Abhishek Banerjee: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें, राज्यपाल ने न्यायपालिका पर कमेंट पर दिया कार्रवाई का आदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 30, 2022, 03:15 PM IST

Abhishek Banerjee: न्यायपालिका की आलोचना करने वाली टिप्पणी को लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में राज्यपाल ने कार्रवाई का आदेश दिया है।

Abhishek Banerjee: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें, राज्यपाल ने न्यायपालिका पर कमेंट पर दिया कार्रवाई का आदेश
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Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने सोमवार को मुख्य सचिव को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) की सीबीआई जांच के आदेश के लिए न्यायपालिका की आलोचना करने वाली टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सोमवार को जारी एक बयान में राज्यपाल धनखड़ ने कहा कि डायमंड हार्बर सांसद की न्यायपालिका को टारगेट करने वाली टिप्पणी को अनदेखा या गिना नहीं जा सकता। 

राज्यपाल शनिवार को हल्दिया में एक रैली में अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी की ओर इशारा कर रहे थे, जहां उन्होंने राज्य में हर मामले में सीबीआई जांच के आदेश देने के लिए एक प्रतिशत न्यायपालिका पर हमला किया था। अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि मुझे ये कहते हुए शर्म महसूस हो रही है कि न्यायपालिका में एक या दो ऐसे लोग हैं जो प्रत्येक मामले में सीबीआई जांच का आदेश दे रहे हैं। ये न्यायपालिका का केवल एक प्रतिशत है। 

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें

न्यायपालिका पर अभिषेक बनर्जी की टिप्पणियों के बाद राज्यपाल धनखड़ ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव हरि कृष्ण द्विवेदी और पुलिस आयुक्त को टीएमसी नेता के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और 6 जून तक रिपोर्ट करने के लिए एक नोट भेजा कि मामले में क्या कदम उठाए गए हैं। राज्यपाल ने कहा कि अभिषेक बनर्जी की आरोप लगाने वाली टिप्पणी न्यायपालिका को बदनाम करने के साथ न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप और कानून के शासन के लिए बहुत कम सम्मान दिखाती है। 

तृणमूल कांग्रेस और राज्यपाल के बीच गतिरोध और बढ़ा

इससे पहले रविवार को राज्यपाल धनखड़ ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने सीबीआई जांच के संबंध में न्यायपालिका के फैसले की आलोचना करके लाल रेखा को पार कर लिया और राज्य के मुख्य सचिव से तत्काल उचित कार्रवाई शुरू करने का आह्वान किया। वहीं इस घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस और राज्यपाल के बीच गतिरोध को और बढ़ा दिया है। जुलाई 2019 में धनखड़ के राज्यपाल बनने के बाद से उनकी राज्य सरकार के साथ गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।

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