और ज्यादा 'खतरनाक' और 'आत्मनिर्भर' हुआ 'तेजस फाइटर जेट' कई टारगेट पर एक साथ नजर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 24, 2021, 10:33 PM IST

Tejas fighter jet update: भारतीय वायु सेना में शामिल किए जाने वाले 123 एलसीए तेजस में कम से कम 51 फीसदी में देसी रडार ‘उत्तम’ लगेगा ऐसा कहा जा रहा है।

और ज्यादा 'खतरनाक' और 'आत्मनिर्भर' हुआ 'तेजस फाइटर जेट' कई टारगेट पर एक साथ नजर

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के बेड़े में शामिल तेजस फाइटर जेट (Tejas fighter jet) को लेकर अच्छी खबर सामने आ रही है, मीडिया रिपोर्टो के मुताबिक बताया जा रहा है कि 123 तेजस फाइटर में लगभग 51 फीसद में देशी रडार उत्तम एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (Active Electronically Scanned Array- AESA) लगेगा,  खास बात ये है कि उत्तम रडार को भारत में ही बनाया गया है और ये खासा शक्तिशाली है इससे तेजस फाइटर जेट की मारक क्षमता में भी इजाफा होने की बात कही जा रही है।

यह रडार इजरायल के रडार को रिप्लेस करेंगे, गौरतलब है कि भारत रक्षा क्षेत्र में देशी तकनीक और देशी अविष्कार पर जोर दे रहा है। 83 तेजस के ऑर्डर के साथ ही इस जेट के लिए दिए गए कुल ऑर्डर की संख्‍या 123 हो गई है।

तेजस में पहले इजरायली कंपनी का रडार था जिसे अब रिप्लेस किया जा रहा है, बताते हैं कि यह रडार दुश्मन के ठिकानों को पहचानने और वहां से हाई रिजोल्यूशन में तस्वीर लेने में सक्षम हैं।

इसे दूसरे रडार की तुलना में काफी श्रेष्ठ बताया जा रहा है, इस रडार की खासियत है कि हवा में जमीन में और समुद्र में सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।

उत्तम रडार इतना ताकतवर है कि वह एक साथ कई टारगेट्स पर नजर रख सकेगा, इस रडार का निर्माण बेंगलुरु में हुआ है।

स्वदेशी रडार 'उत्तम' के बाद इजरायली रडार का आयात बंद कर दिया जाएगा, वायुसेना को जो 83 तेजस मार्क-1ए जेट्स मिलने वाले हैं उनमें उत्तम रडार लगा रहेगा।

DRDO के मुताबित उत्तम राडार उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया है। इसमें नेविगेशन टेरेन एवॉयडेंस और वेदर मोड है जिससे बारिश के समय और घने बादलों के बीच भी ये रडार बेहतर परफार्म कर सकने में सक्षम है।

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