नोएडा में रविवार को जैसे ही भ्रष्टाचार के ट्विन टावर्स जमीदोंज हुए तो धूल का गुबार और मलबे का अंबार बता रहा था कि नोएडा के ट्विन टावर में किस कदर लूट की गई। कैसे एक बहुमंजिला इमारत को घूस के दम पर 15 मंजिल से 32 मंजिल तक पहुंचा दिया गया था। अब उस घूस कांड पर कानून का डंडा चलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 सरकारी अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। CM ऑफिस से इन अफसरों की लिस्ट भी जारी हो गई है।
जारी की लिस्ट
जिन अधिकारियों की लिस्ट जारी हुई हैं वो टावर बनते समय किसी न किसी पद पर नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी में तैनात थे। इनके संरक्षण में ही इमारत को 15 से 32 मंजिल बनाने की मंजूरी दी गई थी। यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'जो दोषी होंगे वो बक्शे नहीं जायेंगे।अपने स्तर पर भी देखेंगे और जरूरत पड़ी तो आगे भी अन्य पर भी कार्रवाई होगी।' बता दें कि CM ऑफिस से जो लिस्ट जारी हुई है, उसमें से अधिकतर अफसर रिटायर हो चुके हैं। तत्कालीन अफसरों के अलावा सुपरटेक लिमिटेड के चार निदेशक और आर्किटेक्ट भी आरोपियों की लिस्ट में शामिल हैं।'

करप्शन टावर हुआ ध्वस्त, अब बारी करप्ट बाबूओं की
भ्रष्टाचार की इमारत ट्विन टावर ध्वस्त हो गई है। अब बारी भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति पर अमल करते हुए इस भ्रष्टाचार में शामिल 26 अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। CM ऑफिस ने जारी की दोषी अधिकारियों की लिस्ट, यह वो अधिकारी है जब ए टावर बन रहा था तब किसी न किसी पद पर नोएडा अथॉरिटी में तैनात थे। ये इनके संरक्षण में ही इस इमारत को 15 मंजिल से 32 मंजिल बनने की बुनियाद रखी गई थी।
आपको बता दें कि इस मामले पर कोर्ट के आदेश के बाद एक उच्च स्तरीय जांच हुई थी जिसमें नोएडा विकास प्राधिकरण के 26 अधिकारियों को ट्विन टावर्स के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार में शामिल होने का दोषी पाया गया था। इसके अलावा सुपरटेक कंपनी के चार निदेशक और दो आर्किटेक्ट भी भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए थे।

