ का उपयोग होगा। तो, धूल को साफ करने के लिए वॉटर टैंकर, स्प्रिंकलर तथा स्मॉग गन का उपयोग भी किया जाएगा। लगभग 02 किलोमीटर के दायरे में आने वाली सड़क के लिए स्वीपिंग मशीन भी लगाई जाएगी साथ ही अन्य सफाई कर्मी भी तैनात होंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा ट्विन टावर ध्वस्तीकरण की तैयारियों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा ट्विन टावर ध्वस्तीकरण की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्विन टावर ध्वस्तीकरण में कड़ाई से हो सुरक्षा मानकों का पालन।
हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं- सुपरटेक
ट्विन टावर्स को गिराने पर सुपरटेक कंपनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तकनीकी आधार पर निर्माण को संतोषजनक नहीं पाया और तदनुसार दोनों टावर को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं, इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एनडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा
नोएडा में विध्वंस शुरू होने से पहले एनडीआरएफ की टीम अपने अंतिम चरण की तैयारी में। कैनाइन वॉरियर्स को भी लाया गया है। ट्विन टावर को ढहाए जाने के मद्देनजर प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) के अलावा पुलिस और यातायात विभाग के लगभग 500 कर्मियों को वहां तैनात किया गया है।
#SupertechTwinTowers demolition | NDRF team in its final leg of preparations before the demolition begins in UP's Noida; canine warriors brought in as well pic.twitter.com/AEUgvgA1ZJ
— ANI (@ANI) August 28, 2022
ट्विन टावर ढहाए जाने से पहले 40 लावारिस कुत्तों को स्थानांतरित किया गया
नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर ढहाए जाने से पहले अदालत के आदेश पर कम से कम 40 लावारिस कुत्तों को रविवार को अस्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया गया। एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ने अधिकारियों से क्षेत्र में पक्षियों को बचाने के लिए, ट्विन टावरों को तोड़े जाने से ठीक पहले एक 'डमी' विस्फोट या झूठमूठ की गोलीबारी करने का अनुरोध किया है। 'हाउस ऑफ स्ट्रे एनिमल्स', 'फ्रेंडिकोज', 'सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स' (एसपीसीए) और 'हैप्पी टेल्स फाउंडेशन' सहित कई गैर सरकारी संगठनों ने आवारा कुत्तों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने के लिए काम किया है।
ट्विन टावर को गिराने में लगभग 18 करोड़ रुपए होंगे खर्च
ट्विन टावर के मलबे की कीमत लगभग 13 करोड़ रुपए होगी। धमाके के बाद धूल और धुआं 900 मीटर की ऊंचाई तक जा सकते हैं। ब्लास्ट के बाद धूल 3 किलोमीटर के दायरे में फैल सकती है। ट्विन टावर को गिराने में लगभग 18 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। टावरों को गिराने का खर्च सुपरटेक कंपनी को ही उठाना है, जिसने ये अवैध टावर बनाए थे
150 से 200 यातायात कर्मियों को किया गया तैनात
पुलिस उपायुक्त (यातायात) गणेश साहा ने बताया कि विभिन्न सड़कों पर प्रतिबंधों और मार्गों में बदलाव के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अलग से 150 से 200 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। साहा के मुताबिक, उनका विभाग यात्रियों को मार्ग परिवर्तन के बारे में सूचित कर रहा है और गूगल मैप इसकी अपडेट जानकारी उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदेह की सूरत में लोग जानकारी के लिए नोएडा के यातायात हेल्पलाइन नंबर 99710 09001 पर संपर्क कर सकते हैं।
एनडीआरएफ की टीम भी तैनात
560 पुलिस कर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 लोग, 4 क्विक रिस्पांस टीम और एनडीआरएफ टीम तैनात है। ट्रैफिक डायवर्जन प्वाइंट एक्टिव है। ब्लास्ट से ठीक पहले दोपहर करीब 2.15 बजे एक्सप्रेस-वे को बंद किया जाएगा। ब्लास्ट के आधे घंटे बाद ही धूल जमने के बाद इसे खोल दिया जाएगा। इंस्टेंट कमांड सेंटर में 7 सीसीटीवी कैमरे हैं। ट्रैफिक एक्सपर्ट हमारे साथ यहां सभी कंजेशन प्वाइंट्स पर नजर रख रहे हैं।
UP | NDRF team arrives for deployment in the area of demolition of #SupertechTwinTowers in Sector 93A
— ANI (@ANI) August 28, 2022
560 police personnel, 100 people from reserve forces, 4 Quick Response Teams are also deployed here pic.twitter.com/Zrjct7VByi
मलबे से 4 हजार टन स्टील निकलने का अनुमान
धमाके के बाद मलबा ट्विन टावर कॉम्प्लैक्स में ही गिरेगा। ब्लास्ट के बाद मलबा ऊपर से नीचे की तरफ गिरेगा। धमाके से लगभग 35 हजार क्यूबिक मीटर मलबा निकलेगा। पूरा मलबे को हटाने के लिए 3 हजार ट्रक की जरूरत होगी। ट्विन टावर के मलबे को साफ करने में 3 महीने का समय लगेगा। मलबे से 4 हजार टन स्टील निकलने का अनुमान है।
ट्विन टावर के पास की दो सोसाइटी से सभी लोगों को निकाला गया
नोएडा में रविवार को सुपरटेक के ढहाए जाने वाले ट्विन टावर के पास स्थित दो सोसाइटी में रह रहे कम से कम 5,000 लोगों को निकालने का काम पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों ने रविवार सुबह ये जानकारी देते हुए बताया कि एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटी से निवासियों को निकालने का काम सुबह सात बजे तक पूरा किया जाना था, लेकिन इसमें थोड़ा वक्त लगा। निकासी कार्य पर नजर रख रहे एक अधिकारी ने बताया कि ध्वस्तीकरण अपराह्न ढाई बजे होना है, जिसे देखते हुए सेक्टर 93ए की दो सोसाइटी में रसोई गैस और बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई है।
पिकनिक प्वॉइंट बना ट्विन टावर, लोग ले रहे हैं सेल्फी
जहां एक तरफ आस-पास की सोसायटी में रहने वाले लोग खौफ के साये में रह रहे हैं वहीं, तो वहीं कुछ लोगों के यह एक पिकनिक स्पॉट की तरह बन गया है। लोग सुबह चार बजे से यहां पहुंच कर सेल्फी ले रहे हैं। यहां ट्विन टावर के आसपास मीडिया का जमावड़ा तो है ही साथ में सैकड़ों किलोमीटर दूर से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं और ध्वस्त होने से पहले टावर के सामने एक सेल्फी लेना चाहते हैं।
दोनों टावर को गिराना बहुत बड़ा टास्क
दोनों टावर बहुत मजबूती से बनाए गए थे। इन दोनों टावर को बनाने में 4000 टन स्टील और आयरन लगा है। इसमें सीमेंट के जो पिलर्स हैं, वो सामान्य पिलर्स से कहीं ज्यादा मोटे और चौड़े हैं। इनमें काफी बड़ी मात्रा में स्टील और सरिया का इस्तेमाल किया गया। ये टावर्स इसलिए भी मजबूत बनाए गए थे, क्योंकि नोएडा भूकंप के सेस्मिक जोन 4 में आता है, जिसका मतलब ये है कि नोएडा में भूकंप का खतरा ज्यादा है। इसी वजह से नोएडा में नई और बड़ी इमारतें भूकंपरोधी तकनीक से बनाई जाती हैं और वो सामान्य इमारतों के मुकाबले ज्यादा मजबूत होती हैं। इस मजबूती की वजह से इन दोनों टावर को गिराना बहुत बड़ा टास्क है।
ट्विन टावर के पास स्पेशल डस्ट मशीन लगाई गई
नोएडा के ट्विन टावरों को आज गिराया जाएगा। विध्वंस के बाद प्रदूषण स्तर की निगरानी के लिए ट्विन टावर के पास स्पेशल डस्ट मशीन लगाई गई है। भारत में इससे बड़ी बिल्डिंग पहले कभी नहीं गिराई गई थी। दो साल पहले कोच्चि में 19 फ्लोर की 3 बिल्डिंग गिराई गई थी। जो नियमों को ताक पर रखकर समुद्र के किनारे बनाई गई थी।
उत्तर प्रदेश: नोएडा के ट्विन टावरों को आज गिराया जाएगा। विध्वंस के बाद प्रदूषण स्तर की निगरानी के लिए विध्वंस स्थल पर स्पेशल डस्ट मशीन लगाई गई है।#SupertechTwinTowers pic.twitter.com/vJOBApqtKv
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 28, 2022
ट्विन टावर को गिराएगी Jet demolition कंपनी
नोएडा में ट्विन टावर गिराने को लेकर जिस कंपनी को ये टास्क मिला है, उसने पहले भी कई बल्डिंग गिराई है। इस कंपनी ने अफ्रीका, दुबई, कोच्चि में बिल्डिंग गिराई है। कंपनी का नाम है Jet demolition।
ब्लास्ट को लेकर बनाया गया इमरजेंसी रूट
नोएडा के डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि ब्लास्ट के लिए इमरजेंसी रूट बनाया है ताकि इमरजेंसी होने पर ग्रीन कॉरिडोर से ले जाया जा सके। सब कुछ सेट है तो कोई दिक्कतें नहीं आएंगी। सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है। हमने पहले से ही डायवर्जन शेयर किया था इसलिए ट्रैफिक की भी कोई दिक्कत नहीं है।
ब्लास्ट के लिए इमरजेंसी रूट बनाया है ताकि इमरजेंसी होने पर ग्रीन कॉरिडोर से ले जाया जा सके। सब कुछ सेट है तो कोई दिक्कतें नहीं आएंगी। सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है। हमने पहले से ही डायवर्जन शेयर किया था इसलिए ट्रैफिक की भी कोई दिक्कत नहीं है: DCP ट्रैफिक, नोएडा #SupertechTwinTowers pic.twitter.com/ockAP9iK8R
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 28, 2022
ट्विन टावर ढहाने से पहले पास की इमारतों से लोगों को निकाला गया
नोएडा में सुपरटेक के जल्द ही ढहाए जाने वाले ट्विन टावर के निकट स्थित दो हाउसिंग सोसाइटी को खाली कराया गया है। अधिकारियों ने रविवार सुबह ये जानकारी देते हुए बताया कि एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटी के लगभग 5,000 निवासियों को निकालने का काम सुबह सात बजे तक पूरा किया जाना था। निकासी प्रक्रिया पर नजर रख रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर निवासी पहले ही बाहर जा चुके हैं और कई निवासी कल शाम स्वयं ही चले गए थे।
4 क्विक रिस्पांस टीम और एनडीआरएफ की टीम भी तैनात
डीसीपी सेंट्रल राजेश एस ने कहा कि 560 पुलिस कर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 लोग, 4 क्विक रिस्पांस टीम और एनडीआरएफ टीम तैनात है। ट्रैफिक डायवर्जन प्वाइंट एक्टिव है। ब्लास्ट से ठीक पहले दोपहर करीब 2.15 बजे एक्सप्रेस-वे को बंद किया जाएगा। ब्लास्ट के आधे घंटे बाद ही धूल जमने के बाद इसे खोल दिया जाएगा। इंस्टेंट कमांड सेंटर में 7 सीसीटीवी कैमरे हैं। ट्रैफिक एक्सपर्ट हमारे साथ यहां सभी कंजेशन प्वाइंट्स पर नजर रख रहे हैं।
#SupertechTwinTowers demolition | 560 police personnel, 100 people from reserve forces, 4 Quick Response Teams & NDRF team deployed. Traffic diversion points activated: DCP Central Rajesh S (1/2) pic.twitter.com/G5gOK0Mtwj
— ANI (@ANI) August 28, 2022
सेक्टर 137 के एक अस्पताल में रिजर्व किए गए 50 बेड
किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन से निपटने के लिए ट्विन टावर के पास फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तैयार रहेंगे। सेक्टर 137 के एक अस्पताल में 50 बेड रिजर्व किए गए हैं। 26 अगस्त से 31 अगस्त तक नोएडा में ड्रोन पर रोक लगा दी गई है। ट्विन टावर के पास केवल 10 लोगों को जाने की इजाजत है, जिसमें इंजीनियरिंग कंपनी एडिफिस और जेट डिमोलिशन के एक्सपर्ट शामिल हैं।
ट्विन टावर्स को गिराए जाने से पहले कुत्तों को बचाने के लिए जुटा एनजीओ
सुपरटेक ट्विन टावर्स को गिराए जाने से पहले अंतिम क्षण में कुत्तों को बचाने के लिए एनजीओ का एक संयुक्त बल काम कर रहा है। एनजीओ के एक सदस्य ने कहा कि हमने आज लगभग 30-35 कुत्तों को बचाया है, हम उनमें से प्रत्येक को बाहर निकालने पर काम कर रहे हैं।
UP | A combined force of NGOs is working to rescue dogs at the last moment before the #SupertechTwinTowers demolition today
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 28, 2022
We have today saved almost 30-35 dogs, we're working on getting out each & every one of them: NGO member pic.twitter.com/fdm1Qt2wJi
अलर्ट पर जेपी अस्पताल
जेपी अस्पताल ने कहा कि अस्पताल सेक्टर 128 नोएडा में कल के विध्वंस के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हमने कल के लिए आठ आपातकालीन विभाग बेड और 12 आईसीयू बेड समर्पित किए हैं। साथ ही, सभी आवश्यक दवाओं और उपकरणों से लैस एक एसीएलएस एम्बुलेंस किसी भी दुर्घटना के लिए स्टैंडबाय पर होगी। स्थिति को संभालने के लिए आपातकालीन विभाग के डॉक्टरों, महत्वपूर्ण देखभाल विशेषज्ञों, आर्थोपेडिक सर्जनों और न्यूरोसर्जन सहित डॉक्टरों का एक समूह अस्पताल में उपलब्ध रहेगा। अस्पताल का प्रशासन अन्य सभी सहायक कर्मचारियों के साथ जिम्मेदारी संभालने के लिए सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा हमारे ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में ब्लड को स्टॉक में रखा गया है ताकि इसका उपयोग किया जा सके।
पुलिस ने सुपरटेक ट्विन टावर्स के आसपास के क्षेत्र को खाली करने की घोषणा की
नोएडा पुलिस ने सेक्टर 93ए नोएडा में सुपरटेक ट्विन टावर्स के आसपास के क्षेत्र को खाली करने की घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक लगाने और उन्हें जोड़ने का सारा काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।
Uttar Pradesh | Police announce to vacate the area around Supertech Twin Towers in Sector 93A, Noida where cranes have started coming in. pic.twitter.com/ESyf4gFemm
— ANI (@ANI) August 28, 2022
करीब 400 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी और एनडीआरएफ के जवान तैनात
डीसीपी (सेंट्रल) राजेश एस ने बताया कि करीब 400 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी और एनडीआरएफ के जवान भी तैनात किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील शर्मा ने बताया कि छह एंबुलेंस मौके पर रहेंगी और जिला अस्पताल के साथ फैलिक्स और यथार्थ अस्पताल में भी बिस्तर आरक्षित किए गए हैं।
मलबे के साथ 35,000 घन मीटर धूल का गुबार भी पैदा होगा
नोएडा ट्विन टावर जब गिरेगा तो मलबे के साथ 35,000 घन मीटर धूल का गुबार भी पैदा होगा। इस वहां से एक बार में हटाने के लिए 1200 से 1300 ट्रक लगाने पड़ेंगे। जो मलबा निकलेगा उसकी कीमत 13 करोड़ तक होगी। टावर को गिराने में करीब 18 करोड रुपए का खर्च आएगा।
हाई अलर्ट पर अस्पताल
सुपरटेक ट्विन टावरों के विध्वंस से यूपी के नोएडा में धूल के कारण वायु प्रदूषण पैदा होने की आशंका है। ऐसे में सेक्टर93A के पास के अस्पताल किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
नोएडा पुलिस ने जारी की अंतिम चेतावनी
ATS विलेज और एमराल्ड कोर्ट को खाली करने के लिए नोएडा पुलिस ने जारी की अंतिम चेतावनी। दिल्ली के कुतुब मीनार से भी ऊंची 100 मीटर की इन इमारतों को गिराने के लिए 3700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया है।
ट्विन टावर्स को आज दोपहर 2:30 बजे किया जाएगा ध्वस्त
सेक्टर 93ए के तहत नोएडा में सुपरटेक ट्विन टावर्स को आज दोपहर 2:30 बजे ध्वस्त कर दिया जाएगा। सेक्टर-93-ए में बने 103 मीटर ऊंचे एपेक्स और 97 मीटर ऊंचे सियान टावर को ध्वस्त करने के लिए 3700 किलो विस्फोटक अलग-अलग फ्लोर पर लगाया गया है। तस्वीरें आज सुबह की हैं।
उत्तर प्रदेश: सेक्टर 93ए के तहत नोएडा में सुपरटेक ट्विन टावर्स को आज दोपहर 2:30 बजे ध्वस्त कर दिया जाएगा। तस्वीरें आज सुबह की हैं। pic.twitter.com/Zoy9eC9B9G
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 28, 2022
दोपहर 2:15 से लेकर 2:45 तक बंद रहेगा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे
डीसीपी (यातायात) गणेश पी साहा ने बताया कि डायवर्जन लागू करने का कार्य देर रात पूरा कर लिया गया। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे दोपहर 2:15 से लेकर 2:45 तक बंद रहेगा। उन्होंने बताया कि धूल का गुबार अगर एक्सप्रेस-वे की तरफ रहा, तो इसे कुछ और देर के लिए बंद रखा जा सकता है। एक्सप्रेस-वे के बंद रहने की जानकारी गूगल मैप पर करीब पौने घंटे पहले दिखाई देनी शुरू हो जाएगी, ऐसे में वैकल्पिक मार्ग भी गूगल मैप द्वारा बताया जाएगा।
3700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का होगा इस्तेमाल
दिल्ली के कुतुब मीनार से भी ऊंची 100 मीटर की इन इमारतों को गिराने के लिए 3700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी परिसर के बीच इस निर्माण को नियमों का उल्लंघन बताया था, जिसके बाद इन्हें ढहाने का काम किया जा रहा है।
टावर्स की ऊंचाई 100 मीटर से ज्यादा
इन टावर्स की ऊंचाई 100 मीटर से ज्यादा है। कुतुब मीनार भी 73 मीटर ऊंचाई की है। भारत में इससे बड़ी बिल्डिंग पहले कभी नहीं गिराई गई थी। दो साल पहले कोच्चि में 19 फ्लोर की 3 बिल्डिंग गिराई गई थी, जो नियमों को ताक पर रखकर समुद्र के किनारे बनाई गई थी।
दोनों टावर से निकलेगा करीब 60 हजार टन मलबा
नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने बताया कि करीब 60 हजार टन मलबा दोनों टावर से निकलेगा। इसमें से करीब 35 हजार टन मलबे का निस्तारण कराया जाएगा। ध्वस्तीकरण के बाद उठने वाली धूल को साफ करने के लिए कर्मचारी, स्वीपिंग मशीन, एंटी स्माग गन और पानी छिड़कने की मशीन के साथ वहां मौजूद रहेंगे।
आज जमींदोज हो जाएगा ट्विन टॉवर, काउंटडाउन जारी
नोएडा के सेक्टर-93-ए में दो अवैध टावर को आज दोपहर ढाई बजे विस्फोट से ढहा दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 10 से 12 सेकंड लगेंगे। टावर गिराने के लिए जेट डेमोलिशन, एडफिस इंजीनियरिंग और सीबीआरआई की टीम शनिवार को टावर के अंदर विस्फोटक से जुड़े वायर की जांच और ‘ट्रिगर’ दबाए जाने की तैयारियों को अंतिम रूप देती रही। नोएडा प्राधिकरण और पुलिस अधिकारी आसपास की व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे रहे।
जमींदोज करने की तैयारी करीब करीब पूरी
एडफिस इंजीनियरिंग को लगभग 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर को सुरक्षित रूप से ढहाने का जिम्मा सौंपा गया था। कंपनी ने इस जोखिम भरे काम के लिए दक्षिण अफ्रीका की जेट डिमॉलिशन्स से हाथ मिलाया है। उसे दोनों टावर को कुछ इस तरह से गिराना है कि महज नौ मीटर की दूरी पर स्थित आवासीय इमारतों को कोई नुकसान न पहुंचे। इस पूरी प्रक्रिया पर स्थानीय नोएडा प्राधिकरण नजर रखेगा।पुलिस उपायुक्त (डीसीपी-यातायात) गणेश साहा ने बताया कि नोएडा सेक्टर 93ए स्थित ट्विन टावर की ओर जाने वाले मार्ग को रविवार सुबह परिवर्तित किया जाएगा, जबकि इमारतों से बमुश्किल 200 मीटर की दूरी पर स्थित नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे अपराह्न दो बजे से अपराह्न तीन बजे तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगा।
साहा ने कहा कि मार्ग में परिवर्तन और यातायात की ताजा स्थिति की जानकारी गूगल मैप पर अद्यतन की जाती रहेगी।डीसीपी (मध्य नोएडा) राजेश एस ने कहा कि सुचारू कानून एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगभग 400 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा और पीएसी एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मी भी हर प्रकार भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैनात रहेंगे।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों और दवाओं से लैस छह एम्बुलेंस घटनास्थल पर तैनात करेगा। जिला अस्पताल और यथार्थ, फेलिक्स और जेपी जैसे निजी अस्पतालों में बिस्तर आरक्षित रखे गए हैं। नोएडा के ट्विन टावर को 15 सेकेंड से भी कम समय में ढहाने के लिए ‘इंप्लोजन तकनीक’ का सहारा लिया जाएगा।
कोई और तकनीक अपनाने पर दो साल लगते
नोएडा में सुपरटेक के अवैध ट्विन टावर को सुरक्षित तरीके से गिराने के लिए दो ही विकल्प थे, पहला विस्फोटक से कुछ सेंकेट में गिरा दिया जाए या फिर तोड़ा जाए जिसमें डेढ़ से दो साल का समय लगता। यह बात विशेषज्ञों ने कही।यह इमारत करीब 100 मीटर ऊंची है जो कुतुब मीनार से भी ऊंची है। इमारत को गिराने का काम कर रहे एडफिस इंजीनियरिंग के अधिकारी ने बताया कि इसे 28 अगस्त को ‘‘वाटर फॉल इम्प्लोजन’ तकनीक से सुरक्षित तरीके से गिराया जाएगा।उन्होंने बताया कि एपेक्स टावर (32 मंजिला) और सियान (29 मंजिला) 15 सेंकेड से भी कम समय में ताश के पत्ते की तरह गिरा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि साथ ही सुनिश्चित किया जाएगा कि आसपास की इमारतों को नुकसान नहीं पहुंचे, जिसमें से एक इमारत महज नौ मीटर की दूरी पर स्थित है। एडफिस के साझेदार उत्कर्ष मेहता ने बताया कि वे ‘‘150 प्रतिशत’’ आश्वस्त हैं कि ट्विन टावर सुरक्षित और उनके द्वारा परिकल्पित दिशा में गिरा दिए जाएंगे। उन्होंने आसपास की इमारतों में रह रहे लोगों को आश्वस्त किया कि पेंट और प्लास्टर में ‘‘मामूली दरार’’ के अलावा उनके घरों को कोई नुकसान नहीं होगा।
जब उनसे पूछा गया कि ट्विन टावर को गिराने के लिए उनके पास कितने विकल्प थे, तो मेहता ने कहा कि उनके पास किसी भी ढांचे को गिराने के लिए तीन विकल्प - डायमंड कटर, रोबोट का इस्तेमाल और ‘इम्प्लोजन’ (ध्वस्त करना) है।उन्होंने कहा , ‘‘इमारत को गिराने का तरीका तीन आधारों- लागत, समय और सुरक्षा- पर चुना गया। मेहता ने बताया कि ‘डायमंड कटर’ तकनीक से इमारत को पूरी तरह से गिराने में करीब दो साल का समय लगता और इसपर ‘इम्प्लोजन’ तकनीक के मुकाबले पांच गुना लागत आती।उन्होंने कहा, ‘‘इस तकनीक के तहत ऊपर से नीचे की ओर क्रेन की मदद से प्रत्येक खंभों, दीवारों और बीम को काट-काट कर अलग करना होता।’मेहता ने कहा कि रोबोटिक्स तकनीक का इस्तेमाल करने पर करीब डेढ़ से दो साल का समय लगता और इस दौरान भारी शोर होता जिसकी वजह स एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज में रहने वालों को पेरशानी होती। उन्होंने कहा कि इस तरीके से इमारत गिराने पर डायमंड कटर के मुकाबले कम लेकिन ‘इम्प्लोजन’ के मुकाबले अधिक लागत आती।
बच्चे बोले- टीवी पर गिरते देखा है विशाल इमारतें
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर के सामने पार्क में बैठा 14 वर्षीय मोहम्मद जुल्फिकार अपने दोस्तों को बता रहा है कि किस तरह विशाल ट्विन टावर रविवार को ताश के पत्तों की तरह ढह जाएंगे।सौ मीटर ऊंचे टावर को दूर से देखते हुए 10 वर्षीय इरफान ने कहा, ‘‘हम भीड़ से बचने के लिए रविवार तड़के ही यहां पहुंच जाएंगे और इस जगह से दोनों टावर को गिराने का दृश्य बिल्कुल साफ दिखाई देगा। टावर की ऊंचाई करीब 100 मीटर है, जो कुतुब मीनार से भी अधिक है। इमारत को गिराने का काम कर रहे एडफिस इंजीनियरिंग के अधिकारी ने बताया कि इसे रविवार को ‘‘वाटर फॉल इम्प्लोजन’ तकनीक से सुरक्षित तरीके से गिराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एपेक्स टावर (32 मंजिला) और सियान (29 मंजिला) 15 सेंकेड से भी कम समय में ताश के पत्तों की तरह गिरा दिए जाएंगे।
इस कार्रवाई से जुड़ी जटिलताओं से बेपरवाह अली, इरफान और पास के गांव गेझा की झुग्गी-बस्ती में रहने वाले कई अन्य बच्चे रविवार को टावर गिराए जाने का दृश्य देखने को उत्सुक नजर आये।सबीना खानम (16), जिनकी मां ट्विन टावर से सटे सुपरटेक ‘एमराल्ड कोर्ट’ के एक फ्लैट में काम करती हैं, जैसे अन्य लोगों को लगता है कि यह विडंबना है कि इमारतों को तोड़ा जा रहा है जबकि कई लोगों को छत मयस्सर नहीं हैजुल्फिकार ने अपने दोस्तों से कहा, ‘‘तुमको पता है एक दम गिरेगा ये, धड़-धड़। नाहिद ने कहा, ‘‘हमने सुना है कि दोनों टावर को गिराने के लिए भारी मात्रा में विस्फोटक लगाए गए हैं। मैंने टीवी पर केवल फिल्मों में ऐसे दृश्य देखे हैं लेकिन असल जीवन में कभी नहीं देखा, इसलिए मैं इसे देखने का मौका नहीं छोड़ सकती। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल अगस्त में ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। ट्विन टावर को रविवार को गिराया जाना है।

